धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे को छात्र आंदोलन की पहली जीत बताया, शिक्षा व्यवस्था में व्यापक सुधार की उठाई मांग

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धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे को छात्र आंदोलन की पहली जीत बताया, शिक्षा व्यवस्था में व्यापक सुधार की उठाई मांग

एआईटीयूसी महासचिव अमरजीत कौर का बयान, नीट पेपर लीक, नई शिक्षा नीति और भर्ती परीक्षाओं की समीक्षा पर दिया जोर

नई दिल्ली, 25 जुलाई। ऑल इंडिया ट्रेड यूनियन कांग्रेस (एआईटीयूसी) की महासचिव अमरजीत कौर ने केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे को छात्र-युवा आंदोलन की महत्वपूर्ण और ऐतिहासिक उपलब्धि बताते हुए देशभर के छात्रों, युवाओं तथा आंदोलन में शामिल सभी संगठनों को बधाई दी है। उन्होंने कहा कि यह जीत केवल एक मंत्री के इस्तीफे तक सीमित नहीं है, बल्कि लोकतांत्रिक संघर्ष, जवाबदेही और शिक्षा व्यवस्था में सुधार की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।

जारी प्रेस विज्ञप्ति में अमरजीत कौर ने कहा कि शिक्षा व्यवस्था में बढ़ते भ्रष्टाचार और नीट (NEET) पेपर लीक जैसे गंभीर मामलों में जवाबदेही तय करने के लिए छात्रों और युवाओं ने जिस तरह देशव्यापी आंदोलन किया, उसने लोकतंत्र की ताकत को एक बार फिर साबित किया है। उन्होंने कहा कि अब समय आ गया है कि देश की पूरी शिक्षा व्यवस्था, नई शिक्षा नीति (एनईपी), विभिन्न प्रवेश परीक्षाओं और भर्ती परीक्षाओं की प्रक्रिया की व्यापक समीक्षा की जाए, क्योंकि देश में बेरोजगारी लगातार बढ़ रही है और युवाओं का भविष्य प्रभावित हो रहा है।

उन्होंने कहा कि इस आंदोलन ने यह सिद्ध किया है कि लोकतंत्र में सत्ता में बैठे लोगों को जनता के प्रति जवाबदेह होना पड़ता है। जेन-ज़ी (Gen Z) के नेतृत्व में चले इस संघर्ष ने संविधान द्वारा प्रदत्त अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता, असहमति व्यक्त करने के अधिकार तथा शांतिपूर्ण विरोध के अधिकार को मजबूती प्रदान की है। उन्होंने आरोप लगाया कि आंदोलन को बदनाम करने के लिए सरकार ने इसे राष्ट्रविरोधी, अराजक और विदेशी ताकतों से प्रेरित बताने का प्रयास किया, लेकिन जनता ने इन दावों को स्वीकार नहीं किया।

एआईटीयूसी महासचिव ने आरोप लगाया कि आंदोलन को दबाने के लिए प्रदर्शनकारी छात्रों पर पुलिस बल का अत्यधिक प्रयोग किया गया। उन्होंने कहा कि पैलेट गन और शॉक बैटन जैसे साधनों का उपयोग किया गया, बड़ी संख्या में छात्रों के खिलाफ आपराधिक प्रकरण दर्ज किए गए तथा विश्वविद्यालय प्रशासन के माध्यम से नोटिस जारी कर उन्हें डराने और आंदोलन से पीछे हटाने का प्रयास किया गया। इसके बावजूद छात्रों और युवाओं ने शांतिपूर्ण तरीके से अपना संघर्ष जारी रखा।

अमरजीत कौर ने कहा कि एआईटीयूसी आंदोलनरत छात्रों और युवाओं की सभी प्रमुख मांगों का समर्थन करता है। उन्होंने विशेष रूप से नीट पेपर लीक से प्रभावित परिवारों को उचित मुआवजा देने तथा आंदोलन के दौरान छात्रों और युवाओं के खिलाफ दर्ज सभी आपराधिक मामलों को वापस लेने की मांग का समर्थन किया।

उन्होंने कहा कि भारत का धर्मनिरपेक्ष लोकतंत्र उसकी सबसे बड़ी शक्ति है और इस आंदोलन ने करोड़ों लोगों में लोकतांत्रिक मूल्यों तथा संवैधानिक अधिकारों के प्रति नई उम्मीद जगाई है। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि छात्र-युवा आंदोलन आगे भी शिक्षा व्यवस्था में पारदर्शिता, निष्पक्षता और जवाबदेही सुनिश्चित करने के लिए अपनी भूमिका निभाता रहेगा।

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