स्कूल के पीछे अवैध कबाड़ का अड्डा, धुएं और गंदगी से वार्डवासी परेशान
महिलाओं ने कबाड़ दुकान हटाने की उठाई मांग, मुख्य मार्ग के किनारे महीनों से कारोबार संचालित होने का आरोप
कोतमा। नगर के वार्ड क्रमांक 6 में स्कूल एवं घनी आबादी के बीच संचालित कथित अवैध कबाड़ के अड्डे को लेकर स्थानीय लोगों में नाराजगी बढ़ती जा रही है। कबाड़ के कारण सड़क किनारे गंदगी का अंबार लगा रहने, असामाजिक तत्वों की आवाजाही तथा प्लास्टिक और रबड़ जलाने से निकलने वाले धुएं से वार्डवासी और स्कूल प्रबंधन परेशान होने की बात कह रहे हैं। स्थानीय महिलाओं ने प्रशासन से कबाड़ दुकान को हटाने की मांग की है।
वार्डवासियों का आरोप है कि नगर पालिका क्षेत्र में घनी आबादी के बीच कबाड़ का कारोबार खुलेआम संचालित हो रहा है। सुबह से शाम तक कबाड़ की आवाजाही के साथ यहां लोगों का जमावड़ा लगा रहता है। आरोप है कि देर रात तक भी गतिविधियां जारी रहती हैं, जिससे आसपास रहने वाले परिवारों, विशेषकर महिलाओं और बच्चों में असुरक्षा का माहौल बना हुआ है।
लाखों की लागत से बनी सड़क के किनारे कबाड़ का ढेर
स्थानीय लोगों के अनुसार कुछ समय पूर्व नगर पालिका द्वारा लाखों रुपए की लागत से सीसी रोड का निर्माण कराया गया था। सड़क निर्माण का उद्देश्य आम नागरिकों और स्कूली बच्चों के आवागमन को सुविधाजनक बनाना था, लेकिन सड़क किनारे कबाड़ और कचरा फैले रहने से लोगों को परेशानी हो रही है। कबाड़ सामग्री के कारण सड़क की उपयोगिता भी प्रभावित होने की बात वार्डवासी कह रहे हैं।
प्लास्टिक और रबड़ जलाने से धुएं की शिकायत
वार्डवासियों का कहना है कि कबाड़ में शामिल प्लास्टिक, पन्नी, रबड़ और अन्य सामग्री को जलाए जाने से आसपास धुआं फैलता है। यह धुआं नजदीकी घरों के साथ स्कूल परिसर तक पहुंचने की शिकायत है। स्कूल के कमरों में धुआं भरने से विद्यार्थियों और स्टाफ को परेशानी होने की बात भी सामने आई है। स्थानीय लोगों ने ऐसे मामलों में पर्यावरणीय नियमों के पालन की जांच कराने की मांग की है।
स्कूल के पीछे गंदगी का अंबार
कबाड़ अड्डा स्कूल के पीछे होने के कारण सबसे अधिक परेशानी विद्यालय प्रबंधन और विद्यार्थियों को होने का आरोप लगाया जा रहा है। लोगों का कहना है कि स्कूल के आसपास साफ-सफाई का वातावरण होना चाहिए, लेकिन कबाड़ और कचरे के कारण विपरीत स्थिति बनी हुई है। प्लास्टिक और पन्नी जलाए जाने से निकलने वाले धुएं को लेकर भी अभिभावकों ने चिंता जताई है।
पहले भी पुलिस कार्रवाई का दावा
स्थानीय लोगों के अनुसार पूर्व में स्थानीय पुलिस एवं रेलवे पुलिस द्वारा कबाड़ से जुड़े मामलों में दबिश दी गई थी और एक कबाड़ी के खिलाफ कार्रवाई कर उसे जेल भेजे जाने की बात भी सामने आई थी। इसके बावजूद वार्ड में कबाड़ का ठीहा लगातार संचालित होने का आरोप लगाया जा रहा है। लोगों का कहना है कि कार्रवाई के बाद भी यदि गतिविधियां दोबारा शुरू हो जाती हैं तो जिम्मेदार विभागों की निगरानी व्यवस्था पर सवाल उठना स्वाभाविक है।
कबाड़ अड्डे के आसपास चोरी की घटनाओं से भी चिंता
वार्डवासियों ने यह भी आरोप लगाया कि कबाड़ अड्डे के आसपास रहने वाले नीरज मिश्रा, लियाकत बाड़ा सहित अन्य लोगों के घरों में पूर्व में चोरी की घटनाएं हो चुकी हैं। हालांकि इन चोरी की घटनाओं और कबाड़ अड्डे के बीच सीधे संबंध की पुष्टि संबंधित जांच के आधार पर ही हो सकती है, लेकिन स्थानीय लोगों का मानना है कि क्षेत्र में संदिग्ध गतिविधियों और बाहरी लोगों की आवाजाही से सुरक्षा संबंधी चिंता बढ़ी है।
जांच और कार्रवाई की मांग
मुख्य मार्ग और स्कूल के नजदीक कथित रूप से लंबे समय से संचालित कबाड़ के कारोबार को लेकर वार्डवासियों ने प्रशासन, नगर पालिका और संबंधित विभागों से जांच कराने की मांग की है। लोगों का कहना है कि यदि कबाड़ कारोबार के लिए आवश्यक अनुमति, पर्यावरणीय मानकों और नगर पालिका के नियमों का पालन नहीं हो रहा है तो जिम्मेदारों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाए।
वार्ड की महिलाओं एवं नागरिकों ने मांग की है कि स्कूल के आसपास स्वच्छ एवं सुरक्षित वातावरण सुनिश्चित किया जाए, सड़क किनारे फैले कबाड़ को हटाया जाए तथा प्लास्टिक एवं अन्य अपशिष्ट जलाने की शिकायतों की जांच कर आवश्यक कार्रवाई की जाए। अब देखना यह है कि लंबे समय से चली आ रही इस शिकायत पर जिम्मेदार विभाग कब तक संज्ञान लेते हैं।


































































