शोध में एआई का बढ़ता दायरा, आईजीएनटीयू में 210 शोधार्थियों ने सीखी आधुनिक तकनीक

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शोध में एआई का बढ़ता दायरा, आईजीएनटीयू में 210 शोधार्थियों ने सीखी आधुनिक तकनीक

अमरकंटक। इंदिरा गांधी राष्ट्रीय जनजातीय विश्वविद्यालय (आईजीएनटीयू) के डॉ. आंबेडकर चेयर एवं अर्थशास्त्र विभाग के संयुक्त तत्वावधान में शुक्रवार को शोधार्थियों के लिए कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI) आधारित शोध उपकरणों पर एक दिवसीय क्षमता निर्माण कार्यशाला आयोजित की गई। कार्यशाला में विद्यार्थियों एवं शोधार्थियों को आधुनिक एआई तकनीकों के माध्यम से शोध कार्य को अधिक प्रभावी, व्यवस्थित और गुणवत्तापूर्ण बनाने के व्यावहारिक तरीके बताए गए।

“शोधकर्ताओं के लिए एआई उपकरण: Elicit, Consensus, Research Rabbit, Cursor AI एवं शोध में अन्य उभरते एआई अनुप्रयोग” विषय पर आयोजित कार्यशाला का शुभारंभ विश्वविद्यालय के प्रभारी कुलपति प्रो. अवधेश कुमार शुक्ल ने किया। उन्होंने कंप्यूटर एवं प्रौद्योगिकी के विकास की यात्रा पर प्रकाश डालते हुए कहा कि तकनीक तेजी से बदल रही है। ऐसे में विद्यार्थियों एवं शोधार्थियों को समय के साथ स्वयं को लगातार अपडेट करते रहना चाहिए। उन्होंने शोध कार्यों में आधुनिक तकनीकों के प्रभावी उपयोग पर भी जोर दिया।

कार्यशाला के दौरान प्रभारी कुलपति एवं अतिथियों ने “डॉ. आंबेडकर की जनजातीय विकास की दृष्टि” तथा “भारत में जनजातीय विकास के प्रति डॉ. आंबेडकर की धारणा” पुस्तकों का विमोचन किया। कार्यशाला की थीम एवं विषय-वस्तु पर डॉ. आंबेडकर चेयर के निदेशक प्रो. तनमय कुमार घोराई ने प्रस्तुति दी। अर्थशास्त्र विभागाध्यक्ष प्रो. रक्षा सिंह ने विशेष संबोधन किया।

प्रशिक्षण सत्र में गुरु घासीदास विश्वविद्यालय, बिलासपुर के सूचना प्रौद्योगिकी विभाग के एसोसिएट प्रोफेसर डॉ. रोहित राजा तथा आईजीएनटीयू के अर्थशास्त्र विभाग के सहायक प्रोफेसर डॉ. आनंद मेहर ने संसाधन व्यक्ति के रूप में प्रशिक्षण दिया। विशेषज्ञों ने Elicit, Consensus, Research Rabbit एवं Cursor AI जैसे एआई उपकरणों के व्यावहारिक उपयोग की जानकारी देते हुए बताया कि इनका उपयोग शोध सामग्री खोजने, साहित्य समीक्षा, शोध विषयों के विश्लेषण तथा शोध प्रक्रिया को अधिक प्रभावी बनाने में किस प्रकार किया जा सकता है।

कार्यशाला में विद्यार्थियों एवं शोधार्थियों की उत्साहपूर्ण भागीदारी रही। कुल 210 प्रतिभागियों ने पंजीकरण कराया। कार्यक्रम का प्रायोजन भारत सरकार के सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्रालय के डॉ. आंबेडकर फाउंडेशन द्वारा किया गया।

कार्यक्रम का संयोजन प्रो. तनमय कुमार घोराई एवं प्रो. रक्षा सिंह ने किया, जबकि डॉ. विमल राज ए. एवं डॉ. बिमलेश सिंह सह-संयोजक रहे।

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