योग से स्वस्थ जीवन का संदेश, सीसीएल में अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस पर हजारों कर्मियों ने किया योगाभ्यास
सीएमडी निलेंदु कुमार सिंह सहित निदेशकगण, सीवीओ एवं अधिकारियों ने लिया निरोगी जीवनशैली अपनाने का संकल्प
रांची। अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस के अवसर पर सेंट्रल कोलफील्ड्स लिमिटेड (सीसीएल) द्वारा जवाहरनगर क्लब, कांके रोड स्थित परिसर में विशेष योग सत्र का भव्य आयोजन किया गया। “योग से निरोगी जीवन” के संदेश के साथ आयोजित इस कार्यक्रम में सीसीएल के शीर्ष प्रबंधन, अधिकारियों, कर्मचारियों एवं उनके परिवारजनों ने उत्साहपूर्वक भाग लेते हुए योग को दैनिक जीवन का हिस्सा बनाने का संकल्प लिया।
कार्यक्रम में सीसीएल के सीएमडी निलेंदु कुमार सिंह के नेतृत्व में निदेशक (वित्त) पवन कुमार मिश्रा, निदेशक (मानव संसाधन) हर्ष नाथ मिश्र, निदेशक (तकनीकी/संचालन) चंद्र शेखर तिवारी, निदेशक (योजना एवं परियोजना) अनुप हंजुरा, मुख्य सतर्कता अधिकारी पंकज कुमार सहित वरिष्ठ अधिकारियों और कर्मचारियों ने सामूहिक रूप से योगाभ्यास किया।
विशेष योग सत्र का संचालन प्रसिद्ध योगगुरु इंद्रजीत चटर्जी द्वारा किया गया। उन्होंने उपस्थित प्रतिभागियों को विभिन्न योगासन, प्राणायाम एवं ध्यान की विधियों का अभ्यास कराया। उन्होंने कहा कि योग केवल शारीरिक व्यायाम नहीं बल्कि स्वस्थ शरीर, शांत मन और संतुलित जीवन की संपूर्ण जीवन पद्धति है। नियमित योग से व्यक्ति शारीरिक रूप से सशक्त होने के साथ मानसिक तनाव से मुक्ति एवं सकारात्मक ऊर्जा प्राप्त कर सकता है।
इस अवसर पर सीसीएल के गांधीनगर अस्पताल सहित कंपनी के सभी क्षेत्रों एवं इकाइयों में भी योग कार्यक्रम आयोजित किए गए। इन कार्यक्रमों में क्षेत्रीय महाप्रबंधकों, श्रमिक संगठनों के प्रतिनिधियों, हितधारकों, कर्मचारियों तथा उनके परिजनों ने बढ़-चढ़कर भागीदारी निभाई।
सीसीएल प्रबंधन ने कहा कि कंपनी अपने कर्मियों के शारीरिक एवं मानसिक स्वास्थ्य को सर्वोच्च प्राथमिकता देती है। भारतीय संस्कृति की अमूल्य धरोहर योग को कार्य संस्कृति का हिस्सा बनाकर स्वस्थ, सुरक्षित एवं ऊर्जावान कार्य वातावरण का निर्माण करने के लिए सीसीएल निरंतर प्रयासरत है।
योग दिवस के इस आयोजन ने कर्मचारियों के बीच स्वास्थ्य जागरूकता, मानसिक शांति और संतुलित जीवनशैली का संदेश प्रसारित किया। सामूहिक योगाभ्यास के साथ सभी उपस्थित लोगों ने नियमित योग करने और स्वयं के साथ समाज को भी स्वस्थ बनाने का संकल्प लिया।




































