पोस्टरों में गूंजा स्तनपान का संदेश, विद्यार्थियों ने दिखाई रचनात्मक प्रतिभा
विश्व स्तनपान सप्ताह पर आईजीएनटीयू में पोस्टर प्रतियोगिता आयोजित, विजेता विद्यार्थियों को मिले पुरस्कार और प्रशस्ति-पत्र

अमरकंटक। विश्व स्तनपान सप्ताह के अवसर पर इंदिरा गांधी राष्ट्रीय जनजातीय विश्वविद्यालय अमरकंटक के गृह विज्ञान विभाग द्वारा जागरूकता केंद्रित पोस्टर प्रतियोगिता का आयोजन किया गया। प्रतियोगिता का उद्देश्य विद्यार्थियों के माध्यम से मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य, पोषण तथा स्तनपान के महत्व को लेकर समाज में जागरूकता बढ़ाना रहा।
इस वर्ष प्रतियोगिता का विषय “सतत जीवन की मजबूत शुरुआत के लिए स्तनपान: जो प्रभावी है उसे मजबूत करें” रखा गया। प्रतियोगिता में विद्यार्थियों ने पोस्टरों के माध्यम से स्तनपान के पोषण संबंधी महत्व, शिशुओं के स्वस्थ विकास में इसकी भूमिका तथा विभिन्न बीमारियों से बचाव जैसे महत्वपूर्ण विषयों को रचनात्मक और प्रभावी ढंग से प्रस्तुत किया।
पोस्टरों के माध्यम से दिया स्वास्थ्य और पोषण का संदेश
विद्यार्थियों ने अपने पोस्टरों में स्तनपान को शिशुओं के बेहतर स्वास्थ्य और विकास से जोड़ते हुए विभिन्न संदेश प्रस्तुत किए। इसके साथ ही माताओं के लिए स्वस्थ एवं अनुकूल वातावरण की आवश्यकता को भी प्रमुखता से दर्शाया गया। विद्यार्थियों ने स्वास्थ्य और पोषण से जुड़े जटिल विषयों को सरल, आकर्षक एवं सहज तरीके से प्रस्तुत करने का प्रयास किया।
प्रतियोगिता ने विद्यार्थियों को केवल अपनी रचनात्मक प्रतिभा प्रदर्शित करने का अवसर ही नहीं दिया, बल्कि उन्हें मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य जैसे महत्वपूर्ण सामाजिक मुद्दे से भी जोड़ने का काम किया।
विजेताओं को प्रदान किए पुरस्कार
प्रतियोगिता के विजेताओं को पुरस्कार वितरित करते हुए प्रभारी कुलपति प्रो. अवधेश कुमार शुक्ला ने गृह विज्ञान विभाग की पहल की सराहना की। उन्होंने कहा कि विभाग मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य, पोषण और कल्याण से संबंधित जागरूकता को बढ़ावा देने वाली शैक्षणिक एवं समुदायोन्मुखी गतिविधियों के आयोजन के लिए निरंतर प्रतिबद्ध है।
उन्होंने विद्यार्थियों की सक्रिय भागीदारी की सराहना करते हुए गृह विज्ञान विभाग के संकाय सदस्यों को बधाई दी।
स्तनपान को बताया शिशु के लिए अमृत समान
गृह विज्ञान विभागाध्यक्ष एवं एसोसिएट प्रोफेसर डॉ. के. वेंकटेशन ने कहा कि स्तनपान प्रत्येक शिशु के लिए अमृत समान है। उन्होंने मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य के लिए स्तनपान के महत्व को रेखांकित करते हुए जागरूकता गतिविधियों की आवश्यकता पर जोर दिया।
कार्यक्रम की समन्वयक डॉ. अमृता सिंह, सहायक प्रोफेसर, गृह विज्ञान विभाग ने विश्व स्तनपान सप्ताह के महत्व पर चर्चा की। उन्होंने कहा कि शिशुओं को स्तनपान कराने से माता और शिशु दोनों के लिए बेहतर पोषण एवं स्वास्थ्य परिणाम प्राप्त किए जा सकते हैं।
आरती देवी प्रथम, योगिता बैरागी द्वितीय
पोस्टर प्रतियोगिता में तृतीय बीएससी गृह विज्ञान की आरती देवी ने प्रथम, तृतीय बीएससी गृह विज्ञान की योगिता बैरागी ने द्वितीय तथा द्वितीय बीएससी गृह विज्ञान की स्नेहा राजपूत ने तृतीय स्थान प्राप्त किया।
वहीं द्वितीय बीएससी गृह विज्ञान के प्रवीण कुमार एवं श्रजल श्रीवास्तव को सराहनीय प्रस्तुति एवं उल्लेखनीय सहभागिता के लिए सांत्वना पुरस्कार प्रदान किया गया। सभी विजेताओं को प्रशस्ति-पत्र भी प्रदान किए गए।
परिवार और समुदाय के सहयोग पर जोर
कार्यक्रम के माध्यम से यह संदेश दिया गया कि स्तनपान को बढ़ावा देने के लिए केवल व्यक्तिगत जागरूकता पर्याप्त नहीं है, बल्कि परिवार, समुदाय और संस्थानों की भी महत्वपूर्ण भूमिका है। माताओं को निरंतर सहयोग और अनुकूल वातावरण उपलब्ध कराकर स्तनपान को प्रोत्साहित किया जा सकता है।
विश्व स्तनपान सप्ताह के अवसर पर आयोजित इस पहल ने विद्यार्थियों को स्वास्थ्य, पोषण और मातृ-शिशु कल्याण से जुड़े महत्वपूर्ण विषयों पर विचार करने तथा अपनी रचनात्मकता के माध्यम से जागरूकता फैलाने का अवसर प्रदान किया।




























































