खांद्रा कोलियरी में सतह पर दरारों के बाद ECL का एहतियाती कदम

---Advertisement---

खांद्रा कोलियरी में सतह पर दरारों के बाद ECL का एहतियाती कदम

नीलकंठ मंदिर के पास क्षेत्र को सतह से सील करने की प्रक्रिया शुरू, विशेषज्ञों की निगरानी में सुरक्षा उपाय; विस्फोट या एयर ब्लास्ट की पुष्टि नहीं

आसनसोल, 31 अगस्त। ईस्टर्न कोलफील्ड्स लिमिटेड (ECL) ने बंकोला क्षेत्र अंतर्गत खांद्रा कोलियरी में नीलकंठ मंदिर के निकट सतह पर दरारें एवं धंसाव दिखाई देने के बाद एहतियाती सुरक्षा उपाय शुरू कर दिए हैं। कंपनी ने स्पष्ट किया है कि कर्मचारियों और आसपास के क्षेत्र की सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए सतह से खदान को सील करने का निर्णय लिया गया है। यह कार्रवाई पूरी तरह निवारक और सक्रिय सुरक्षा हस्तक्षेप के रूप में की जा रही है।

कंपनी के अनुसार, 28 जुलाई 2026 को उक्त क्षेत्र में सतह पर दरारें एवं धंसाव देखे गए थे। यह क्षेत्र बड़ी संख्या में अनधिकृत संरचनाओं और अवैध रूप से रह रहे लोगों की मौजूदगी वाला बताया गया है। इन संरचनाओं के कारण प्रभावित क्षेत्र में सतह की प्रभावी भराई का कार्य बाधित हो रहा है।

भराई प्रभावित होने से बढ़ सकती है भूमिगत जोखिम की आशंका

ECL के मुताबिक, सतह की प्रभावी भराई बाधित होने के कारण भूमिगत खदान कार्यक्षेत्रों में हवा के प्रवेश की संभावना उत्पन्न हो सकती है। ऐसी स्थिति में प्रभावित क्षेत्र में स्वतः ताप उत्पन्न होने की स्थिति और अधिक गंभीर होने की आशंका रहती है।

भूमिगत परिस्थितियों में किसी भी संभावित प्रतिकूल स्थिति को रोकने और खदान में कार्यरत कर्मचारियों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के उद्देश्य से कंपनी ने एहतियाती कदम उठाया है। इसी क्रम में सतह से खदान को सील करने की प्रक्रिया शुरू की गई है।

विशेषज्ञों के तकनीकी मार्गदर्शन में चल रहा कार्य

ECL ने बताया कि खदान को सील करने की कार्रवाई CSIR-CIMFR के पूर्व मुख्य वैज्ञानिक श्री एन. सहाय तथा ECL के महाप्रबंधक (सुरक्षा एवं बचाव) के परामर्श और तकनीकी मार्गदर्शन में शुरू की गई है। पूरे कार्य की निगरानी ECL की माइंस रेस्क्यू टीम द्वारा की जा रही है।

कंपनी की ओर से स्थिति पर लगातार नजर रखी जा रही है। विशेषज्ञों की सलाह, तकनीकी आकलन और स्थापित खदान सुरक्षा प्रक्रियाओं के अनुरूप आवश्यक सुरक्षा उपाय किए जा रहे हैं।

विस्फोट या एयर ब्लास्ट की पुष्टि नहीं

भूमिगत कार्यक्षेत्रों में विस्फोट अथवा एयर ब्लास्ट से संबंधित कुछ मीडिया रिपोर्टों पर ECL ने स्थिति स्पष्ट करते हुए कहा है कि वर्तमान में ऐसा कोई परिस्थितिजन्य साक्ष्य या माइन-एयर विश्लेषण रिपोर्ट उपलब्ध नहीं है, जो खदान में किसी विस्फोट या एयर ब्लास्ट की घटना की पुष्टि करती हो।

कंपनी ने इस संबंध में सामने आई खबरों को तथ्यात्मक आधार पर स्पष्ट करते हुए कहा कि वर्तमान उपलब्ध जानकारी के अनुसार ऐसी किसी घटना की पुष्टि नहीं हुई है।

तीन महीने तक सील रहने की बात भी तथ्यात्मक रूप से तय नहीं

ECL ने खदान को “अत्यंत गंभीर रूप से जोखिमपूर्ण” बताए जाने और इसे तीन महीने तक सील रखे जाने संबंधी रिपोर्टों पर भी स्पष्टीकरण दिया है। कंपनी के अनुसार, इस स्तर पर न तो इस तरह का वर्गीकरण तथ्यात्मक रूप से स्थापित है और न ही तीन महीने तक सील रखने की अवधि निर्धारित की गई है।

खदान की सीलिंग कितने समय तक रहेगी और इसे दोबारा कब खोला जाएगा, इसका निर्णय तकनीकी निगरानी एवं विशेषज्ञों के आकलन के आधार पर लिया जाएगा। यह निर्णय उस समय की पर्यावरणीय तथा भूमिगत परिस्थितियों पर निर्भर करेगा। कंपनी ने यह भी स्पष्ट किया है कि परिस्थितियां अनुकूल होने पर सीलिंग की अवधि तीन महीने से कम भी हो सकती है।

कर्मचारियों की उपयुक्त स्थानों पर होगी तैनाती

एहतियाती सुरक्षा उपायों के चलते परिचालन और मानव संसाधन से जुड़ी आवश्यकताओं का भी ECL द्वारा आकलन किया जा रहा है। कंपनी ने स्पष्ट किया है कि फिलहाल मौजूदा कर्मचारियों को परिचालन आवश्यकताओं के अनुरूप उसी खदान की किसी अन्य इकाई अथवा आसपास की अन्य खदानों में उपयुक्त रूप से तैनात किया जाएगा।

इससे कर्मचारियों की सेवाओं का उपयोग सुरक्षा एवं परिचालन आवश्यकताओं के अनुरूप अन्य स्थानों पर किया जा सकेगा।

आवासीय क्वार्टरों में पानी-बिजली की आपूर्ति रहेगी सामान्य

ECL ने स्थानीय स्तर पर एक महत्वपूर्ण स्पष्टीकरण देते हुए कहा है कि इन एहतियाती सुरक्षा उपायों के कारण आवासीय क्वार्टरों में वर्तमान जल एवं विद्युत आपूर्ति में किसी प्रकार का व्यवधान नहीं होगा।

इससे खांद्रा कोलियरी क्षेत्र के आवासीय परिसरों में रहने वाले कर्मचारियों और उनके परिवारों को मूलभूत सुविधाओं को लेकर फिलहाल किसी परेशानी का सामना नहीं करना पड़ेगा।

निरंतर निगरानी, विशेषज्ञों की सलाह के आधार पर होंगे आगे के फैसले

ECL ने दोहराया है कि खांद्रा कोलियरी में किए जा रहे सुरक्षा उपाय पूरी तरह निवारक और सक्रिय सुरक्षा हस्तक्षेप हैं। कंपनी का उद्देश्य किसी भी संभावित भूमिगत जोखिम को बढ़ने से पहले नियंत्रित करना और कर्मचारियों तथा आसपास के क्षेत्र की सुरक्षा सुनिश्चित करना है।

आगे की कार्रवाई तकनीकी आकलन, लगातार निगरानी, विशेषज्ञों के मार्गदर्शन और खदान सुरक्षा के स्थापित मानकों के अनुरूप की जाएगी। खदान को दोबारा खोलने सहित अन्य परिचालन संबंधी निर्णय भी मौजूदा और भविष्य की भूमिगत एवं पर्यावरणीय परिस्थितियों के तकनीकी मूल्यांकन के बाद ही लिए जाएंगे।

ECL ने स्पष्ट किया है कि सुरक्षा से किसी प्रकार का समझौता नहीं किया जाएगा और परिस्थितियों के अनुरूप सभी आवश्यक एहतियाती कदम उठाए जाते रहेंगे।

Join WhatsApp

Join Now

Join Telegram

Join Now

Leave a Comment