विशेष अभियान-6 में एसईसीएल का बड़ा स्वच्छता लक्ष्य, 40 लाख वर्गफीट क्षेत्र होगा साफ
3,300 मीट्रिक टन स्क्रैप निस्तारण से मिलेगा राजस्व, 225 स्थलों पर चलेगा अभियान; ई-वेस्ट और लंबित फाइलों के निपटारे पर भी जोर
बिलासपुर, 23 सितंबर। साउथ ईस्टर्न कोलफील्ड्स लिमिटेड (एसईसीएल) ने भारत सरकार के प्रशासनिक सुधार एवं लोक शिकायत विभाग (DARPG) के मार्गदर्शन में संचालित विशेष अभियान-6 के तहत व्यापक स्वच्छता एवं प्रशासनिक सुधार की तैयारी शुरू कर दी है। अभियान के अंतर्गत एसईसीएल के विभिन्न प्रतिष्ठानों में 225 स्थलों को चिन्हित कर करीब 40 लाख वर्गफीट क्षेत्र की सफाई का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। इसके साथ ही 3,300 मीट्रिक टन स्क्रैप के निस्तारण का लक्ष्य रखा गया है।
अभियान का कार्यान्वयन चरण 2 अक्टूबर से 31 अक्टूबर 2026 तक चलेगा। इस दौरान स्वच्छता के साथ कार्यालयीन स्थानों के बेहतर उपयोग, स्क्रैप प्रबंधन, ई-वेस्ट के व्यवस्थित निस्तारण, रिकॉर्ड प्रबंधन तथा प्रशासनिक लंबित कार्यों को कम करने पर विशेष ध्यान दिया जाएगा।
ई-वेस्ट के संग्रहण और निस्तारण पर विशेष फोकस
विशेष अभियान-6 में इस वर्ष इलेक्ट्रॉनिक कचरे यानी ई-वेस्ट के प्रभावी संग्रहण, पृथक्करण और जिम्मेदाराना निस्तारण को प्रमुखता दी गई है। एसईसीएल के विभिन्न कार्यालयों एवं प्रतिष्ठानों में पुराने और अनुपयोगी इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों की पहचान कर उन्हें निर्धारित प्रक्रिया के तहत एकत्रित एवं अलग किया जाएगा।
ई-वेस्ट के पर्यावरणीय प्रभाव को कम करने के लिए उसके निर्धारित मानकों के अनुसार निस्तारण की कार्रवाई की जाएगी। इसके साथ ही कर्मचारियों और अन्य हितधारकों को ई-वेस्ट के सुरक्षित एवं पर्यावरणीय रूप से जिम्मेदार प्रबंधन के प्रति जागरूक करने के लिए विभिन्न गतिविधियां भी आयोजित की जाएंगी।
500 भौतिक फाइलों और 7 हजार ई-फाइलों की होगी समीक्षा
अभियान को केवल स्वच्छता तक सीमित न रखते हुए एसईसीएल ने प्रशासनिक कार्यप्रणाली को अधिक प्रभावी बनाने के लिए रिकॉर्ड प्रबंधन पर भी लक्ष्य निर्धारित किए हैं। अभियान अवधि में 500 भौतिक फाइलों की समीक्षा और 200 भौतिक फाइलों के निस्तारण का लक्ष्य है।
इसी तरह 7,000 ई-फाइलों की समीक्षा तथा 3,000 ई-फाइलों को बंद करने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। इससे पुराने एवं अनावश्यक रिकॉर्ड को व्यवस्थित करने, कार्यालयों में उपलब्ध स्थान का बेहतर उपयोग करने तथा प्रशासनिक कार्यों को अधिक सुव्यवस्थित बनाने में मदद मिलेगी।
3,300 टन स्क्रैप निस्तारण का लक्ष्य
अभियान के तहत चिन्हित 225 स्थलों पर सफाई के दौरान अनुपयोगी सामग्री और स्क्रैप को हटाने की कार्रवाई की जाएगी। एसईसीएल ने इस वर्ष 3,300 मीट्रिक टन स्क्रैप के निस्तारण का लक्ष्य रखा है। इससे एक ओर कार्यालय एवं औद्योगिक परिसरों में अनावश्यक सामग्री कम होगी, वहीं स्क्रैप के निस्तारण से कंपनी को राजस्व भी प्राप्त होगा।
पिछले अभियान में 43 लाख वर्गफीट से अधिक क्षेत्र की हुई थी सफाई
विशेष अभियान-5 के दौरान एसईसीएल ने निर्धारित लक्ष्य से अधिक कार्य किया था। अभियान में 203 स्थलों के लक्ष्य के मुकाबले 229 स्थलों पर स्वच्छता गतिविधियां संचालित की गईं। इस दौरान 43 लाख वर्गफीट से अधिक क्षेत्र की सफाई की गई और 6,400 मीट्रिक टन से अधिक स्क्रैप का निस्तारण किया गया।
स्क्रैप निस्तारण से एसईसीएल को करीब 24 करोड़ रुपये का राजस्व प्राप्त हुआ था। अभियान की निर्धारित अवधि समाप्त होने के बाद भी स्वच्छता एवं स्थान प्रबंधन की गतिविधियां जारी रहीं। नवंबर 2025 से अगस्त 2026 के बीच करीब 2.52 लाख वर्गफीट अतिरिक्त क्षेत्र की सफाई की गई।
15 से 30 सितंबर तक तैयारी चरण
विशेष अभियान-6 का तैयारी चरण 15 से 30 सितंबर 2026 तक चल रहा है। इस अवधि में अभियान के लक्ष्यों की पहचान, स्वच्छता स्थलों का चयन, पुराने रिकॉर्ड एवं लंबित मामलों की समीक्षा तथा स्क्रैप और ई-वेस्ट की पहचान की जा रही है।
इसके बाद 2 अक्टूबर से 31 अक्टूबर तक अभियान का कार्यान्वयन चरण चलेगा। अभियान का उद्देश्य सरकारी कार्यालयों एवं प्रतिष्ठानों में स्वच्छता को संस्थागत रूप देना, लंबित मामलों को कम करना, रिकॉर्ड को व्यवस्थित करना और उपलब्ध सरकारी संसाधनों एवं कार्यालयीन स्थान का अधिक प्रभावी उपयोग सुनिश्चित करना है।
एसईसीएल का विशेष अभियान-6 इस बार स्वच्छता के साथ डिजिटल एवं प्रशासनिक सुधार को भी केंद्र में रखेगा, जिसमें ई-वेस्ट प्रबंधन, रिकॉर्ड समीक्षा, स्क्रैप निस्तारण और लंबित कार्यों के समाधान को अभियान की प्रमुख प्राथमिकताओं में शामिल किया गया है।


































































