नराकास सिंगरौली की बैठक में राजभाषा हिन्दी के प्रभावी क्रियान्वयन पर मंथन, चार नए सदस्य कार्यालय हुए शामिल

सिंगरौली। नगर राजभाषा कार्यान्वयन समिति (नराकास) सिंगरौली की महत्वपूर्ण बैठक सोमवार को बैढ़न में आयोजित की गई। बैठक का आयोजन नॉर्दर्न कोलफील्ड्स लिमिटेड (एनसीएल) मुख्यालय के तत्वावधान में हुआ, जबकि पावर ग्रिड कॉरपोरेशन, विंध्यनगर ने संयोजक कार्यालय के रूप में इसकी मेजबानी की। बैठक में विभिन्न केंद्रीय सरकारी संस्थानों के प्रतिनिधियों ने भाग लेकर कार्यालयीन कार्यों में राजभाषा हिन्दी के अधिकाधिक प्रयोग और उसके प्रभावी क्रियान्वयन पर विस्तृत चर्चा की।
बैठक की अध्यक्षता एनसीएल के निदेशक (मानव संसाधन) एवं नराकास सिंगरौली के अध्यक्ष ने की। इस अवसर पर पावर ग्रिड कॉरपोरेशन, विंध्यनगर के महाप्रबंधक राम रेखा यादव, एनटीपीसी लिमिटेड के कार्यकारी निदेशक किशोर कुमार होता, सीएमपीएफ सिंगरौली के सहायक आयुक्त एवं क्षेत्रीय प्रभारी नवीन निश्चल तथा नराकास के सचिव एवं महाप्रबंधक (राजभाषा) राजेश त्रिवेदी सहित अनेक वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।
बैठक में नराकास सिंगरौली से जुड़े 24 सदस्य कार्यालयों के प्रतिनिधियों ने सहभागिता की। इनमें एनसीएल की विभिन्न परियोजनाओं के अलावा पावर ग्रिड कॉरपोरेशन, केंद्रीय औद्योगिक सुरक्षा बल (सीआईएसएफ), भारतीय स्टेट बैंक, डाक विभाग, यूनियन बैंक, भारतीय रेल, बीईएमएल, बीएसएनएल तथा अन्य केंद्रीय संस्थानों के राजभाषा अधिकारी एवं प्रतिनिधि शामिल रहे।
बैठक के दौरान सदस्य कार्यालयों में राजभाषा हिन्दी के प्रभावी क्रियान्वयन, सरकारी कामकाज में हिन्दी के बढ़ते उपयोग तथा राजभाषा संबंधी गतिविधियों की प्रगति की समीक्षा की गई। विभिन्न संस्थानों ने अपने-अपने कार्यालयों में हिन्दी के प्रचार-प्रसार के लिए किए जा रहे नवाचार, प्रशिक्षण कार्यक्रम और उल्लेखनीय प्रयासों की जानकारी साझा की। साथ ही राजभाषा नीति को और अधिक प्रभावी ढंग से लागू करने के लिए सुझावों पर विचार-विमर्श किया गया।
इस अवसर पर नराकास सिंगरौली परिवार का विस्तार भी किया गया। केंद्रीय विद्यालय सिंगरौली, केंद्रीय विद्यालय जयंत, सीएमपीएफओ जयंत तथा टीएचडीसी इंडिया लिमिटेड की अमेलिया कोयला खदान को समिति की सदस्यता प्रदान की गई। नए सदस्य कार्यालयों के शामिल होने से समिति की गतिविधियों को और अधिक व्यापक बनाने की उम्मीद जताई गई।
बैठक के समापन अवसर पर सभी सदस्य कार्यालयों ने भारत सरकार की राजभाषा नीति के प्रभावी क्रियान्वयन तथा कार्यालयीन कार्यों में हिन्दी के अधिकाधिक उपयोग के प्रति अपनी प्रतिबद्धता दोहराई। अध्यक्ष ने सभी संस्थानों से राजभाषा कार्यक्रमों को और अधिक प्रभावी बनाने तथा हिन्दी को प्रशासनिक कार्यों की प्रमुख भाषा के रूप में स्थापित करने के लिए निरंतर प्रयास करने का आह्वान किया। सौहार्दपूर्ण वातावरण में आयोजित बैठक का समापन धन्यवाद ज्ञापन के साथ हुआ।




































