12वें वेतन समझौते पर हरिद्वार सिंह का बड़ा बयान: ‘बिना संघर्ष मजदूरों को हक नहीं मिलेगा
पांचों श्रमिक यूनियनों की एकजुटता पर दिया जोर, बोनस में कम से कम 10 प्रतिशत वृद्धि की जताई उम्मीद
कोयला मजदूरों के वेतन समझौते, बोनस और आंदोलन की रणनीति पर प्रख्यात मजदूर नेता हरिद्वार सिंह ने रखी अपनी बात
जमुनाकोतमा कोयला उद्योग में 12वें वेतन समझौते, श्रमिकों के बोनस और आंदोलन की आगामी रणनीति को लेकर प्रख्यात मजदूर नेता हरिद्वार सिंह ने महत्वपूर्ण बयान दिया है उन्होंने स्पष्ट कहा कि कोयला मजदूरों को उनके अधिकार बिना संघर्ष और एकजुटता के हासिल नहीं होंगे। उनके मुताबिक, अब समय है कि पांचों श्रमिक यूनियनें जमीनी स्तर पर अपनी चट्टानी एकता बनाए रखें, ताकि मजदूरों के हितों से जुड़े मुद्दों पर प्रबंधन और सरकार के समक्ष मजबूती से पक्ष रखा जा सके
हरिद्वार सिंह ने कहा कि 12वें वेतन समझौते के लिए जेबीसीसीआई का गठन भारत सरकार के निर्देश पर होता है। हाल ही में अपेक्स जेसीसी की बैठक में कोल इंडिया के शीर्ष नेतृत्व और प्रबंधन के बीच चर्चा हुई थी, जिसमें सकारात्मक बातचीत होने की जानकारी सामने आई। इसी के चलते 12 तारीख को प्रस्तावित संयुक्त कन्वेंशन में आंदोलन की रूपरेखा तैयार करने की प्रक्रिया फिलहाल स्थगित की गई है
उन्होंने बताया कि प्रबंधन की ओर से मंत्रालय को पत्र भेजने की बात कही गई है। उम्मीद है कि मंत्रालय से सकारात्मक निर्णय सामने आएगा, जिसके बाद आगे की प्रक्रिया शुरू हो सकेगी
‘बिना आंदोलन आज तक कोई वेतन समझौता लागू नहीं हुआ
हरिद्वार सिंह ने श्रमिक आंदोलन के महत्व को रेखांकित करते हुए कहा कि अब तक बिना संघर्ष और आंदोलन के कोई भी जेबीसीसीआई वेतन समझौता लागू नहीं हुआ है उन्होंने कहा कि जब तक कोयला मजदूरों की ताकत प्रबंधन और सरकार के सामने बनी रहेगी, तभी तक श्रमिक अपने अधिकारों के लिए प्रभावी ढंग से आवाज उठा सकेंगे
उन्होंने कहा कि यदि मजदूरों की एकजुटता कमजोर पड़ती है और यूनियनों के बीच बिखराव आता है, तो इसका सीधा नुकसान श्रमिकों को उठाना पड़ सकता है। इसलिए पांचों श्रमिक यूनियनों को आपसी मतभेदों से ऊपर उठकर मजदूरों के हित में एक साथ खड़े रहने की आवश्यकता है
हरिद्वार सिंह ने जोर देते हुए कहा कि वेतन समझौते से लेकर बोनस तक, हर महत्वपूर्ण मुद्दे पर यूनियनों की एकजुटता ही मजदूरों की ताकत है। उन्होंने श्रमिकों से भी एकजुट रहने और अपने अधिकारों के प्रति जागरूक रहने की अपील की
3 और 4 अक्टूबर को कोलकाता में अपेक्स जेसीसी की बैठक
वेतन समझौते और बोनस को लेकर आगामी गतिविधियों की जानकारी देते हुए हरिद्वार सिंह ने बताया कि 3 और 4 अक्टूबर को कोलकाता में अपेक्स जेसीसी की बैठक प्रस्तावित है। इस बैठक में बोनस सहित श्रमिकों से जुड़े विभिन्न महत्वपूर्ण विषयों पर चर्चा होगी
उन्होंने कहा कि वर्तमान परिस्थितियों में प्रबंधन और यूनियन नेताओं के बीच बातचीत के माध्यम से सकारात्मक रास्ता निकालने की आवश्यकता है। श्रमिकों को बेहतर लाभ दिलाने के लिए यूनियनें अपने स्तर पर प्रयास कर रही हैं
हरिद्वार सिंह के अनुसार, चार नए लेबर कोड लागू होने के बाद प्रबंधन के सामने कुछ नई परिस्थितियां और असुविधाएं उत्पन्न हुई हैं। ऐसे में बोनस के विषय पर होने वाली आगामी बैठक और वार्ता महत्वपूर्ण होगी
दुर्गा पूजा और दशहरा से पहले बोनस मिलने की उम्मीद
कोयला मजदूरों के बोनस को लेकर हरिद्वार सिंह ने उम्मीद जताई कि दुर्गा पूजा और दशहरा से पहले बोनस का भुगतान हो सकता है। उन्होंने बताया कि इस संबंध में वे रांची भी गए थे और श्रमिकों को पिछले वर्ष की तुलना में अधिक बोनस दिलाने के लिए प्रयास किए जा रहे हैं।
उन्होंने कहा कि पिछले वर्ष कोयला मजदूरों को 1 लाख 3 हजार रुपये बोनस मिला था। इस बार यूनियनों का प्रयास रहेगा कि बोनस की राशि में गुणात्मक वृद्धि हो, जिससे श्रमिकों को आर्थिक रूप से अधिक लाभ मिल सके।
हरिद्वार सिंह ने कहा कि बोनस की राशि को लेकर सभी यूनियनें मिलकर चर्चा करेंगी और सामूहिक प्रयास से ऐसा निर्णय कराने की कोशिश होगी, जिससे कोयला मजदूरों को अधिकतम लाभ मिल सके
कोयला उत्पादन और डिस्पैच बढ़ा, तो मजदूरों को भी मिले लाभ’
हरिद्वार सिंह ने कोयला उद्योग के उत्पादन और डिस्पैच में हुई वृद्धि का उल्लेख करते हुए कहा कि जब कोयला उत्पादन और डिस्पैच में बढ़ोतरी हुई है, तो इसका लाभ श्रमिकों को भी मिलना चाहिए।
उन्होंने बोनस में कम से कम 10 प्रतिशत वृद्धि की उम्मीद जताते हुए कहा कि प्रबंधन और यूनियन नेताओं के बीच वार्ता के बाद सकारात्मक परिणाम निकलने की संभावना है। हालांकि, बोनस की अंतिम राशि पर निर्णय आगामी बातचीत और संबंधित प्रक्रिया के बाद ही स्पष्ट होगा।
उन्होंने कहा कि कोयला मजदूर उद्योग की प्रगति में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। उत्पादन बढ़ाने से लेकर उद्योग को आगे ले जाने तक श्रमिकों का योगदान अहम है। इसलिए उनके आर्थिक हितों और सुविधाओं को भी प्राथमिकता दी जानी चाहिए
एकजुटता और संघर्ष से ही मजबूत होगा मजदूरों का पक्ष
हरिद्वार सिंह ने अपने बयान में दोहराया कि 12वें वेतन समझौते और बोनस जैसे महत्वपूर्ण मुद्दों पर श्रमिकों को एकजुट रहना होगा। उन्होंने कहा कि केवल बैठकों और वार्ताओं से ही मजदूरों के हित सुनिश्चित नहीं होते, बल्कि जमीनी स्तर पर संगठन की मजबूती और श्रमिकों का समर्थन भी जरूरी है
उन्होंने उम्मीद जताई कि आगामी अपेक्स जेसीसी बैठक और प्रबंधन के साथ होने वाली चर्चाओं से वेतन समझौते तथा बोनस के मुद्दे पर सकारात्मक पहल सामने आएगी। साथ ही उन्होंने स्पष्ट किया कि मजदूरों के अधिकारों की रक्षा के लिए यूनियनों की एकता और संघर्ष की भावना बनाए रखना आवश्यक है
हरिद्वार सिंह का संदेश साफ है कि कोयला मजदूरों के हितों की रक्षा के लिए पांचों यूनियनों की एकजुटता, मजबूत संगठन और निरंतर प्रयास सबसे महत्वपूर्ण हैं


































































