जनसवालों को लेकर संघर्ष तेज करने की अपील

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अनूपपुर में गरजा CPI का ‘बदलाव ज़रूरी है’ अभियान, अमरकंटक चौराहा तक निकली पदयात्रा

महंगाई, बेरोजगारी और निजीकरण के खिलाफ जनसंघर्ष तेज करने का आह्वान, 1 सितंबर की दिल्ली रैली में व्यापक भागीदारी की अपील

अनूपपुर। भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (CPI) के राष्ट्रव्यापी अभियान ‘बदलाव ज़रूरी है’ के तहत अनूपपुर जिला पार्टी कार्यालय में आमसभा का आयोजन किया गया। सभा के बाद पार्टी कार्यालय से अमरकंटक चौराहा तक जोरदार नारों के साथ पदयात्रा निकाली गई। कार्यक्रम में पार्टी कार्यकर्ताओं के साथ आंगनवाड़ी कार्यकर्ता एवं सहायिका यूनियन की महिला कार्यकर्ताओं तथा अन्य समर्थकों ने भाग लिया।

आमसभा की अध्यक्षता कॉम. पी.एस. राऊतराय ने की, जबकि संचालन जिला सचिव कॉम. जनक राठौर ने किया। मुख्य वक्ता CPI राज्य कार्यकारिणी सदस्य एवं सिंगरौली के युवा कार्यकर्ता कॉम. संजय नामदेव रहे। वक्ताओं ने महंगाई, बेरोजगारी, निजीकरण, शिक्षा एवं स्वास्थ्य के व्यापारीकरण सहित किसानों, मजदूरों, युवाओं और आम जनता से जुड़े मुद्दों को प्रमुखता से उठाया।

जनसवालों को लेकर संघर्ष तेज करने की अपील

जिला सचिव कॉम. जनक राठौर ने कहा कि महंगाई, बेरोजगारी और निजीकरण के खिलाफ संघर्ष को गांवों और आम जनता के बीच ले जाने की आवश्यकता है। उन्होंने कार्यकर्ताओं से जनसंपर्क अभियान तेज करने और जनता के सवालों को लेकर संगठन को मजबूत करने का आह्वान किया। साथ ही 1 सितंबर को दिल्ली में आयोजित होने वाली रैली में अनूपपुर से व्यापक भागीदारी सुनिश्चित करने की अपील की।

कॉम. समर सिंह ने आदिवासी समाज के जल, जंगल, जमीन, रोजगार, शिक्षा और स्वास्थ्य से जुड़े सवालों को ‘बदलाव ज़रूरी है’ अभियान से जोड़ते हुए कहा कि आदिवासी अधिकारों की लड़ाई को किसानों, मजदूरों और युवाओं के व्यापक संघर्ष के साथ जोड़कर आगे बढ़ाने की जरूरत है। उन्होंने भी दिल्ली रैली को सफल बनाने का आह्वान किया।

लोकतंत्र और संविधान की रक्षा के लिए एकजुटता पर जोर

सभा की अध्यक्षता कर रहे कॉम. पी.एस. राऊतराय ने कहा कि लोकतंत्र, संविधान और मेहनतकश जनता के अधिकारों की रक्षा के लिए व्यापक जनएकता और संघर्ष जरूरी है। उन्होंने किसानों, मजदूरों, महिलाओं और युवाओं के सवालों को आंदोलन के केंद्र में रखने पर जोर दिया। उन्होंने कार्यकर्ताओं से ‘बदलाव ज़रूरी है’ के आह्वान को मजबूत करने तथा 1 सितंबर की दिल्ली रैली को सफल बनाने की अपील की।

मुख्य वक्ता कॉम. संजय नामदेव ने बढ़ती महंगाई, बेरोजगारी, निजीकरण और शिक्षा-स्वास्थ्य के व्यापारीकरण को लेकर चिंता जताई। उन्होंने कहा कि किसानों, मजदूरों, युवाओं और आम जनता के सामने बढ़ते संकट के खिलाफ व्यापक जनसंघर्ष खड़ा करने की आवश्यकता है। उन्होंने 1 सितंबर को दिल्ली के रामलीला मैदान में प्रस्तावित ‘बदलाव ज़रूरी है’ विशाल रैली में अधिक से अधिक लोगों की भागीदारी सुनिश्चित करने का आह्वान किया।

जल-जंगल-जमीन और कॉरपोरेट नियंत्रण का मुद्दा उठा

कॉम. विजेंद्र सोनी ने स्थानीय एवं राष्ट्रीय समस्याओं को राष्ट्रीय-अंतरराष्ट्रीय राजनीतिक और आर्थिक परिस्थितियों से जोड़ते हुए पूंजी के बढ़ते प्रभाव तथा सार्वजनिक संसाधनों पर कॉरपोरेट नियंत्रण के सवाल को उठाया। उन्होंने जनसंघर्ष को व्यापक वर्गीय समझ के साथ आगे बढ़ाने की आवश्यकता बताई।

वहीं कॉम. समर शाह ने आदिवासी समाज के जल-जंगल-जमीन और अधिकारों से जुड़े मुद्दों को प्रमुखता से उठाया और इन सवालों को व्यापक जनआंदोलन से जोड़ने पर जोर दिया।

रोजगार, शिक्षा, स्वास्थ्य और MSP की मांग

आमसभा में आंगनवाड़ी कार्यकर्ता एवं सहायिका यूनियन की महिलाओं ने भी सक्रिय भागीदारी की। इस दौरान रोजगार की गारंटी, रिक्त सरकारी पदों पर स्थायी नियुक्ति, समान एवं निःशुल्क शिक्षा, सार्वभौमिक स्वास्थ्य सेवा, किसानों के लिए कानूनी गारंटी के साथ न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP), सस्ता कृषि इनपुट एवं ऋण, किसानों की कर्जमाफी तथा मजदूरों के ट्रेड यूनियन अधिकारों की बहाली सहित विभिन्न जनमुद्दे उठाए गए।

अमरकंटक चौराहा तक निकली पदयात्रा

आमसभा के समापन के बाद कॉम. संजय नामदेव, कॉम. विजेंद्र सोनी एवं कॉम. जनक राठौर के नेतृत्व में पार्टी कार्यालय से अमरकंटक चौराहा तक पदयात्रा निकाली गई। पदयात्रा में शामिल कार्यकर्ताओं और समर्थकों ने ‘बदलाव ज़रूरी है’ सहित विभिन्न नारों के साथ महंगाई, बेरोजगारी, निजीकरण और जनविरोधी नीतियों के खिलाफ आवाज बुलंद की।

पदयात्रा के माध्यम से 1 सितंबर की दिल्ली रैली को सफल बनाने तथा जनसमस्याओं को लेकर जनसंघर्ष को और व्यापक बनाने का आह्वान किया गया। CPI कार्यकर्ताओं ने कहा कि अभियान को गांव-गांव और आम जनता के बीच पहुंचाकर किसानों, मजदूरों, महिलाओं, युवाओं और आदिवासी समाज के मुद्दों को आंदोलन से जोड़ने का प्रयास किया जाएगा।

कार्यक्रम के दौरान ‘बदलाव ज़रूरी है’, ‘इंकलाब ज़िंदाबाद’ और ‘भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी ज़िंदाबाद’ के नारे गूंजते रहे।

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