मोरगा में उमड़ा जनसैलाब, प्रभारी मंत्री रामविचार नेताम ने सुनीं समस्याएं, मौके पर मिला समाधान

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सुशासन तिहार बना जनविश्वास का महाकुंभ, हजारों ग्रामीणों तक पहुंचा शासन, योजनाओं का मिला सीधा लाभ

एमसीबी। छत्तीसगढ़ शासन की महत्वाकांक्षी पहल “सुशासन तिहार 2026” के अंतर्गत विकासखंड मनेन्द्रगढ़ की ग्राम पंचायत मोरगा में आयोजित विशाल जनसमस्या निवारण शिविर जनविश्वास, सुशासन और संवेदनशील प्रशासन का सशक्त उदाहरण बनकर सामने आया। “संवाद से संपूर्ण समाधान” की भावना के साथ आयोजित इस भव्य शिविर में 13 ग्राम पंचायतों के हजारों ग्रामीणों की अभूतपूर्व सहभागिता देखने को मिली। शिविर में ग्राम पंचायत सोनवर्षा, उजियारपुर, बरबसपुर, लोहारी, सेमरा, लाई, महराजपुर, हर्रा, नागपुर, मोरगा, मुख्तियारपारा, सरभोका और चिरईपानी के ग्रामीण बड़ी संख्या में अपनी समस्याएं और मांगें लेकर पहुंचे।

कार्यक्रम का शुभारंभ एमसीबी जिले के प्रभारी एवं कृषि मंत्री रामविचार नेताम, बैकुंठपुर विधायक भैयालाल राजवाड़े, जनपद पंचायत अध्यक्ष जानकी बाई कुसरो, समस्त सरपंचगण और जनप्रतिनिधियों द्वारा दीप प्रज्ज्वलित कर किया गया। इस अवसर पर कलेक्टर सुश्री संतन देवी जांगड़े, जिला पंचायत सीईओ श्रीमती अंकिता सोम शर्मा, पुलिस अधीक्षक श्रीमती रतना सिंह, वन मंडलाधिकारी चंद्र कुमार सिंह, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक श्रीमती तरशीला टोप्पो, अपर कलेक्टर अनिल कुमार सिदार, एसडीएम लिंगराज सिदार, जनपद पंचायत सीईओ सुश्री वैशाली सिंह सहित जिला प्रशासन के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे। पूरे आयोजन के दौरान ग्रामीणों में उत्साह, प्रशासन के प्रति विश्वास और जनभागीदारी का सकारात्मक वातावरण देखने को मिला।

शिविर के दौरान प्रभारी मंत्री रामविचार नेताम, विधायक भैयालाल राजवाड़े, जनप्रतिनिधियों, कलेक्टर और जिला पंचायत सीईओ ने स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग, बिहान योजना, महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी योजना, समाज कल्याण विभाग, कृषि विभाग, उद्यानिकी विभाग, वन विभाग, राजस्व विभाग, महिला एवं बाल विकास विभाग, खाद्य विभाग, पुलिस विभाग, पशु चिकित्सा विभाग, आयुष विभाग, जल संसाधन विभाग, प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना, क्रेडा तथा आयुष्मान भारत योजना सहित विभिन्न विभागों द्वारा लगाये गये स्टॉलों का निरीक्षण किया तथा योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन के लिये आवश्यक दिशा-निर्देश दिये। अपने संबोधन में कलेक्टर सुश्री संतन देवी जांगड़े ने प्रभारी मंत्री का स्वागत और धन्यवाद ज्ञापित करते हुए कहा कि सुशासन तिहार अब अपने अंतिम चरण की ओर अग्रसर है। उन्होंने कहा कि इस अभियान के दौरान बड़ी संख्या में आवेदन प्राप्त हुए हैं तथा शिविर में प्राप्त होने वाले प्रत्येक आवेदन का भी शीघ्र और गुणवत्तापूर्ण निराकरण सुनिश्चित किया जायेगा। उन्होंने कहा कि शासन की मंशा है कि प्रत्येक पात्र व्यक्ति तक योजनाओं का लाभ पहुंचे और किसी भी नागरिक को अपनी समस्या के समाधान के लिए भटकना ना पड़े।

प्रभारी मंत्री रामविचार नेताम ने शिविर में उपस्थित ग्रामीणों और अधिकारियों से सीधे संवाद करते हुए विभिन्न विभागों से प्राप्त मांग और शिकायत संबंधी आवेदनों की विस्तृत समीक्षा की। उन्होंने राजस्व, वनाधिकार, राशन कार्ड, सीमांकन, प्रधानमंत्री आवास, शौचालय, पीडीएस भवन, जिला उद्योग, कृषि, ग्रामीण यांत्रिकी सेवा तथा लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग से संबंधित प्रकरणों पर अधिकारियों से जवाब-तलब करते हुए आवश्यक दिशा-निर्देश दिये। उन्होंने अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिये कि जनहित से जुड़े मामलों का समयबद्ध निराकरण सुनिश्चित किया जाये।

अपने उद्बोधन में प्रभारी मंत्री ने किसानों को दलहन, तिलहन, कोदो-कुटकी जैसी पोषक और लाभकारी फसलों की खेती के लिये प्रोत्साहित किया तथा जैविक खेती को बढ़ावा देने पर जोर दिया। उन्होंने किसानों से गोबर खाद का अधिकाधिक उपयोग करने, पशुपालन अपनाने तथा रासायनिक उर्वरकों पर निर्भरता कम करने की अपील की। उन्होंने कहा कि एक समय था जब गांवों में विवाह एवं सामाजिक आयोजनों में जैविक खेती से उत्पादित दाल, चावल और अन्य खाद्य सामग्री का उपयोग होता था। उन्होंने ग्रामीणों को आम, नीम, बरगद और पीपल जैसे पर्यावरण संरक्षण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाने वाले वृक्ष लगाने के लिये भी प्रेरित किया। कृषि एवं सहकारिता विभाग को सख्त निर्देश देते हुए प्रभारी मंत्री ने कहा कि खाद की कालाबाजारी किसी भी स्थिति में बर्दाश्त नहीं की जायेगी। यदि कोई व्यक्ति या संस्था खाद की कालाबाजारी करते हुए पाई जाती है तो उसके विरुद्ध तत्काल कठोर कार्यवाही की जाये। उन्होंने महतारी वंदन योजना, धान खरीदी, प्रधानमंत्री आवास योजना तथा नल-जल योजना सहित राज्य और केंद्र सरकार की विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं की भी विस्तार से चर्चा की।

बैकुंठपुर विधायक भैयालाल राजवाड़े ने अपने संबोधन में कहा कि मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में प्रदेश में सुशासन की नई कार्य संस्कृति स्थापित हुई है। अब शासन केवल कार्यालयों तक सीमित नहीं है बल्कि गांव-गांव पहुंचकर आम जनता की समस्याओं का समाधान कर रहा है। उन्होंने कहा कि “सुशासन तिहार 2026” संवेदनशील, जवाबदेह और जनहितैषी शासन व्यवस्था का सशक्त उदाहरण है। उन्होंने मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय की सराहना करते हुए कहा कि प्रदेश की लगभग 70 लाख महिलाओं को महतारी वंदन योजना के माध्यम से प्रतिमाह एक हजार रुपये की आर्थिक सहायता प्रदान की जा रही है तथा 18 लाख परिवारों को आवास उपलब्ध कराने का ऐतिहासिक कार्य किया गया है। शिविर में पात्र हितग्राहियों को किसान कार्ड, किसान किताब, आयुष्मान कार्ड, राशन कार्ड, छड़ी, वैशाखी, मछली पकड़ने का जाल तथा प्रधानमंत्री आवास योजना के अंतर्गत आवास की चाबियां वितरित की गईं। इसके साथ ही महतारी वंदन योजना सहित विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं के लाभार्थियों को भी लाभान्वित किया गया। महिला एवं बाल विकास विभाग द्वारा कौशल्या, बसंती, नैना, आरती और अनुमति की गोदभराई कराई गई वहीं लक्की, तान्या एवं संध्या का अन्नप्राशन संस्कार संपन्न कराया गया।

शिविर में बड़ी संख्या में आवेदन प्राप्त हुए जिनमें से अधिकांश का मौके पर ही निराकरण कर ग्रामीणों को त्वरित राहत प्रदान की गई। पात्र हितग्राहियों को आयुष्मान कार्ड, वय वंदन कार्ड, जॉब कार्ड, राशन कार्ड एवं आधार कार्ड का भी वितरण किया गया। शासन की योजनाओं का लाभ सीधे हाथों-हाथ मिलने से ग्रामीणों में विशेष उत्साह, संतोष और विश्वास का वातावरण दिखाई दिया।

इस अवसर पर पूर्व जिला अध्यक्ष अनिल केशरवानी, लखन लाल श्रीवास्तव, जिला महामंत्री आशीष मजुमदार, जिला उपाध्यक्ष संजय राय, जिला प्रवक्ता जमुना पाण्डेय, जिला पंचायत सदस्य अनीता सिंह एवं उजित नारायण सिंह, पूर्व जिलाध्यक्ष कृष्ण बिहारी जायसवाल, मंडल अध्यक्ष मुनीम साय, जितेन्द्र राय, जनपद सदस्य रीना अग्रवाल और शाहनवाज अली सहित अनेक जनप्रतिनिधि उपस्थित रहे साथ ही सोनवर्षा की सरपंच श्यामकली, उजियारपुर की सरपंच सोनी बाई, बरबसपुर की सरपंच सोनमती गोंड, लोहारी के सरपंच मोती सिंह गोंड, सेमरा की सरपंच शारदा बैगा, लाई की सरपंच सोनकुंवर, महराजपुर के सरपंच बुटल सिंह, हर्रा की सरपंच शीतल, नागपुर के सरपंच ललन सिंह, मोरगा के सरपंच सुरेश कुमार सिंह, मुख्तियारपारा की सरपंच मालती, सरभोका की सरपंच मन्ती बाई पोया और चिरईपानी के सरपंच सरजू प्रसाद सहित समस्त सरपंचगण, जनप्रतिनिधि, जिला स्तरीय अधिकारी और बड़ी संख्या में ग्रामीणजन उपस्थित रहे।

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