मालगाड़ी कोयला ट्रेन रैक और पिकअप की भीषण भिड़ंत, एक की मौत, 6 घायल
मूर्ति विसर्जन से लौट रहे थे युवक, पिकअप को करीब 300 मीटर तक घसीटने की जानकारी; परिजनों ने प्रबंधन पर लगाए लापरवाही के आरोप
अनूपपुर/चचाई। मध्य प्रदेश के अनूपपुर जिले के चचाई स्थित मध्य प्रदेश पावर जनरेटिंग कंपनी लिमिटेड (एमपीपीजीसीएल) के पावर प्लांट की रेलवे लाइन पर बीती रात भीषण हादसा हो गया। संजय नगर रेलवे ट्रैक पार कर रही पिकअप को कोयला खाली कर लौट रही मालगाड़ी की रैक ने जोरदार टक्कर मार दी। टक्कर के बाद पिकअप वाहन को करीब 300 मीटर तक घसीटे जाने की जानकारी सामने आई है। इस दर्दनाक हादसे में एक व्यक्ति की मौत हो गई, जबकि छह अन्य लोग घायल हो गए। घटना के बाद मृतक के परिजनों और घायलों के परिवारों में शोक और आक्रोश का माहौल है।
मूर्ति विसर्जन से लौटते समय हुआ हादसा
परिजनों से मिली जानकारी के अनुसार, चकेठी निवासी रवि वर्मा अपने साथी राजेश वर्मा के साथ डीजे संचालन का काम करता है। बताया गया कि बीती रात करीब 11 से 11:30 बजे के बीच मूर्ति विसर्जन का कार्य पूरा करने के बाद युवक पिकअप वाहन से संजय नगर लौट रहे थे। इसी दौरान पावर प्लांट की रेलवे लाइन पार करते समय साइडिंग की ओर जा रही खाली कोयला रैक से पिकअप की भिड़ंत हो गई
टक्कर इतनी भीषण थी कि पिकअप वाहन बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया। हादसे में एक व्यक्ति की जान चली गई, जबकि छह अन्य लोग घायल हो गए। घायलों को अस्पताल में भर्ती कराया गया है, जहां उनका उपचार जारी है।
लोको पायलट पर लापरवाही का आरोप
हादसे के बाद परिजनों ने लोको पायलट पर गंभीर आरोप लगाए हैं। उनका कहना है कि रेलवे ट्रैक पार करते समय न तो हॉर्न बजाया गया और न ही ट्रेन की गति कम की गई। परिजनों ने दुर्घटना के लिए सुरक्षा व्यवस्था में कथित चूक को जिम्मेदार ठहराते हुए पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराने की मांग की है।
हालांकि, लोको पायलट की भूमिका और दुर्घटना के वास्तविक कारणों की स्वतंत्र पुष्टि होना अभी बाकी है। जांच के बाद ही स्पष्ट हो सकेगा कि हादसा किन परिस्थितियों में हुआ और इसमें किस स्तर पर चूक हुई।
परिजनों में आक्रोश, मुआवजे और रोजगार की मांग
घायलों के परिजनों ने चचाई पुलिस और प्लांट प्रबंधन की कार्यप्रणाली पर नाराजगी जताई है। उनका आरोप है कि हादसे के कई घंटे बाद तक पुलिस की ओर से बयान लेने या जांच के लिए कोई कर्मचारी अस्पताल नहीं पहुंचा।
परिजनों ने मांग की है कि मृतक के परिवार को उचित मुआवजा दिया जाए, घायलों के बेहतर उपचार की व्यवस्था की जाए और प्रभावित परिवारों को रोजगार संबंधी राहत प्रदान की जाए। उन्होंने चेतावनी दी है कि मांगों पर त्वरित कार्रवाई नहीं होने पर प्लांट का संचालन और लोको पायलट की आवाजाही रोकने के लिए आंदोलन किया जाएगा।
प्रबंधन ने दिया कार्रवाई का भरोसा
एमपीपीजीसीएल के सेफ्टी ऑफिसर राजेंद्र अनुरागी के अनुसार, बीती रात करीब 11:30 बजे पावर प्लांट की रेलवे लाइन पर पिकअप और एमपीपीजीसीएल की रेलवे रैक के बीच दुर्घटना हुई थी। उन्होंने बताया कि घटना के बाद प्रबंधन की ओर से दुर्घटनास्थल का निरीक्षण किया गया है।
उन्होंने कहा कि घायलों के बेहतर उपचार के लिए निजी अस्पतालों में इलाज कराने पर सहमति दी गई है। पीड़ितों की ओर से मांगी गई राहत और मुआवजे के संबंध में कंपनी प्रबंधन गंभीरता से विचार कर रहा है। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि जांच में जो भी दोषी पाया जाएगा, उसके विरुद्ध नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।
रेलवे लाइन की सुरक्षा व्यवस्था पर उठे सवाल
चचाई पावर प्लांट की रेलवे लाइन पर हुई इस दर्दनाक दुर्घटना ने सुरक्षा व्यवस्था और जवाबदेही को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। रेलवे ट्रैक पार करने वाले मार्ग पर पर्याप्त सुरक्षा इंतजाम थे या नहीं, दुर्घटना के समय निर्धारित नियमों का पालन किया गया या नहीं और हादसे के लिए कौन जिम्मेदार है, इन सभी बिंदुओं की जांच जरूरी है
एक व्यक्ति की मौत और छह लोगों के घायल होने की इस घटना ने प्रभावित परिवारों को गहरे सदमे में डाल दिया है। अब सबकी निगाहें जांच, घायलों के उपचार और पीड़ित परिवारों को राहत दिलाने के लिए प्रबंधन की अगली कार्रवाई पर टिकी हैं






































































