अनूपपुर। बढ़ती महंगाई को देखते हुए दूध के मूल्य में सुधार की मांग को लेकर क्षेत्र के पशुपालकों ने एकजुट होकर संगठन बनाते हुए आंदोलन किया। पशुपालकों का कहना है कि चारे, दवाइयों और पशुपालन से जुड़ी अन्य आवश्यक वस्तुओं की कीमतों में लगातार वृद्धि हो रही है, जबकि दूध के दाम लंबे समय से संतोषजनक नहीं हैं।
इस मांग को लेकर 2 जून को पशुपालकों द्वारा एक विशाल रैली निकालकर अपनी बात प्रशासन एवं आम जनता तक पहुंचाई गई। इसके बाद 3 जून को एक दिन के लिए दूध विक्रय बंद रखकर विरोध प्रदर्शन किया गया। आंदोलन के दौरान सर्वसम्मति से गाय के दूध का मूल्य 70 रुपये प्रति किलो तथा भैंस के दूध का मूल्य 70 रुपये प्रति किलो निर्धारित करने का निर्णय लिया गया।
इस आंदोलन में सभी पशुपालकों का उल्लेखनीय योगदान रहा, जिसकी व्यापक सराहना की गई। पशुपालकों ने बाजार में बाहर से आने वाले तथाकथित नकली पनीर का भी विरोध किया। उन्होंने लोगों से अपील की कि वे केवल शुद्ध दूध से बने पनीर का ही उपयोग करें और नकली पनीर खरीदने से बचें।
पशुपालकों ने कहा कि नकली पनीर के बाजार में आने से दूध उत्पादकों को आर्थिक नुकसान होता है तथा उपभोक्ताओं के स्वास्थ्य पर भी प्रतिकूल प्रभाव पड़ सकता है। इसलिए सभी नागरिकों से स्थानीय दुग्ध उत्पादों को प्राथमिकता देने की अपील की गई।




































