मंगल भवन निर्माण पर विवाद, भाजपा की परिषद में अध्यक्ष-उपाध्यक्ष आमने-सामने
निर्माण रुकने से जनता में आक्रोश, अध्यक्ष बोले- परिषद के प्रस्ताव में उपाध्यक्ष ने भी किए थे हस्ताक्षर

भालूमाड़ा। नगर पालिका परिषद पसान में सार्वजनिक उपयोग के लिए निर्माणाधीन मंगल भवन को लेकर विवाद गहरा गया है। मंगल भवन का निर्माण कार्य रुकने के बाद नगर पालिका अध्यक्ष राम अवध सिंह और उपाध्यक्ष अजय ताराचंद यादव के बीच मतभेद खुलकर सामने आए हैं। निर्माण कार्य रुकने से क्षेत्र के लोगों में नाराजगी है। स्थानीय लोगों का कहना है कि राजनीतिक अथवा व्यक्तिगत मतभेदों का असर सार्वजनिक हित के विकास कार्य पर नहीं पड़ना चाहिए

जानकारी के अनुसार भालूमाड़ा में सड़क किनारे बेहतर लोकेशन पर मंगल भवन का निर्माण कराया जा रहा है। इसका उद्देश्य गरीब परिवारों की बेटियों के विवाह सहित अन्य सामाजिक एवं मांगलिक कार्यक्रमों के लिए लोगों को सुविधा उपलब्ध कराना है। क्षेत्रवासियों द्वारा लंबे समय से मंगल भवन की मांग की जा रही थी। नगर पालिका परिषद में प्रस्ताव पारित होने के बाद वर्ष 2025 में निर्माण कार्य का वर्क ऑर्डर जारी किया गया था। वर्तमान में भवन लगभग पूर्णता की स्थिति में बताया जा रहा है

शिकायत के बाद निर्माण कार्य पर रोक
बताया जा रहा है कि नगर पालिका उपाध्यक्ष अजय ताराचंद यादव द्वारा निर्माण को लेकर शिकायत की गई, जिसके बाद भूमि संबंधी विषय को लेकर जेडी कार्यालय शहडोल से पत्र जारी हुआ और निर्माण कार्य प्रभावित हुआ। विवाद का मुख्य मुद्दा यह बताया जा रहा है कि जिस भूमि पर मंगल भवन का निर्माण कराया जा रहा है, वह सीसीएल की है या राजस्व भूमि
नगर पालिका अध्यक्ष राम अवध सिंह का कहना है कि मंगल भवन निर्माण का प्रस्ताव परिषद की बैठक में विधिवत पारित किया गया था और उस प्रस्ताव पर उपाध्यक्ष अजय ताराचंद यादव के भी हस्ताक्षर हैं। अध्यक्ष के अनुसार यदि निर्माण को लेकर भूमि संबंधी आपत्ति थी तो प्रस्ताव पारित होने अथवा निर्माण कार्य शुरू होने के समय ही आपत्ति दर्ज कराई जानी चाहिए थी
अध्यक्ष बोले- विकास कार्यों को विवाद से दूर रखा जाए
नगर पालिका अध्यक्ष राम अवध सिंह ने कहा कि नगर पालिका में भाजपा की पूरी परिषद है और जनता ने विकास की उम्मीद के साथ जनप्रतिनिधियों को चुना है। उन्होंने कहा कि जनप्रतिनिधियों के बीच व्यक्तिगत या राजनीतिक मतभेद हो सकते हैं, लेकिन उसका असर सार्वजनिक हित के विकास कार्यों पर नहीं पड़ना चाहिए
अध्यक्ष ने कहा कि जब जमुना क्षेत्र में मंगल भवन का निर्माण कराया गया था, तब इस प्रकार की आपत्ति सामने नहीं आई भालूमाड़ा में निर्माण कार्य शुरू होने के करीब एक वर्ष बाद भूमि को लेकर सवाल उठाए जाने से निर्माण कार्य प्रभावित हुआ है। उनका कहना है कि यदि कोई आपत्ति थी तो उसे निर्माण शुरू होने से पहले परिषद के समक्ष रखा जाना चाहिए था
मुख्यमंत्री अधोसंरचना योजना के शौचालय निर्माण पर भी विवाद
नगर पालिका अध्यक्ष राम अवध सिंह ने यह भी बताया कि मुख्यमंत्री अधोसंरचना योजना के तहत शौचालय का निर्माण कार्य कराया जा रहा है। उनके अनुसार इस निर्माण कार्य को लेकर भी उपाध्यक्ष अजय ताराचंद यादव द्वारा आपत्ति की जा रही है अध्यक्ष का कहना है कि विकास कार्यों को लेकर जनप्रतिनिधियों के बीच मतभेद हो सकते हैं, लेकिन उनका असर सार्वजनिक हित के कार्यों पर नहीं पड़ना चाहिए
जनता का सवाल- विकास कार्य क्यों रोका जाए?
मंगल भवन का निर्माण रुकने से क्षेत्र में लोगों के बीच चर्चा तेज है। स्थानीय लोगों का कहना है कि यह भवन किसी निजी व्यक्ति के उपयोग के लिए नहीं, बल्कि आम जनता की सुविधा के लिए बनाया जा रहा है। भवन का निर्माण भी लगभग पूरा होने की स्थिति में पहुंच चुका है। ऐसे में भूमि संबंधी कोई तकनीकी या वैधानिक आपत्ति है तो उसका विभागीय स्तर पर शीघ्र निराकरण किया जाना चाहिए
लोगों का कहना है कि नगर पालिका अध्यक्ष और उपाध्यक्ष दोनों ही भाजपा से जुड़े हैं। यदि दोनों के बीच किसी मुद्दे को लेकर मतभेद हैं तो उसका समाधान आपसी स्तर पर किया जाना चाहिए। सार्वजनिक हित के कार्य को रोकने से आम जनता प्रभावित होती है। लोगों का स्पष्ट कहना है कि विरोध करना है तो व्यक्तिगत या राजनीतिक स्तर पर किया जाए, लेकिन जनता की सुविधा से जुड़े विकास कार्यों को प्रभावित नहीं किया जाना चाहिए
अब निगाह प्रशासनिक निर्णय पर
मंगल भवन निर्माण को लेकर उठे भूमि संबंधी सवालों के बीच अब लोगों की निगाह प्रशासनिक स्तर पर होने वाली जांच और निर्णय पर है। क्षेत्रवासियों की मांग है कि भूमि की वास्तविक स्थिति स्पष्ट करते हुए मामले का शीघ्र समाधान किया जाए, ताकि यदि निर्माण नियमानुसार है तो कार्य को पूरा कराया जा सके और जनता को लंबे समय से प्रतीक्षित मंगल भवन की सुविधा मिल सके
वहीं, यदि भूमि संबंधी कोई वैधानिक अथवा तकनीकी कमी सामने आती है तो उसका भी नियमानुसार निराकरण किया जाए। फिलहाल भाजपा की नगर पालिका परिषद में अध्यक्ष और उपाध्यक्ष के बीच सामने आया यह विवाद क्षेत्र में चर्चा का विषय बना हुआ है







































































