बिजली विभाग के जेई पर रिश्वत, अवैध वसूली और मनमानी के गंभीर आरोप
कलेक्टर से निष्पक्ष जांच की मांग, आवेदन में बिजली चोरी को संरक्षण देने और 43.54 लाख रुपये का कथित फर्जी जुर्माना लगाने का आरोप
कोयलांचल समाचार | रिपोर्टर : अमित पांडे, सीधी

सीधी। जिले की साप्ताहिक जनसुनवाई में बिजली वितरण केंद्र बहरी के एक जूनियर इंजीनियर (जेई) के खिलाफ भ्रष्टाचार, अवैध वसूली और मनमानी कार्रवाई के गंभीर आरोपों वाला आवेदन कलेक्टर को सौंपा गया है। ग्राम पटेहरा कोठार निवासी राघवेंद्र सिंह चौहान ने कलेक्टर को दिए आवेदन में बहरी विद्युत वितरण केंद्र में पदस्थ जेई विकास वर्मा पर रिश्वत मांगने, बिजली चोरी को संरक्षण देने, नियमों के विपरीत कार्रवाई करने तथा शिकायतों के बावजूद कोई ठोस कदम नहीं उठाने के आरोप लगाए हैं।
शिकायतकर्ता के अनुसार, पिछले एक वर्ष से वे लगातार विभागीय अधिकारियों के समक्ष शिकायत दर्ज कराते रहे, लेकिन किसी स्तर पर प्रभावी कार्रवाई नहीं हुई। आवेदन में आरोप लगाया गया है कि शिकायत वापस लेने के बदले उनसे 5 हजार रुपये की रिश्वत मांगी गई। राशि देने से इनकार करने पर झूठे मामलों में फंसाने और विभागीय कार्रवाई की धमकी दी गई।
आवेदन में यह भी उल्लेख किया गया है कि शिकायतकर्ता का बिजली बिल नियमित रूप से जमा होने के बावजूद उनके नाम पर 43 लाख 54 हजार 871 रुपये का जुर्माना दर्ज कर दिया गया, जिसे उन्होंने पूरी तरह निराधार और मनमाना बताया है। संबंधित सेवा क्रमांक का भी आवेदन में उल्लेख किया गया है।
राघवेंद्र सिंह चौहान ने अपने आवेदन में आरोप लगाया है कि क्षेत्र में करीब 200 बिजली कनेक्शनों में से केवल आठ स्थानों पर ही मीटर लगाए गए हैं, जबकि अधिकांश उपभोक्ताओं को बिना मीटर के बिजली आपूर्ति की जा रही है। उनका आरोप है कि इससे बिजली चोरी को बढ़ावा मिल रहा है और जिम्मेदार अधिकारी इस पर कार्रवाई करने के बजाय संरक्षण दे रहे हैं।
शिकायतकर्ता ने कलेक्टर से पूरे मामले की उच्च स्तरीय एवं निष्पक्ष जांच कराने, दोषी पाए जाने पर संबंधित अधिकारी के खिलाफ कठोर कार्रवाई करने तथा बिजली विभाग में व्याप्त कथित अनियमितताओं और भ्रष्टाचार पर प्रभावी रोक लगाने की मांग की है



































