एसईसीएल के विकास कार्यों की केंद्रीय मंत्री ने की समीक्षा
कोयला एवं खान राज्य मंत्री सतीश चन्द्र दुबे ने मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय से की मुलाकात, डिजिटल पोर्टल और आधुनिक स्वास्थ्य सुविधाओं का किया शुभारंभ

बिलासपुर/रायपुर। भारत सरकार के कोयला एवं खान राज्य मंत्री सतीश चन्द्र दुबे ने मंगलवार को साऊथ ईस्टर्न कोलफील्ड्स लिमिटेड (एसईसीएल) का एक दिवसीय दौरा कर कंपनी के उत्पादन, परिचालन, आधारभूत संरचना विकास तथा भविष्य की योजनाओं की विस्तृत समीक्षा की। दौरे के दौरान उन्होंने रायपुर में छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय से सौजन्य भेंट कर कोयला क्षेत्र के विकास, ऊर्जा सुरक्षा और औद्योगिक प्रगति से जुड़े विषयों पर चर्चा की।
बैठक में राज्य और केंद्र सरकार के समन्वय से विकास परियोजनाओं को गति देने, लॉजिस्टिक्स कनेक्टिविटी को मजबूत करने तथा कोयला क्षेत्रों में रोजगार एवं आर्थिक गतिविधियों को बढ़ावा देने पर विशेष जोर दिया गया। केंद्रीय मंत्री ने कोयला क्षेत्र के विकास में राज्य सरकार द्वारा दिए जा रहे सहयोग की सराहना की।
एसईसीएल मुख्यालय में आयोजित समीक्षा बैठक में कोयला उत्पादन एवं प्रेषण, गुणवत्ता प्रबंधन, सुरक्षा मानकों, डिजिटलीकरण, पर्यावरणीय पहल, कोल गैसीकरण, माइन क्लोजर और कॉर्पोरेट सामाजिक दायित्व (सीएसआर) गतिविधियों की प्रगति का आकलन किया गया। बैठक में एसईसीएल के अध्यक्ष-सह-प्रबंध निदेशक हरीश दुहन, निदेशकगण, मुख्य सतर्कता अधिकारी, कोयला मंत्रालय के वरिष्ठ अधिकारी तथा कंपनी के अन्य अधिकारी उपस्थित रहे।
समीक्षा के दौरान केंद्रीय मंत्री ने सुरक्षित एवं सतत खनन को प्राथमिकता देने, आधुनिक तकनीकों के अधिकतम उपयोग और परिचालन दक्षता में निरंतर सुधार की आवश्यकता पर बल दिया। उन्होंने कहा कि एसईसीएल देश की ऊर्जा सुरक्षा को मजबूत करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है और उत्पादन के साथ पर्यावरण संरक्षण एवं सामाजिक उत्तरदायित्व भी समान रूप से महत्वपूर्ण हैं।
उन्होंने विशेष रूप से कहा कि सीएसआर गतिविधियों के माध्यम से कोयला क्षेत्रों में अंतिम व्यक्ति तक विकास और जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ पहुंचाया जाना चाहिए, जिससे स्थानीय समुदायों के जीवन स्तर में सुधार हो।
इस अवसर पर एसईसीएल के अध्यक्ष-सह-प्रबंध निदेशक हरीश दुहन ने बताया कि वित्तीय वर्ष 2026-27 में कोल इंडिया द्वारा अब तक हासिल 100 मिलियन टन उत्पादन उपलब्धि में एसईसीएल का योगदान सबसे अधिक 26.86 मिलियन टन रहा है। उन्होंने कहा कि कंपनी राष्ट्र की ऊर्जा आवश्यकताओं की पूर्ति के लिए पूरी प्रतिबद्धता के साथ कार्य कर रही है।
दौरे के दौरान डिजिटल परिवर्तन की दिशा में महत्वपूर्ण कदम उठाते हुए केंद्रीय मंत्री ने ई-डाडास (डिज़ाइन एंड ड्रॉइंग अप्रूवल इन एसईसीएल) पोर्टल तथा हॉस्पिटल मैनेजमेंट एंड इंफॉर्मेशन सिस्टम (एचएमआईएस) पोर्टल का शुभारंभ किया। ई-डाडास पोर्टल से आधारभूत परियोजनाओं से संबंधित डिज़ाइन और ड्रॉइंग की ऑनलाइन जांच, मॉनिटरिंग एवं स्वीकृति प्रक्रिया अधिक पारदर्शी और तेज होगी। वहीं एचएमआईएस पोर्टल अस्पतालों में स्वास्थ्य सेवाओं के डिजिटलीकरण और मरीजों के रिकॉर्ड प्रबंधन को बेहतर बनाएगा।
इसके अतिरिक्त केंद्रीय मंत्री ने बिलासपुर स्थित इंदिरा विहार स्वास्थ्य केंद्र में स्थापित अत्याधुनिक 5-पार्ट हेमेटोलॉजी एनालाइज़र यूनिट का उद्घाटन किया। यह मशीन रक्त संबंधी जांचों को अधिक सटीक, तेज और त्रुटिरहित बनाने में सहायक होगी तथा संक्रमण एवं विभिन्न रोगों की बेहतर पहचान सुनिश्चित करेगी।
उद्घाटन के बाद मंत्री ने स्वास्थ्य केंद्र का निरीक्षण कर उपलब्ध चिकित्सा सुविधाओं की जानकारी ली और गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराने के लिए किए जा रहे प्रयासों की सराहना की। दौरे को एसईसीएल के आधुनिकीकरण, डिजिटल बदलाव और ऊर्जा क्षेत्र की मजबूती की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।


































