जेबीसीसीआई-12 गठन में देरी पर भड़का मजदूर संगठनों का आक्रोश, 1 जुलाई को पूरे कोयला क्षेत्र में होगा विरोध प्रदर्शन

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जेबीसीसीआई-12 गठन में देरी पर भड़का मजदूर संगठनों का आक्रोश, 1 जुलाई को पूरे कोयला क्षेत्र में होगा विरोध प्रदर्शन

लंबित एरियर भुगतान एवं जेबीसीसीआई-12 के शीघ्र गठन की मांग को लेकर चारों कोयला महासंघों ने बनाई आंदोलन की रणनीति : हरिद्वार सिंह

अनूपपुर। कोयला मजदूरों के वेतन समझौते के लिए गठित होने वाली जेबीसीसीआई-12 के गठन में हो रही देरी को लेकर चारों प्रमुख कोयला मजदूर महासंघों ने संयुक्त रूप से आंदोलन का ऐलान किया है। एटक यूनियन के प्रख्यात मजदूर नेता हरिद्वार सिंह ने जानकारी देते हुए बताया कि 5 जून 2026 को चारों कोयला महासंघों के जॉइंट एक्शन फोरम की बैठक में कोल इंडिया प्रबंधन, सिंगरेनी कोल कंपनी लिमिटेड एवं कोयला मंत्रालय के उदासीन रवैये पर गहरी चिंता व्यक्त की गई।

उन्होंने बताया कि वर्तमान जेबीसीसीआई-11 का कार्यकाल 30 जून 2026 को समाप्त हो रहा है। इसके बावजूद अब तक जेबीसीसीआई-12 के गठन को लेकर कोई ठोस पहल नहीं की गई है, जिससे देशभर के कोयला कर्मचारियों में नाराजगी व्याप्त है। मजदूर संगठनों ने इसे श्रमिक हितों की अनदेखी बताते हुए जल्द नए वेतन समझौता समिति के गठन की मांग उठाई है।

चारों महासंघों के संयुक्त निर्णय के अनुसार 1 जुलाई 2026 को सभी कोयला क्षेत्रों में गेट मीटिंग, धरना, रैली, पोस्टर एवं पर्चा वितरण कर विरोध प्रदर्शन किया जाएगा। साथ ही प्रबंधन को मांग पत्र सौंपकर जेबीसीसीआई-12 का तत्काल गठन करने एवं कर्मचारियों के लंबित एरियर का भुगतान करने की मांग की जाएगी।

हरिद्वार सिंह ने कहा कि चारों कोयला महासंघों ने कोयला कर्मियों से एकजुट रहने और अपने अधिकारों की रक्षा के लिए तैयार रहने की अपील की है। यदि मांगों पर समय रहते सकारात्मक पहल नहीं की गई तो मजदूर संगठन आगे व्यापक और निर्णायक आंदोलन करने के लिए बाध्य होंगे।

ज्ञात हो कि इस संयुक्त निर्णय में हिंद खदान मजदूर फेडरेशन (एचएमएस), इंडियन नेशनल माइन वर्कर्स फेडरेशन (इंटक), इंडियन माइन वर्कर्स फेडरेशन (एटक) तथा ऑल इंडिया कोल वर्कर्स फेडरेशन (सीटू) शामिल हैं। चारों संगठनों ने श्रमिक हितों की रक्षा के लिए संयुक्त संघर्ष जारी रखने का संकल्प लिया है।

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