नई लेदरी में 13 अक्टूबर को सजेगी डांडिया की महफिल, सद्भावना स्टेडियम में उमड़ेगा उत्साह
युवा ग्रुप दूसरी बार करा रहा भव्य आयोजन, महिलाओं और युवाओं में खासा उत्साह
राजनीति और भेदभाव से दूर होगा सामाजिक एकता का उत्सव, प्रवेश पूरी तरह निःशुल्क
नई लेदरी/एमसीबी। त्योहारों की खुशियां जब आपसी मेल मिलाप और भाईचारे के रंग में घुलती हैं तो समाज में एकता की खूबसूरत तस्वीर उभरती है। इसी उद्देश्य के साथ नई लेदरी के सद्भावना स्टेडियम में 13 अक्टूबर को युवा ग्रुप द्वारा भव्य डांडिया कार्यक्रम का आयोजन किया जा रहा है। लगातार दूसरी बार आयोजित हो रहे इस कार्यक्रम को लेकर नगर सहित आसपास के क्षेत्रों में उत्साह का माहौल है।
इस आयोजन की खासियत यह है कि यहां किसी तरह के राजनीतिक भेदभाव से परे सभी वर्गों के लोगों को एक मंच पर लाने की पहल की गई है। आयोजकों का उद्देश्य डांडिया के माध्यम से लोगों को आपस में जोड़ना, महिलाओं और युवाओं को उत्सव का अवसर देना तथा सामाजिक सद्भाव की भावना को मजबूत करना है। कार्यक्रम में सभी के लिये प्रवेश निःशुल्क रखा गया है ताकि हर कोई उत्सव में शामिल होकर खुशियां साझा कर सके।
कार्यक्रम के मुख्य आयोजक विकास दीवान उर्फ जूडो ने बताया कि आसपास के क्षेत्रों में डांडिया कार्यक्रम आयोजित होते रहे हैं लेकिन नई लेदरी में लंबे समय से इस तरह के आयोजन की कमी महसूस की जा रही थी। विशेषकर महिलाओं और युवतियों को स्थानीय स्तर पर डांडिया में शामिल होने का अवसर नहीं मिल पाता था। इसी जरूरत को देखते हुए युवा ग्रुप ने पहली बार इस आयोजन की शुरुआत की थी। लोगों से मिले उत्साह और सहयोग के बाद अब दूसरी बार इसे बड़े स्तर पर आयोजित करने की तैयारी की जा रही है।
विकास दीवान ने कहा कि डांडिया केवल नृत्य और मनोरंजन तक सीमित नहीं है बल्कि यह आपसी प्रेम, भाईचारे और सामाजिक एकता का प्रतीक भी है। आयोजन किसी राजनीतिक उद्देश्य से नहीं बल्कि पूरे नगर को एक साथ जोड़ने की भावना से किया जा रहा है। उन्होंने क्षेत्र के सभी लोगों से कार्यक्रम में शामिल होकर आयोजन को सफल बनाने की अपील की
13 अक्टूबर को सद्भावना स्टेडियम में डांडिया की थाप, रंग बिरंगी पारंपरिक पोशाकों और उत्साह से भरे माहौल के बीच नगरवासी उत्सव का आनंद लेंगे। महिलाओं, युवतियों और युवाओं की सहभागिता से यह आयोजन नई लेदरी में सामाजिक मेल मिलाप का अवसर बनेगा
युवा ग्रुप को उम्मीद है कि नगर सहित आसपास के क्षेत्रों से बड़ी संख्या में लोग कार्यक्रम में पहुंचेंगे। निःशुल्क प्रवेश और सभी के लिये खुले इस आयोजन के जरिये आयोजकों ने संदेश देने का प्रयास किया है कि त्योहारों की असली खुशी एक दूसरे के साथ मिलकर मनाने और समाज में सद्भाव बनाये रखने में है



































































