नेट बैंकिंग चालू कराने के नाम पर 1.36 लाख की ठगी
बैंक अधिकारी बनकर जालसाज ने भेजी एपीके फाइल, तीन किस्तों में खाते से निकली रकम
कोतमा। नगर में साइबर ठगी की घटनाएं लगातार बढ़ती जा रही हैं। जालसाज नए-नए तरीकों से व्यापारियों, शासकीय कर्मचारियों और आम नागरिकों की मेहनत की कमाई को निशाना बना रहे हैं। ऐसा ही एक मामला नगर के वार्ड क्रमांक 12 गोविंदा कॉलोनी निवासी 60 वर्षीय रमाकांत पांडे के साथ सामने आया है। जालसाज ने खुद को भारतीय स्टेट बैंक (एसबीआई) का अधिकारी बताते हुए नेट बैंकिंग सेवा चालू कराने का झांसा दिया और उनके बैंक खाते से 1 लाख 36 हजार 500 रुपए पार कर दिए। शिकायत के बाद पुलिस ने अज्ञात आरोपी के खिलाफ धारा 318(4) के तहत प्रकरण दर्ज कर जांच शुरू कर दी है
जानकारी के अनुसार रमाकांत पांडे के मोबाइल पर अज्ञात नंबर से फोन करने वाले ने स्वयं को एसबीआई का अधिकारी बताते हुए योनो बैंकिंग सुविधा एवं नेट बैंकिंग चालू कराने की बात कही। इसके बाद आरोपी ने व्हाट्सएप के माध्यम से एक एपीके फाइल भेजी और उसे डाउनलोड करने के लिए कहा। जालसाज के झांसे में आकर रमाकांत पांडे ने फाइल डाउनलोड कर ली
इसके बाद आरोपी ने बैंक खाते और अन्य बैंकिंग संबंधी गोपनीय जानकारी भी हासिल कर ली। कुछ ही समय बाद उनके खाते से अलग-अलग तीन किस्तों में 99,500 रुपए, 15,000 रुपए और 22,000 रुपए, कुल 1,36,500 रुपए ट्रांसफर हो गए।
खाते से बड़ी रकम निकलने की जानकारी मिलते ही रमाकांत पांडे के होश उड़ गए। उन्होंने तत्काल संबंधित बैंक शाखा पहुंचकर बैंक प्रबंधन को पूरे मामले की जानकारी दी। इसके बाद पुलिस एवं साइबर हेल्पलाइन पर शिकायत दर्ज कराई गई
शिकायत के आधार पर पुलिस ने अज्ञात आरोपी एवं संबंधित मोबाइल नंबर धारक के खिलाफ धारा 318(4) के तहत मामला दर्ज किया है। पुलिस और साइबर टीम द्वारा ठगी की रकम के ट्रांजैक्शन, संबंधित मोबाइल नंबर और बैंक खातों की जानकारी जुटाई जा रही है। थाना प्रभारी रत्नांबर शुक्ल ने नागरिकों से अंजान नंबर से आए एपीके फाइल डाउनलोड से बचने, नए नंबर से आए वीडियोकॉल रिसीव नहीं करने एवं बैंक संबंधी गोपनीय जानकारी साझा नहीं करने की अपील की है



































































