ग्राम पंचायत बिम्हौरी में भ्रष्टाचार के गंभीर आरोप

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ग्राम पंचायत बिम्हौरी में भ्रष्टाचार के गंभीर आरोप

सड़क निर्माण में गिट्टी की धूल इस्तेमाल करने का दावा, सरपंच-सचिव पर मनमानी के आरोप; शिकायत के बाद भी कार्रवाई नहीं

शहडोल।
जनपद पंचायत सोहागपुर अंतर्गत ग्राम पंचायत बिम्हौरी में निर्माण कार्यों में भारी भ्रष्टाचार और अनियमितताओं के आरोप सामने आए हैं। पंचायत के पंच अशोक महरा एवं ग्रामीणों द्वारा दिए गए आवेदन में सरपंच और सचिव पर शासकीय राशि के दुरुपयोग, घटिया निर्माण कार्य कराने तथा मनमानी करने के गंभीर आरोप लगाए गए हैं। शिकायतकर्ताओं का कहना है कि कई बार आवेदन देने के बावजूद अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई, जिससे ग्रामीणों में भारी नाराजगी व्याप्त है।

मुख्यमंत्री के नाम सौंपे गए आवेदन में आरोप लगाया गया है कि पंचायत में सोलर पैनल कार्यों में फर्जी बिल वाउचर लगाकर वास्तविक लागत से अधिक राशि निकाली गई है। इसके अलावा रामसागर से बस्ती तक बनाए जा रहे ग्रेवल रोड निर्माण में गुणवत्ता का बिल्कुल ध्यान नहीं रखा जा रहा। ग्रामीणों का आरोप है कि सड़क निर्माण में मानक सामग्री की जगह गिट्टी की धूल और मिट्टी मिश्रित सामग्री का उपयोग किया जा रहा है, जिससे सड़क कुछ ही समय में खराब होने की आशंका है।

ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि बिम्हौरी अस्पताल मार्ग में भी इसी प्रकार घटिया निर्माण किया गया था और अब गुडुर भाटा रोड में भी भ्रष्टाचार दोहराया जा रहा है। आवेदन में ग्राम गरडंडिया स्थित प्राथमिक शाला निर्माण कार्य में भी घटिया सामग्री उपयोग करने का आरोप लगाया गया है। शिकायतकर्ताओं का कहना है कि निर्माण कार्यों में कमजोर ईंट और नाले की मिट्टी मिश्रित रेत का इस्तेमाल किया जा रहा है।

आवेदन में यह भी उल्लेख किया गया है कि ग्राम पंचायत अंतर्गत संचालित नल-जल योजना पिछले लगभग 15 दिनों से बंद पड़ी है, जबकि भीषण गर्मी में ग्रामीणों को पेयजल संकट का सामना करना पड़ रहा है। इसके बावजूद पंचायत प्रशासन द्वारा समस्या समाधान की दिशा में कोई पहल नहीं की जा रही।

ग्रामीणों ने पंचायत सचिव तुलसीदास रजोरिया पर भी गंभीर आरोप लगाए हैं। शिकायत में कहा गया है कि सचिव पंचायत कार्यालय नियमित रूप से नहीं खोलते, जिससे आम जनता को परेशानी उठानी पड़ रही है। आवेदनकर्ताओं ने यह भी दावा किया है कि सचिव के खिलाफ शासकीय राशि के गबन का प्रकरण जिला स्तर पर पहले से लंबित है, इसके बावजूद वे पिछले आठ वर्षों से पंचायत में पदस्थ हैं।

ग्रामीणों ने पूरे मामले की उच्च स्तरीय जांच कर दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है। लोगों का कहना है कि यदि जल्द कार्रवाई नहीं हुई तो वे आंदोलन करने के लिए बाध्य होंगे। पंचायत में लगातार सामने आ रहे भ्रष्टाचार के आरोप अब क्षेत्र में चर्चा का विषय बने हुए हैं।

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