सुशासन तिहार के शिविर में 156 आवेदनों पर हुई त्वरित कार्यवाही, योजनाओं का मिला लाभ
एमसीबी। सुशासन तिहार 2026 के तहत विकासखंड भरतपुर के ग्राम पंचायत लाखनटोला में आयोजित समाधान शिविर ने ग्रामीणों और प्रशासन के बीच संवाद की नई तस्वीर पेश की। “संवाद से संपूर्ण समाधान” की भावना के साथ आयोजित शिविर में बड़ी संख्या में ग्रामीणों ने अपनी समस्याएं रखीं वहीं अधिकारियों ने मौके पर पहुंचकर उनके निराकरण की दिशा में पहल की।
शिविर का शुभारंभ छत्तीसगढ़ महतारी के छायाचित्र पर दीप प्रज्ज्वलित कर किया गया। इस अवसर पर जिला पंचायत अध्यक्ष श्रीमती यशवंती सिंह ने ग्रामीणों से सीधे मुलाकात कर उनकी समस्याएं सुनीं और संबंधित विभागों के अधिकारियों को प्राथमिकता के आधार पर निराकरण करने के निर्देश दिये। उन्होंने कहा कि सुशासन का वास्तविक उद्देश्य यही है कि शासन की सेवाएं और योजनाएं जरूरतमंदों तक आसानी से पहुंचे। गांव-गांव में पहुंचकर समस्याओं का समाधान करना प्रशासन की जिम्मेदारी है।
शिविर में कुल 156 आवेदन प्राप्त हुए जिनमें राजस्व, खाद्य, कृषि, पंचायत, सामाजिक सुरक्षा सहित विभिन्न विभागों से जुड़े मामले शामिल रहे। कई आवेदनों का निराकरण मौके पर ही किया गया जबकि अन्य प्रकरणों को समय-सीमा में पूरा करने के लिये विभागों को सौंपा गया।
कार्यक्रम के दौरान हितग्राहियों को शासन की योजनाओं से भी जोड़ा गया। खाद्य विभाग द्वारा कैलाशिया बैगा को अंत्योदय राशन कार्ड की सुविधा प्रदान की गई। कृषि विभाग ने किसानों को मूंग बीज वितरित किये गये वहीं वन विभाग ने पर्यावरण संरक्षण के लिये पौधों का वितरण किया। महिला एवं बाल विकास विभाग द्वारा आयोजित गोद भराई कार्यक्रम में गर्भवती महिलाओं को सम्मानित कर पोषण, स्वास्थ्य और सुरक्षित मातृत्व से जुड़ी जानकारी दी गई। ग्रामीणों ने कहा कि ऐसे शिविरों से गांव में ही समस्याओं का समाधान हो रहा है और सरकारी योजनाओं की जानकारी भी आसानी से मिल रही है।
इस अवसर पर जिला पंचायत सदस्य श्रीमती सुखमंती सिंह, जनपद पंचायत अध्यक्ष माता प्रताप सिंह, जनपद सदस्य श्रीमती फूलबाई, श्रीमती नंदनी गुप्ता, धर्मपाल मरावी, श्रीमती सविता सिंह, सरपंच श्रीमती लीला सिंह सहित अन्य जनप्रतिनिधि मौजूद रहे साथ ही विभिन्न विभागों के अधिकारी-कर्मचारी भी उपस्थित रहे। लाखनटोला का यह समाधान शिविर प्रशासन की संवेदनशीलता और जनता तक पहुंचने की प्रतिबद्धता का उदाहरण बना जहां शिकायतों के साथ-साथ ग्रामीणों को योजनाओं का लाभ भी एक ही स्थान पर मिला।




































