अमरकंटक की बारिश ने निखारा कपिलधारा का सौंदर्य
प्रकृति और आस्था का अद्भुत संगम दिख रहा
संवाददाता – श्रवण कुमार उपाध्याय

अमरकंटक – मां नर्मदा की उद्गम स्थली / पवित्र नगरी अमरकंटक में पिछले कई दिनों से लगातार हो रही वर्षा के बीच विश्वविख्यात कपिलधारा जलप्रपात इन दिनों अपने पूरे वेग और मनोहारी स्वरूप में श्रद्धालुओं एवं पर्यटकों को आकर्षित कर रहा है । घने वनों और पर्वतों के मध्य प्रचंड वेग से गिरती जलधारा , चारों ओर फैली हरियाली तथा बादलों की धुंध कपिलधारा की प्राकृतिक सुंदरता में चार चांद लगा रही है ।
वर्षा ऋतु के आगमन के साथ ही कपिलधारा और दूधधारा का दृश्य और भी रमणीय हो गया है ।
जलप्रपात का बढ़ा हुआ जलप्रवाह , आसपास का शांत वातावरण तथा प्रकृति की अनुपम छटा यहां आने वाले पर्यटकों को मंत्रमुग्ध कर रही है । दूर-दूर से आने वाले श्रद्धालु एवं पर्यटक इस मनोहारी दृश्य का आनंद लेने के साथ-साथ इसे अपने कैमरों में भी कैद कर रहे हैं ।
धार्मिक मान्यताओं के अनुसार महर्षि कपिल मुनि जी की तपोस्थली होने के कारण कपिलधारा विशेष आस्था का केंद्र माना जाता है । वर्षा ऋतु में यहां का प्राकृतिक सौंदर्य और आध्यात्मिक वातावरण श्रद्धालुओं को विशेष रूप से आकर्षित करता है । प्रकृति और अध्यात्म का यह अद्भुत संगम अमरकंटक की पहचान को और अधिक गौरव प्रदान करता है ।
कपिलधारा में निर्मित ग्लास व्यू प्वाइंट भी पर्यटकों के आकर्षण का प्रमुख केंद्र बना हुआ है । यहां से जलप्रपात , गहरी घाटियों और दूर-दूर तक फैली हरियाली का विहंगम दृश्य दिखाई देता है , जो पर्यटकों को रोमांचित कर रहा है ।
नगर परिषद अमरकंटक के मुख्य नगर पालिका अधिकारी (सीएमओ) चैन सिंह परस्ते ने बढ़ते जलप्रवाह को देखते हुए पर्यटकों एवं श्रद्धालुओं से सुरक्षा नियमों का पालन करने तथा निर्धारित सीमाओं के भीतर रहकर प्राकृतिक सौंदर्य का आनंद लेने की अपील की है । उन्होंने कहा कि प्रशासन द्वारा सुरक्षा व्यवस्था पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है फिर भी पर्यटकों को सतर्कता बरतना आवश्यक है ।
बारिश के इस मौसम में कपिलधारा के साथ ही साथ दूधधारा जलप्रपात अपनी अनुपम छटा बिखेरते हुए अमरकंटक आने वाले हर व्यक्ति के लिए आकर्षण का केंद्र बना हुआ है जहां प्रकृति और आस्था का अद्भुत संगम सहज रूप से अनुभव किया जा सकता है ।



































