छतवई बांध की भूमि पर निर्माण को लेकर बढ़ा विवाद, ग्रामीणों ने जताया विरोध

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छतवई बांध की भूमि पर निर्माण को लेकर बढ़ा विवाद, ग्रामीणों ने जताया विरोध

निर्माण कार्य रोकने की मांग, कमिश्नर और कलेक्टर को सौंपा ज्ञापन

कोयलांचल समाचार के लिए रिपोर्टर अरुण कुमार द्विवेदी, शहडोल

शहडोल। जिले की सोहागपुर जनपद पंचायत अंतर्गत ग्राम पंचायत बरूका में स्थित छतवई बांध की भूमि पर कथित निर्माण कार्य को लेकर विवाद गहरा गया है। ग्राम पंचायत बरूका की सरपंच पुइया बैगा ने इस मामले को गंभीर सार्वजनिक हित का विषय बताते हुए शहडोल संभाग के कमिश्नर एवं कलेक्टर को पत्र लिखकर निर्माण कार्य पर तत्काल रोक लगाने तथा मामले की निष्पक्ष जांच कराने की मांग की है

जानकारी के अनुसार ग्राम बरूका स्थित छतवई बांध एवं उससे जुड़ी नहर क्षेत्र की भूमि पर कुछ लोगों द्वारा पिलर खोदकर बाउंड्रीवॉल का निर्माण कराया जा रहा है। सरपंच द्वारा 4 जून 2026 को दिए गए शिकायत पत्र में उल्लेख किया गया है कि संबंधित भूमि जल संसाधन विभाग के अधीन है तथा वर्ष 1977 में यहां नहर का निर्माण कराया गया था। यह नहर वर्तमान में भी ग्रामीणों एवं किसानों के उपयोग में है और क्षेत्र की सिंचाई व्यवस्था का महत्वपूर्ण आधार मानी जाती है

ग्रामीणों का आरोप है कि अजय कुमार पिता गुरुमुख दास, मनोज पिता गुरुमुख दास, बलराम गुप्ता पिता नौमीदीन गुप्ता एवं शांति स्वरूप पिता दयालदास जगवानी, सभी निवासी शहडोल, द्वारा बांध क्षेत्र की भूमि पर कथित रूप से अवैध कब्जा कर बाउंड्रीवॉल निर्माण कराया जा रहा है। ग्रामीणों का कहना है कि यह निर्माण सार्वजनिक उपयोग की भूमि पर किया जा रहा है, जिससे भविष्य में नहर और बांध की उपयोगिता प्रभावित हो सकती है

ग्रामवासियों ने प्रशासन से मांग की है कि निर्माणाधीन स्थल की राजस्व एवं तकनीकी जांच कराई जाए तथा यदि भूमि पर अतिक्रमण या अनियमितता पाई जाती है तो निर्माण कार्य तत्काल प्रभाव से रोका जाए। ग्रामीणों का कहना है कि यदि समय रहते कार्रवाई नहीं हुई तो वे कलेक्ट्रेट एवं कमिश्नर कार्यालय के समक्ष धरना-प्रदर्शन करने को विवश होंगे

सरपंच पुइया बैगा सहित ग्रामीण श्रीहर्ष मिश्रा, दादू बैगा, देवी दीन एवं संपत्तिया बाई ने भी प्रशासन से हस्तक्षेप कर सार्वजनिक संपत्ति की सुरक्षा सुनिश्चित करने की मांग की है

फिलहाल इस मामले में जिला प्रशासन अथवा संबंधित विभाग की ओर से कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। शिकायत के बाद अब सभी की नजर प्रशासनिक जांच और संभावित कार्रवाई पर टिकी हुई है।

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