प्रधानमंत्री के जन्मदिन पर स्कूल में जश्न, लेकिन प्यासे रहे मासूम बच्चे
जमुनिहा प्राथमिक पाठशाला का पंप एक माह से बंद, पेयजल संकट से जूझ रहे विद्यार्थियों की सुध लेने वाला कोई नहीं
श्रीकांत शुक्ला ने कलेक्टर से लगाई गुहार, स्कूल की अव्यवस्थाओं पर तत्काल कार्रवाई और बच्चों को शुद्ध पेयजल उपलब्ध कराने की मांग
जमुना-कोतमा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के जन्मदिन के अवसर पर 17 सितंबर 2026 को जहां देशभर में विभिन्न कार्यक्रमों के माध्यम से खुशियां मनाई जा रही थीं, वहीं अनूपपुर जिले के जनपद पंचायत बदरा अंतर्गत ग्राम पंचायत जमुनिहा स्थित प्राथमिक पाठशाला में एक गंभीर अव्यवस्था सामने आई विद्यालय में प्रधानमंत्री के जन्मदिन का कार्यक्रम आयोजित किया जा रहा था लेकिन स्कूल में पढ़ने वाले मासूम बच्चे पीने के पानी के लिए परेशान होते नजर आए विद्यालय में स्थापित पेयजल पंप लगभग एक माह से बंद पड़ा है, जिसके कारण विद्यार्थियों को पानी की समस्या का सामना करना पड़ रहा है
इस मामले को लेकर श्रीकांत शुक्ला ने प्रशासन और जिला कलेक्टर का ध्यान आकर्षित करते हुए विद्यालय में पेयजल व्यवस्था तत्काल दुरुस्त कराने की मांग की है उन्होंने कहा कि जिस विद्यालय में देश का भविष्य तैयार हो रहा है, वहां बच्चों को पीने के लिए पानी जैसी बुनियादी सुविधा भी उपलब्ध नहीं होना चिंताजनक है
प्रधानमंत्री के जन्मदिन पर सामने आई स्कूल की बदहाल व्यवस्था
17 सितंबर को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के जन्मदिन के अवसर पर जमुनिहा प्राथमिक पाठशाला में कार्यक्रम आयोजित किया जा रहा था इसी दौरान विद्यालय में पेयजल व्यवस्था की वास्तविक स्थिति सामने आई स्कूल में लगा पंप लंबे समय से बंद होने के कारण बच्चों को पीने के पानी के लिए परेशान होना पड़ रहा था
श्रीकांत शुक्ला के अनुसार, विद्यालय का पंप करीब एक महीने से बंद है, लेकिन अब तक उसकी मरम्मत या वैकल्पिक पेयजल व्यवस्था सुनिश्चित नहीं की गई है ऐसे में सवाल उठता है कि जब विद्यालय में नियमित रूप से बच्चे पढ़ने आते हैं, तो उनकी बुनियादी जरूरतों की जिम्मेदारी निभाने वाले संबंधित विभाग और स्कूल प्रबंधन इस समस्या के समाधान के लिए अब तक क्या कदम उठा रहे हैं
प्रधानमंत्री के जन्मदिन पर आयोजित कार्यक्रम के बीच बच्चों को पानी के लिए परेशान होना इस बात की ओर ध्यान दिलाता है कि विद्यालयों में केवल आयोजन और औपचारिक गतिविधियां ही नहीं, बल्कि विद्यार्थियों की मूलभूत सुविधाओं पर भी समान रूप से ध्यान देना आवश्यक है
गरीब परिवारों के बच्चों को सबसे ज्यादा परेशानी
श्रीकांत शुक्ला ने कहा कि इस अव्यवस्था का सबसे अधिक असर ग्रामीण क्षेत्र के गरीब परिवारों से आने वाले मासूम बच्चों पर पड़ रहा है विद्यालय में पढ़ने वाले विद्यार्थियों के लिए स्वच्छ पेयजल की उपलब्धता बेहद जरूरी है लंबे समय तक पंप बंद रहने से बच्चों को परेशानी उठानी पड़ रही है
उन्होंने चिंता जताई कि विद्यालय प्रबंधन की ओर से समस्या का समाधान नहीं किया जा रहा है और प्रशासनिक स्तर पर भी अब तक अपेक्षित पहल दिखाई नहीं दे रही है यदि विद्यालय में पेयजल व्यवस्था लंबे समय तक बंद रहती है, तो इसका सीधा असर बच्चों की पढ़ाई और उनकी दैनिक दिनचर्या पर पड़ सकता है
कलेक्टर से तत्काल हस्तक्षेप की मांग
श्रीकांत शुक्ला ने जिला कलेक्टर से अनुरोध किया है कि ग्राम पंचायत जमुनिहा की प्राथमिक पाठशाला में व्याप्त पेयजल समस्या को गंभीरता से संज्ञान में लिया जाए संबंधित अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश जारी कर बंद पड़े पंप की शीघ्र मरम्मत कराई जाए, ताकि बच्चों को जल्द से जल्द स्वच्छ पेयजल उपलब्ध हो सके
उन्होंने यह भी अपेक्षा जताई कि विद्यालय में पेयजल व्यवस्था की नियमित निगरानी सुनिश्चित की जाए, जिससे भविष्य में विद्यार्थियों को ऐसी समस्या का सामना न करना पड़े
श्रीकांत शुक्ला का कहना है कि बच्चों को पीने के लिए शुद्ध पानी उपलब्ध कराना केवल सुविधा का विषय नहीं, बल्कि उनकी बुनियादी जरूरत और जिम्मेदारी है प्रशासन को चाहिए कि वह इस मामले में त्वरित कार्रवाई करते हुए विद्यालय की अव्यवस्था दूर करे, ताकि ग्रामीण क्षेत्र के मासूम बच्चों को राहत मिल सके
अब देखना यह है कि जिला प्रशासन और संबंधित विभाग इस शिकायत पर कितनी जल्दी कार्रवाई करते हैं और जमुनिहा प्राथमिक पाठशाला में बंद पड़े पंप को चालू कराकर विद्यार्थियों को राहत पहुंचाते हैं


































































