एसईसीएल में 75 श्रमवीरों का सम्मान, विश्वकर्मा अवार्ड्स से बढ़ाया कर्मयोगियों का गौरव
विश्वकर्मा जयंती पर द्वितीय विश्वकर्मा अवार्ड्स समारोह आयोजित, नियमित एवं संविदा कर्मियों को मिला सम्मान; स्वच्छता कर्मियों को भी किया गया प्रोत्साहित
बिलासपुर। भगवान विश्वकर्मा जयंती एवं प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के जन्मदिवस के अवसर पर साउथ ईस्टर्न कोलफील्ड्स लिमिटेड (एसईसीएल) के बिलासपुर मुख्यालय में 17 सितंबर को द्वितीय एसईसीएल विश्वकर्मा अवार्ड्स समारोह का आयोजन किया गया। समारोह में एसईसीएल की खदानों एवं परिचालन गतिविधियों में उल्लेखनीय योगदान देने वाले 75 नियमित एवं संविदा कर्मियों को उनके श्रम, कार्यकुशलता और समर्पण के लिए सम्मानित किया गया। वहीं, स्वच्छता ही सेवा अभियान एवं स्पेशल कैम्पेन 6.0 के तहत स्वच्छता और कार्यस्थलों को सुव्यवस्थित रखने में योगदान देने वाले सफाई कर्मियों को भी सम्मानित कर उनका उत्साहवर्धन किया गया।
विश्वकर्मा जयंती पर आयोजित इस समारोह में खनन क्षेत्र के उन कर्मियों के योगदान को प्रमुखता से रेखांकित किया गया, जो अपनी मेहनत, तकनीकी दक्षता और समर्पण के बल पर खदानों की परिचालन गतिविधियों को सुचारु बनाए रखने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। कार्यक्रम के माध्यम से जमीनी स्तर पर कार्य करने वाले श्रमिकों के योगदान को पहचान देने और उनके कार्यों के प्रति सम्मान व्यक्त करने का संदेश दिया गया।
खदानों में उत्कृष्ट कार्य करने वाले 75 कर्मियों को सम्मान
एसईसीएल विश्वकर्मा अवार्ड्स का यह दूसरा संस्करण है। इस पहल के माध्यम से कंपनी अपने जमीनी स्तर पर कार्यरत कर्मियों के योगदान को सम्मान प्रदान कर रही है। समारोह में खदानों में ऑपरेशन, मेंटेनेंस, सुपरवाइजरी एवं अन्य तकनीकी कार्यों में उल्लेखनीय योगदान देने वाले 75 नियमित एवं संविदा कर्मियों को सम्मानित किया गया।
खनन उद्योग में उत्पादन गतिविधियों के साथ मशीनों का रखरखाव, तकनीकी प्रबंधन, सुरक्षा और कार्यस्थल पर अनुशासन का विशेष महत्व होता है। इन सभी क्षेत्रों में श्रमिकों की भूमिका महत्वपूर्ण रहती है। खदानों में कार्यरत कर्मियों का अनुभव, मेहनत और कार्यकुशलता परिचालन व्यवस्था को प्रभावी बनाए रखने में योगदान देती है।
विश्वकर्मा अवार्ड्स के माध्यम से ऐसे कर्मियों के कार्यों को पहचान देने के साथ ही श्रमिकों में कार्य के प्रति समर्पण, जिम्मेदारी और उत्कृष्टता की भावना को प्रोत्साहित करने का प्रयास किया जा रहा है। नियमित एवं संविदा कर्मियों को सम्मानित कर कंपनी ने विभिन्न स्तरों पर कार्यरत श्रमिकों के योगदान को महत्व दिया।
भगवान विश्वकर्मा सृजन, कौशल और कर्म के प्रतीक : बिरंची दास
समारोह को संबोधित करते हुए एसईसीएल के निदेशक (मानव संसाधन) बिरंची दास ने कहा कि भगवान विश्वकर्मा सृजन, कौशल और कर्म के प्रतीक हैं। खनन उद्योग में कार्यरत श्रमवीर भी अपने कौशल और परिश्रम से राष्ट्र की ऊर्जा सुरक्षा में महत्वपूर्ण योगदान दे रहे हैं।
उन्होंने कहा कि विश्वकर्मा जयंती एवं प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के जन्मदिवस के अवसर पर श्रमवीरों को सम्मानित करना उनके योगदान के प्रति सम्मान और कृतज्ञता का प्रतीक है। श्रमिकों की मेहनत और कार्यकुशलता कंपनी की परिचालन गतिविधियों को मजबूती प्रदान करती है।
खनन क्षेत्र में कार्यरत श्रमिकों का समर्पण उत्पादन एवं तकनीकी कार्यों के संचालन में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। ऐसे आयोजनों के माध्यम से उनके योगदान को सार्वजनिक रूप से सम्मान देना और उन्हें प्रोत्साहित करना महत्वपूर्ण है।
कोयला श्रमिकों के योगदान को रेखांकित करता केंद्रीय मंत्री का संदेश
कार्यक्रम के दौरान केंद्रीय कोयला एवं खान मंत्री जी. किशन रेड्डी द्वारा कोयला श्रमिकों के लिए प्रेषित संदेश का भी पाठ किया गया। संदेश में देश की ऊर्जा सुरक्षा एवं विकास में कोयला श्रमिकों के महत्वपूर्ण योगदान को रेखांकित करते हुए उनके परिश्रम, समर्पण और राष्ट्र निर्माण में भूमिका के प्रति सम्मान व्यक्त किया गया।
कोयला उद्योग देश की ऊर्जा आवश्यकताओं को पूरा करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। इस क्षेत्र में कार्यरत श्रमिक खदानों में उत्पादन, मशीनों के संचालन, तकनीकी रखरखाव और अन्य परिचालन गतिविधियों के माध्यम से ऊर्जा आपूर्ति व्यवस्था को मजबूत बनाने में योगदान देते हैं।
केंद्रीय मंत्री के संदेश के माध्यम से श्रमिकों के परिश्रम और राष्ट्र निर्माण में उनकी भूमिका के महत्व को सामने रखा गया।
स्वच्छता कर्मियों का सम्मान, कार्यस्थलों को स्वच्छ रखने का संदेश
विश्वकर्मा अवार्ड्स समारोह के साथ स्वच्छता ही सेवा अभियान एवं स्पेशल कैम्पेन 6.0 के तहत स्वच्छता कर्मियों को भी सम्मानित किया गया। एसईसीएल में स्वच्छता एवं कार्यस्थलों को साफ-सुथरा और सुव्यवस्थित बनाए रखने में योगदान देने वाले सफाई कर्मियों का सम्मान कर उनका उत्साहवर्धन किया गया।
कार्यक्रम में स्वच्छता को दैनिक कार्यसंस्कृति का हिस्सा बनाने और कार्यस्थलों को स्वच्छ, सुरक्षित एवं सुव्यवस्थित रखने का संदेश दिया गया। स्वच्छता कर्मियों की भूमिका को महत्व देते हुए उनके कार्यों के प्रति सम्मान व्यक्त किया गया।
औद्योगिक संस्थानों में स्वच्छता और व्यवस्थित कार्यस्थल सुरक्षित एवं सुचारु कार्यप्रणाली के महत्वपूर्ण आधार हैं। इस दिशा में सफाई कर्मियों का योगदान अहम होता है। उन्हें सम्मानित करने के माध्यम से स्वच्छता के प्रति जागरूकता और सहभागिता बढ़ाने पर जोर दिया गया।
स्पेशल कैम्पेन 6.0 के तहत स्वच्छता से लेकर रिकॉर्ड प्रबंधन तक गतिविधियां
एसईसीएल मुख्यालय एवं विभिन्न संचालन क्षेत्रों में स्पेशल कैम्पेन 6.0 के तहत स्वच्छता, लंबित मामलों के निपटारे, कार्यालयीन स्थानों के बेहतर उपयोग, रिकॉर्ड प्रबंधन तथा ई-वेस्ट के प्रभावी प्रबंधन सहित विभिन्न गतिविधियां संचालित की जा रही हैं।
अभियान के अंतर्गत कार्यालयों एवं कार्यस्थलों को साफ-सुथरा और व्यवस्थित बनाने के साथ-साथ उपलब्ध स्थानों एवं संसाधनों का बेहतर उपयोग सुनिश्चित करने पर जोर दिया जा रहा है। इसके अलावा लंबित मामलों के निपटारे और रिकॉर्ड प्रबंधन के माध्यम से कार्यालयीन कार्यप्रणाली को अधिक प्रभावी बनाने का प्रयास किया जा रहा है।
ई-वेस्ट के प्रभावी प्रबंधन को भी अभियान का हिस्सा बनाया गया है, ताकि अनुपयोगी इलेक्ट्रॉनिक सामग्री के व्यवस्थित प्रबंधन को बढ़ावा दिया जा सके। इन गतिविधियों के माध्यम से स्वच्छता, सुव्यवस्था और बेहतर प्रशासनिक कार्यसंस्कृति को प्रोत्साहित किया जा रहा है।
वरिष्ठ अधिकारियों और श्रमिक संगठनों के प्रतिनिधियों की रही उपस्थिति
समारोह में एसईसीएल के निदेशक (मानव संसाधन) बिरंची दास, निदेशक (तकनीकी-संचालन) रमेश चंद्र महापात्र तथा निदेशक (तकनीकी-योजना/परियोजना) का अतिरिक्त प्रभार संभाल रहे नृपेंद्र नाथ उपस्थित रहे।
इसके अलावा संचालन समिति, कल्याण बोर्ड, सुरक्षा समिति, श्रमिक संघों के प्रतिनिधि, सिस्टा, ओबीसी, एससी-एसटी एवं विभिन्न एसोसिएशन के प्रतिनिधियों ने कार्यक्रम में सहभागिता की। समारोह में विभागाध्यक्षों तथा कंपनी के विभिन्न संचालन क्षेत्रों से आए अधिकारी एवं कर्मचारी भी मौजूद रहे।
श्रम, कौशल और स्वच्छता के प्रति प्रतिबद्धता का संदेश
विश्वकर्मा जयंती एवं प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के जन्मदिवस के अवसर पर आयोजित द्वितीय एसईसीएल विश्वकर्मा अवार्ड्स समारोह कर्म, कौशल, स्वच्छता और राष्ट्र की ऊर्जा सुरक्षा के प्रति प्रतिबद्धता का संदेश लेकर आया।
75 श्रमवीरों को सम्मानित करने के साथ ही स्वच्छता कर्मियों को सम्मान प्रदान कर कंपनी ने खदानों एवं कार्यस्थलों पर विभिन्न भूमिकाओं में योगदान देने वाले कर्मियों के कार्यों को महत्व दिया। समारोह के माध्यम से यह संदेश दिया गया कि श्रमिकों का परिश्रम, तकनीकी दक्षता और समर्पण किसी भी औद्योगिक संस्थान की कार्यप्रणाली का महत्वपूर्ण आधार है।
— जनसंपर्क विभाग, एसईसीएल, बिलासपुर


































































