कोर्ट के एसी का कॉपर वायर बना चोर का निशाना, पुलिस ने दबोचा आरोपी
चिरमिरी पुलिस ने कबाड़ में बेचने की फिराक में रखे 1.5 किलो कॉपर वायर को किया बरामद
चिरमिरी। व्यवहार न्यायालय चिरमिरी परिसर में लगे एसी के आउटडोर यूनिट के कॉपर वायर पर हाथ साफ करने वाले आरोपी को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस ने आरोपी की निशानदेही पर करीब 1.5 किलोग्राम कॉपर वायर जिसकी कीमत लगभग 2,250 रुपये है को बरामद किया है। आरोपी को न्यायिक रिमांड पर भेज दिया गया है।
चिरमिरी पुलिस से मिली जानकारी के अनुसार न्यायालय परिसर से एसी के आउटडोर कॉपर वायर चोरी होने की शिकायत प्रार्थी मनीष कुमार पैकरा निवासी गोदरीपारा ने थाना चिरमिरी में दर्ज कराई थी। शिकायत के मुताबिक 2 सितंबर को दो नग और 4 सितंबर को एक नग कॉपर वायर चोरी किया गया था। मामले में पुलिस ने अपराध क्रमांक 337/2026 के तहत धारा 303(2) बीएनएस में प्रकरण दर्ज कर जांच शुरू की। इसी बीच ओसीएम खदान चिरमिरी से करीब 30 मीटर 50 एमएम फ्लेक्सिबल केबल चोरी होने की सूचना भी पुलिस को मिली। इस मामले में अपराध क्रमांक 334/2026, धारा 303(3) बीएनएस के तहत अपराध दर्ज किया गया।
चोरी की घटनाओं को गंभीरता से लेते हुए पुलिस अधीक्षक एमसीबी श्रीमती रत्ना सिंह (आईपीएस) के निर्देश पर अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक अनिल विश्वकर्मा और नगर पुलिस अधीक्षक चिरमिरी रवि कुमार कुजूर के मार्गदर्शन में पुलिस टीम गठित की गई।निरीक्षक वासुदेव परगनिहा के नेतृत्व में टीम ने संदिग्धों की तलाश शुरू की। इसी दौरान मुखबिर से मिली सूचना के आधार पर पुलिस ने जितेश सिंह उर्फ गोलू (21 वर्ष) निवासी वार्ड क्रमांक 20 धम्मन दफाई छोटी बाजार चिरमिरी को पकड़कर पूछताछ की। पूछताछ में आरोपी ने न्यायालय परिसर से कॉपर वायर चोरी करना स्वीकार किया। पुलिस पूछताछ में आरोपी ने बताया कि 2 सितंबर को चोरी किया गया वायर मनेन्द्रगढ़ में कबाड़ी चुनमुन के पास कबाड़ में बेच दिया गया था जबकि 4 सितंबर को चोरी किया गया कॉपर वायर टिकरापारा कब्रिस्तान के पास छिपाकर रखा गया था। पुलिस ने आरोपी की निशानदेही पर छिपाकर रखा गया करीब 1.5 किलो कॉपर वायर बरामद कर लिया। जांच के दौरान चोरी किये गये तांबे के पाइप को एक अन्य व्यक्ति को बेचने की जानकारी भी पुलिस के सामने आई है। पुलिस अब उक्त व्यक्ति की तलाश के साथ मामले की आगे जांच कर रही है।
आरोपी जितेश सिंह उर्फ गोलू को 6 सितंबर 2026 को गिरफ्तार कर न्यायिक रिमांड पर भेज दिया गया।
सम्पूर्ण कार्यवाही में थाना प्रभारी निरीक्षक वासुदेव परगनिहा, सउनि विपिन मिंज, प्रधान आरक्षक अशोक मलिक, आरक्षक सुरेश तिग्गा, मदन राजवाड़े और सैनिक रामजी गुप्ता की महत्वपूर्ण भूमिका रही।



































































