सतत खनन को बढ़ावा देने सीएमपीडीआई और क्यूसीआई के बीच एमओयू, पर्यावरण संरक्षण और कार्बन प्रबंधन पर होगा जोर

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 सतत खनन को बढ़ावा देने सीएमपीडीआई और क्यूसीआई के बीच एमओयू, पर्यावरण संरक्षण और कार्बन प्रबंधन पर होगा जोर

 संयुक्त तकनीकी अध्ययन, अनुसंधान और क्षमता निर्माण कार्यक्रमों को मिलेगा बढ़ावा, खनन क्षेत्र में गुणवत्ता मानकों को मजबूत करने की पहल

रांची, 18 सितंबर। कोल इंडिया लिमिटेड की अनुषंगी कंपनी सेंट्रल माइन प्लानिंग एंड डिजाइन इंस्टीट्यूट लिमिटेड (सीएमपीडीआई), रांची और क्वालिटी काउंसिल ऑफ इंडिया (क्यूसीआई), नई दिल्ली के बीच खनन क्षेत्र में सतत विकास और पर्यावरणीय प्रबंधन को मजबूत करने के उद्देश्य से समझौता ज्ञापन (एमओयू) पर हस्ताक्षर किए गए हैं। इस साझेदारी के माध्यम से सतत खनन, पर्यावरणीय, सामाजिक एवं प्रशासनिक मानकों (ईएसजी), जलवायु कार्रवाई, गुणवत्ता सुधार और तकनीकी क्षमता निर्माण को बढ़ावा दिया जाएगा।

18 सितंबर को नई दिल्ली में आयोजित कार्यक्रम में सीएमपीडीआई के अध्यक्ष-सह-प्रबंध निदेशक चौधरी शिवराज सिंह तथा क्यूसीआई के महासचिव चक्रवर्ती टी. कानन की उपस्थिति में समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर किए गए। सीएमपीडीआई की महाप्रबंधक (पर्यावरण) पूनम सिंह और क्यूसीआई के नेशनल एक्रेडिटेशन बोर्ड फॉर एजुकेशन एंड ट्रेनिंग (एनएबीईटी) के मुख्य कार्यकारी अधिकारी प्रोफेसर (डॉ.) वरिंदर एस. कंवर ने इस समझौते पर हस्ताक्षर किए। इस अवसर पर दोनों संस्थानों के वरिष्ठ अधिकारी भी उपस्थित रहे।

 सतत खनन और पर्यावरणीय प्रबंधन को मिलेगी मजबूती

सीएमपीडीआई और क्यूसीआई के बीच हुआ यह समझौता खनन क्षेत्र में पर्यावरण के प्रति जिम्मेदार और टिकाऊ कार्यप्रणालियों को विकसित करने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल है। इसके तहत खनन गतिविधियों में गुणवत्ता मानकों को बेहतर बनाने के साथ पर्यावरणीय प्रभावों के आकलन, जलवायु परिवर्तन से संबंधित चुनौतियों और कार्बन प्रबंधन जैसे क्षेत्रों में तकनीकी सहयोग को बढ़ावा दिया जाएगा।

इस साझेदारी से सीएमपीडीआई को क्यूसीआई के गुणवत्ता ढांचे, विशेषज्ञता और ज्ञान-साझाकरण मंचों का लाभ मिलेगा। इससे संस्थान सतत खनन, पर्यावरणीय, सामाजिक एवं प्रशासनिक मानकों (ईएसजी), जलवायु कार्रवाई, ग्रीनहाउस गैस (जीएचजी) लेखांकन, पर्यावरण एवं जलवायु मूल्यांकन तथा कार्बन प्रबंधन के क्षेत्रों में अपनी तकनीकी क्षमताओं को और मजबूत कर सकेगा।

खनन क्षेत्र में पर्यावरणीय प्रभावों को कम करने और प्राकृतिक संसाधनों के जिम्मेदार उपयोग को प्रोत्साहित करने के लिए वैज्ञानिक एवं तकनीकी दृष्टिकोण महत्वपूर्ण माना जाता है। इस समझौते के माध्यम से इन क्षेत्रों में विशेषज्ञता के आदान-प्रदान और बेहतर कार्यप्रणालियों को अपनाने के अवसर उपलब्ध होंगे।

 कम कार्बन आधारित खनन और परामर्शी सेवाओं का होगा विस्तार

समझौता ज्ञापन के तहत सीएमपीडीआई की कम कार्बन आधारित तथा पर्यावरण के प्रति जिम्मेदार खनन जैसे उभरते क्षेत्रों में परामर्शी क्षमताओं का विस्तार करने पर भी जोर दिया जाएगा। इससे खनन परियोजनाओं के पर्यावरणीय प्रबंधन, जलवायु संबंधी आकलन और कार्बन प्रबंधन से जुड़ी तकनीकी सेवाओं को बेहतर बनाने में मदद मिलेगी।

सीएमपीडीआई को गुणवत्ता आधारित कार्यप्रणालियों और बेहतर प्रक्रियाओं को अपनाने में भी सहयोग मिलेगा। इसके परिणामस्वरूप खनन क्षेत्र में तकनीकी परामर्श, पर्यावरणीय मूल्यांकन और सतत विकास से संबंधित सेवाओं को अधिक प्रभावी बनाने की दिशा में काम किया जा सकेगा।

यह साझेदारी सीएमपीडीआई की एक व्यापक तकनीकी एवं ज्ञान भागीदार के रूप में भूमिका को मजबूत करने में सहायक होगी। साथ ही खनन उद्योग की बदलती आवश्यकताओं के अनुरूप नई तकनीकों, गुणवत्ता प्रक्रियाओं और पर्यावरणीय मानकों के विकास के लिए सहयोग का आधार तैयार करेगी।

 संयुक्त अनुसंधान और तकनीकी अध्ययन को मिलेगा बढ़ावा

एमओयू के तहत दोनों संस्थानों के बीच संयुक्त तकनीकी अध्ययन, अनुसंधान, क्षमता निर्माण कार्यक्रम, पर्यावरणीय बेंचमार्किंग और पायलट परियोजनाओं को प्रोत्साहित किया जाएगा। इन गतिविधियों के माध्यम से खनन क्षेत्र में नई कार्यप्रणालियों और बेहतर गुणवत्ता मानकों के विकास पर काम किया जा सकेगा।

संयुक्त तकनीकी अध्ययन और अनुसंधान से खनन क्षेत्र की विभिन्न चुनौतियों के समाधान के लिए ज्ञान एवं विशेषज्ञता का आदान-प्रदान संभव होगा। वहीं, क्षमता निर्माण कार्यक्रमों के जरिए संबंधित क्षेत्रों में कार्यरत विशेषज्ञों और तकनीकी कर्मियों की दक्षता को बढ़ाने के अवसर मिलेंगे।

पर्यावरणीय बेंचमार्किंग और पायलट परियोजनाओं के माध्यम से खनन गतिविधियों में अपनाई जा रही प्रक्रियाओं का मूल्यांकन करने तथा बेहतर मानकों को विकसित करने में मदद मिलेगी। इससे खनन क्षेत्र में गुणवत्ता सुधार और पर्यावरणीय जिम्मेदारी को बढ़ावा देने की दिशा में नए प्रयास किए जा सकेंगे।

गुणवत्ता मानकों को बढ़ावा देता है क्यूसीआई

क्वालिटी काउंसिल ऑफ इंडिया देश के विभिन्न क्षेत्रों में गुणवत्ता मानकों और गुणवत्ता से संबंधित गतिविधियों को प्रोत्साहित करने वाली संस्था है। यह अपने संबंधित बोर्डों के माध्यम से प्रत्यायन (एक्रेडिटेशन), मूल्यांकन और क्षमता निर्माण से जुड़ी गतिविधियां संचालित करता है।

क्यूसीआई के अंतर्गत कार्यरत नेशनल एक्रेडिटेशन बोर्ड फॉर एजुकेशन एंड ट्रेनिंग (एनएबीईटी) शिक्षा एवं प्रशिक्षण सहित संबंधित क्षेत्रों में गुणवत्ता और मान्यता से जुड़ी गतिविधियों में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है।

सीएमपीडीआई और क्यूसीआई के बीच यह समझौता खनन क्षेत्र में गुणवत्ता, पर्यावरणीय प्रबंधन और तकनीकी विशेषज्ञता को एक साथ आगे बढ़ाने का अवसर प्रदान करेगा। इसके माध्यम से सतत खनन की दिशा में अनुसंधान, नवाचार और बेहतर कार्यप्रणालियों को प्रोत्साहित करने के साथ खनन उद्योग में पर्यावरणीय जिम्मेदारी और गुणवत्ता मानकों को मजबूत करने पर ध्यान केंद्रित किया जाएगा।

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