एनएचएआई में बोलेरो लगवाने का झांसा देकर ठगी करने वाला आरोपी सीहोर से गिरफ्तार

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 एनएचएआई में बोलेरो लगवाने का झांसा देकर ठगी करने वाला आरोपी सीहोर से गिरफ्तार

फर्जी पहचान के सहारे अनूपपुर में फैला रखा था ठगी का जाल, ट्रैक्टर दिलाने के नाम पर तीन लोगों से ऐंठे 5.30 लाख रुपये; बोलेरो वाहन जब्त

अनूपपुर। एनएचएआई कंपनी में बोलेरो वाहन लगवाने का झांसा देकर वाहन लेकर फरार होने और शासन की योजनाओं के तहत छूट दिलाकर ट्रैक्टर दिलाने के नाम पर लोगों से लाखों रुपये की ठगी करने के मामले में कोतवाली पुलिस ने मुख्य आरोपी को सीहोर जिले से गिरफ्तार किया है। आरोपी के कब्जे से धोखाधड़ी कर ले जाया गया बोलेरो वाहन क्रमांक MP18ZK0201 भी जब्त किया गया है। मामले में आरोपी के साथ कथित रूप से ठगी की रकम के लेन-देन में शामिल महिला को भी गिरफ्तार कर न्यायिक हिरासत में भेजा गया है।

पुलिस के अनुसार, आरोपी ने अनूपपुर जिले में अपनी पहचान बदलकर राजेन्द्र सिंह परस्ते के नाम से लोगों के बीच रहकर ठगी की वारदातों को अंजाम दिया। बोलेरो वाहन को एनएचएआई कंपनी में लगवाने का भरोसा देकर वाहन हासिल किया और ट्रैक्टर दिलाने के नाम पर भी कई लोगों से रकम वसूल की। शिकायतों के आधार पर पुलिस ने अलग-अलग अपराध दर्ज कर जांच शुरू की थी।

 एनएचएआई में वाहन लगवाने के नाम पर बोलेरो लेकर हुआ फरार

कोतवाली थाना क्षेत्र के ग्राम केकरपानी निवासी दुबेलाल यादव, उम्र 30 वर्ष, ने पुलिस में शिकायत दर्ज कराई कि उनकी बोलेरो गाड़ी क्रमांक MP18ZK0201 को चलाने वाला ड्राइवर राजेन्द्र सिंह परस्ते वाहन को एनएचएआई कंपनी में लगवाने का झांसा देकर ले गया। इसके बाद आरोपी वाहन लेकर फरार हो गया।

वाहन वापस नहीं मिलने और धोखाधड़ी का शिकार होने पर दुबेलाल यादव ने कोतवाली अनूपपुर में शिकायत दर्ज कराई। पुलिस ने मामले में अपराध क्रमांक 476/26 के तहत धारा 318(4) बीएनएस में प्रकरण पंजीबद्ध कर जांच शुरू की।

 ट्रैक्टर दिलाने के नाम पर तीन लोगों से 5.30 लाख की ठगी

इसी दौरान पुलिस को ट्रैक्टर दिलाने के नाम पर धोखाधड़ी किए जाने की एक अन्य शिकायत भी प्राप्त हुई। शिकायतकर्ता सुरेन्द्र सिंह परस्ते, निवासी ग्राम पोड़ी, ने आरोप लगाया कि राजेन्द्र सिंह परस्ते ने ट्रैक्टर दिलाने का भरोसा देकर उनसे 1 लाख 50 हजार रुपये, रीतेश सिंह से 70 हजार रुपये और उमेश केवट से 3 लाख 10 हजार रुपये प्राप्त किए।

इस प्रकार तीनों से कुल 5 लाख 30 हजार रुपये लेकर आरोपी ने रकम हड़प ली। शिकायत के आधार पर कोतवाली पुलिस ने अपराध क्रमांक 508/26 के तहत धारा 318(4) बीएनएस में मामला दर्ज किया।

फर्जी पहचान के सहारे अनूपपुर में रह रहा था आरोपी

पुलिस जांच में सामने आया कि आरोपी का वास्तविक नाम सुनील मोहनलाल शर्मा उर्फ सुनील शर्मा, उम्र 34 वर्ष, निवासी ग्राम बमोरी, थाना तलेन, जिला राजगढ़ है। वह अनूपपुर जिले में राजेन्द्र सिंह परस्ते के नाम से रह रहा था।

पुलिस के अनुसार, आरोपी ग्राम पोड़ी में रहकर क्षेत्र के लोगों से धोखाधड़ी कर रकम वसूल करता था। वह ग्राम जमुनिहा, बेलियाबड़ी, थाना कोतमा निवासी गीतांजली बाई परस्ते, उम्र 35 वर्ष, के साथ पति-पत्नी के रूप में रह रहा था। जांच में महिला की भी कथित सहभागिता सामने आई है।

फर्जी टोल पर्ची लगाकर घूमता था बोलेरो से

पुलिस के मुताबिक, आरोपी दुबेलाल यादव की बोलेरो गाड़ी पर भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (एनएचएआई) के टोल प्लाजा की फर्जी पासिंग पर्ची चिपकाकर घूमता था। इससे वह टोल प्लाजा पर शुल्क नहीं देने का प्रयास करता था।

जांच में यह भी सामने आया कि आरोपी लोगों से ऑनलाइन रकम गीतांजली बाई परस्ते के बैंक खाते में ट्रांसफर करवाता था। इसके बाद दोनों कथित रूप से खाते से रकम निकालकर उपयोग करते थे। पुलिस के अनुसार, आरोपी करीब दो माह पहले महिला के साथ फरार हो गया था।

सीहोर में मिला आरोपी का लोकेशन, पुलिस ने दबिश देकर पकड़ा

मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस अधीक्षक अनूपपुर विक्रांत मुराब के निर्देशन तथा अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक जगन्नाथ मरकाम और अनुविभागीय अधिकारी पुलिस नवीन तिवारी के मार्गदर्शन में कोतवाली पुलिस ने आरोपी की तलाश शुरू की।

पुलिस टीम ने मुखबिर की सूचना और साइबर सेल की मदद से आरोपी का लोकेशन जिला सीहोर में प्राप्त किया। इसके बाद पुलिस ने कार्रवाई करते हुए आरोपी को अभिरक्षा में लेकर अनूपपुर पहुंचाया। उसके कब्जे से फरियादी की बोलेरो गाड़ी क्रमांक MP18ZK0201 बरामद की गई। पुलिस ने धोखाधड़ी से संबंधित नगद राशि भी जब्त किए जाने की जानकारी दी है।

पूछताछ के दौरान आरोपी ने अपना वास्तविक नाम सुनील मोहनलाल शर्मा उर्फ सुनील शर्मा बताया। पुलिस के अनुसार, आरोपी ने राजगढ़, शाजापुर और अन्य जिलों में भी अपने विरुद्ध चोरी एवं दुष्कर्म जैसे अपराधों के प्रकरण दर्ज होने तथा पूर्व में कुछ मामलों में जेल की सजा काटने की जानकारी दी है। इन तथ्यों की स्वतंत्र पुष्टि संबंधित अभिलेखों से किया जाना आवश्यक है।

महिला आरोपी भी गिरफ्तार

पुलिस जांच में गीतांजली बाई परस्ते की कथित सहभागिता सामने आने के बाद उसे भी 17 सितंबर 2026 को गिरफ्तार किया गया। पुलिस ने बताया कि दोनों आरोपियों के विरुद्ध वैधानिक कार्रवाई करते हुए महिला आरोपी को न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया है। मुख्य आरोपी को भी गिरफ्तार कर मामले में आगे की विवेचना की जा रही है।

थाना प्रभारी के नेतृत्व में हुई कार्रवाई

पूरी कार्रवाई कोतवाली थाना प्रभारी संजय अशोक एक्का के नेतृत्व में की गई। पुलिस टीम में उपनिरीक्षक त्रिलोक सिंह वालरे, प्रधान आरक्षक महेन्द्र राठौर, आरक्षक अमित यादव तथा साइबर सेल से प्रधान आरक्षक राजेन्द्र अहिरवार और पंकज मिश्रा शामिल रहे।

पुलिस मामले में अन्य पीड़ितों और ठगी की कुल रकम के संबंध में भी जांच कर रही है। आरोपी द्वारा कथित रूप से फर्जी पहचान का इस्तेमाल कर क्षेत्र में लोगों से संपर्क स्थापित करने और वाहन व ट्रैक्टर दिलाने के नाम पर रकम वसूलने के पहलुओं की विवेचना जारी है।

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