कोयला श्रमिकों का बड़ा आंदोलन, 10 अगस्त को सभी महाप्रबंधक कार्यालयों का होगा घेराव
एसकेएमएस एटक के महासचिव अजय विश्वकर्मा बोले— जेबीसीसीआई-12 का गठन और लंबित वेतन समझौते लागू होने तक जारी रहेगा संघर्ष
बिलासपुर/आसनसोल। कोल इंडिया एवं उसकी सभी अनुषंगी कंपनियों के लाखों कोयला श्रमिकों से जुड़े महत्वपूर्ण मुद्दों को लेकर केंद्रीय श्रमिक संगठनों ने संघर्ष का बिगुल फूंक दिया है। कोल इंडिया स्तर पर एटक, एचएमएस, इंटक एवं सीटू की फेडरेशनों की संयुक्त ऑनलाइन बैठक में सर्वसम्मति से निर्णय लिया गया कि 10 अगस्त 2026 को देशभर में कोल इंडिया और उसकी सभी अनुषंगी कंपनियों के क्षेत्रीय महाप्रबंधक (जीएम) कार्यालयों का संयुक्त घेराव एवं एक दिवसीय धरना-प्रदर्शन किया जाएगा।
आईएमडब्ल्यूएफ (IMWF) के महासचिव कॉमरेड रामेन्द्र कुमार की अध्यक्षता में आयोजित इस महत्वपूर्ण बैठक में चारों केंद्रीय श्रमिक संगठनों के वरिष्ठ पदाधिकारियों ने भाग लिया। बैठक में एटक की ओर से रामेन्द्र कुमार, अशोक यादव, एसकेएमएस एटक के महासचिव अजय विश्वकर्मा, लखनलाल महतो एवं सी. जे. जोसेफ शामिल हुए। वहीं एचएमएस की ओर से हरभजन सिंह सिद्धू एवं अशोक पांडेय, इंटक की ओर से कुमार जय मंगल सिंह एवं एस. क्यू. ज़ामा तथा सीटू की ओर से डी.डी. रामानंदन, वी. एम. मनोहर और के. श्रीवास्तव उपस्थित रहे।
बैठक में श्रमिकों से जुड़े लंबे समय से लंबित मुद्दों पर विस्तार से चर्चा की गई। सभी संगठनों ने एकमत होकर निर्णय लिया कि यदि प्रबंधन ने श्रमिक हितों से जुड़े मामलों का शीघ्र समाधान नहीं किया तो आंदोलन को और व्यापक स्वरूप दिया जाएगा।
एसकेएमएस एटक के महासचिव अजय विश्वकर्मा ने कहा कि कोयला श्रमिक वर्षों से अपने न्यायोचित अधिकारों की प्रतीक्षा कर रहे हैं। जेबीसीसीआई-12 का गठन लगातार लंबित है, जबकि 11वें वेतन समझौते के कई महत्वपूर्ण बिंदुओं का अब तक पूर्ण क्रियान्वयन नहीं हो सका है। श्रमिकों के धैर्य की भी एक सीमा है और अब संगठित संघर्ष के माध्यम से ही इन मांगों को पूरा कराया जाएगा।
उन्होंने बताया कि आंदोलन की दो प्रमुख मांगें हैं—
- जेबीसीसीआई-12 का तत्काल गठन।
- 11वें वेतन समझौते के लंबित प्रावधानों का शीघ्र क्रियान्वयन।
बैठक में यह भी निर्णय लिया गया कि 11 एवं 12 सितंबर 2026 को रांची में चारों कोल फेडरेशनों का संयुक्त कोल कन्वेंशन आयोजित किया जाएगा, जिसमें भविष्य की रणनीति तय की जाएगी। इसके साथ ही चारों फेडरेशन संयुक्त रूप से कोल इंडिया के अध्यक्ष को पत्र भेजकर श्रमिकों की लंबित मांगों का शीघ्र समाधान करने का आग्रह करेंगी।
अजय विश्वकर्मा ने एसईसीएल सहित कोल इंडिया की सभी अनुषंगी कंपनियों के श्रमिकों से आह्वान किया कि वे 10 अगस्त के आंदोलन को ऐतिहासिक बनाने के लिए अभी से व्यापक तैयारियां शुरू करें। उन्होंने क्षेत्र स्तर पर संयुक्त बैठकों के आयोजन, अधिक से अधिक श्रमिकों की भागीदारी सुनिश्चित करने तथा एकजुट होकर आंदोलन को सफल बनाने की अपील की।
केंद्रीय श्रमिक संगठनों का मानना है कि यदि समय रहते मांगों का समाधान नहीं किया गया तो आगामी चरणों में आंदोलन को और तेज किया जाएगा। ऐसे में 10 अगस्त का प्रस्तावित घेराव कोयला उद्योग के श्रमिक आंदोलन की दिशा तय करने वाला महत्वपूर्ण कार्यक्रम माना जा रहा है।




























































