पति की दीर्घायु की कामना में महिलाओं ने रखा निर्जला हरतालिका तीज व्रत

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पति की दीर्घायु की कामना में महिलाओं ने रखा निर्जला हरतालिका तीज व्रत

केवई नदी और जलाशयों में आस्था की डुबकी, फुलेहरा सजाकर रातभर हुआ भजन-कीर्तन और जागरण

रिपोर्टर भरत मिश्रा, कोतमा

कोतमा। पति की दीर्घायु और सुख-समृद्धि की कामना को लेकर कोतमा नगर सहित आसपास के क्षेत्रों में महिलाओं ने श्रद्धा और आस्था के साथ हरतालिका तीज का पर्व मनाया। सोमवार को सूर्योदय से पहले महिलाओं ने केवई नदी, जलाशयों एवं अन्य जलस्रोतों में पहुंचकर स्नान किया और मौन संकल्प के साथ पूजा-अर्चना की। इसके बाद महिलाओं ने दिनभर निर्जला व्रत रखा।

हरतालिका तीज को लेकर सुबह से ही घरों में धार्मिक माहौल बना रहा। शाम होते ही महिलाओं ने घरों और मंदिरों में आकर्षक फुलेहरा सजाए। फुलेहरा के नीचे भगवान शिव, माता पार्वती और भगवान गणेश की मिट्टी की प्रतिमाएं स्थापित कर विधि-विधान से पूजा-अर्चना की गई। कई महिलाओं ने स्वयं अपने हाथों से मिट्टी की प्रतिमाएं तैयार कीं।

मान्यता के अनुसार हरतालिका तीज का व्रत भगवान शिव और माता पार्वती को समर्पित है। महिलाएं पति की दीर्घायु, अखंड सौभाग्य तथा परिवार की सुख-समृद्धि की कामना से यह कठिन निर्जला व्रत रखती हैं। श्रद्धालु महिलाओं का विश्वास है कि विधि-विधान से भगवान शिव और माता पार्वती की पूजा करने से उन्हें अखंड सौभाग्य का आशीर्वाद प्राप्त होता है।

मंदिरों और मोहल्लों में सजा फुलेहरा

हरतालिका तीज के अवसर पर नगर के गांधी चौक, आजाद चौक, पुरानी बस्ती, पंचायती मंदिर, गौरीशंकर मंदिर, बूढ़ी माता मंदिर, ठाकुर बाबा धाम मंदिर सहित विभिन्न मोहल्लों और घरों में महिलाओं ने फुलेहरा सजाकर पूजा-अर्चना की। रात होते ही पूजा स्थलों पर भजन-कीर्तन का दौर शुरू हो गया। महिलाओं ने पूरी रात फुलेहरा के नीचे बैठकर भगवान शिव और माता पार्वती के भजनों का गायन करते हुए रात्रि जागरण किया।

गांधी चौक में फुलेहरा और पूजन सामग्री की बिक्री

पर्व को लेकर कोतमा के गांधी चौक स्थित बाजार में दिनभर चहल-पहल बनी रही। मिट्टी के कलश, शिवलिंग, भगवान शिव, माता पार्वती एवं गणेश की प्रतिमाओं सहित पूजा सामग्री और फूलों से तैयार फुलेहरा की जमकर बिक्री हुई। दुकानदारों के अनुसार फुलेहरा की कीमत लगभग 100 रुपये से शुरू होकर अलग-अलग आकार और सजावट के अनुसार रही। महिलाओं ने अपनी पसंद के अनुसार फुलेहरा की खरीदारी की।

फल बाजार में भी हरतालिका तीज का असर देखने को मिला। केला, सेब सहित पूजा में उपयोग होने वाले अन्य फलों की मांग बढ़ने से इनके दाम सामान्य दिनों की तुलना में अधिक रहे। सुबह से ही बाजार में खरीदारी के लिए महिलाओं की भीड़ दिखाई दी।

मंगलवार को पूजा के बाद किया व्रत का पारण

मंगलवार को सूर्योदय से पहले महिलाओं ने घरों, जलाशयों एवं केवई नदी के तट पर पहुंचकर स्नान किया। इसके बाद भगवान शिव और माता पार्वती की पूजा-अर्चना कर फुलेहरा एवं मिट्टी से निर्मित प्रतिमाओं का विधि-विधान से विसर्जन किया गया। पूजा के पश्चात महिलाओं ने निर्जला व्रत का पारण किया।

व्रत खोलने के लिए घरों में विशेष पकवान बनाए गए। महिलाओं ने कढ़ी-चावल सहित विभिन्न प्रकार के व्यंजन तैयार किए और पूजा के बाद प्रसाद ग्रहण कर व्रत समाप्त किया। इस दौरान पूरे नगर में धार्मिक आस्था और उत्सव का माहौल बना रहा।

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