एक साथ एक मंच पर एकजुट दिखी कांग्रेस, जिला कांग्रेस अध्यक्ष गुड्डू चौहान, विधायक फुंदेलाल सिंह मार्को, पूर्व विधायक मनोज कुमार अग्रवाल, पूर्व विधायक सुनील सराफ, पूर्व जिला कांग्रेस अध्यक्ष रमेश सिंह, गौ संरक्षण प्रकोष्ठ प्रदेश अध्यक्ष डॉ व्हीपीएस चौहान, जिला कोषाध्यक्ष जेपी श्रीवास्तव सहित जिला, ब्लॉक, नगर, मंडलम के पदाधिकारीगण व विधानसभा क्षेत्र के समस्त कांग्रेसजन रहें उपस्थित, पुलिस के खिलाफ उठाए गए सवाल, बिजुरी थाना प्रभारी पर लगाए गंभीर आरोप, थाना प्रभारी को बर्खास्त कर निष्पक्ष जांच एवं सही दोषियों के खिलाफ कार्यवाही की मांग
एक नाबालिक लड़की के साथ घटित वारदात की घटना अभी चर्चाओं में जिंदा थी कि अब उसी वारदात का फरियादी भी मौत के आगोश में समा गया इसी के साथ वह सच भी दफ़न हो गया जो सच को जनता जानना चाहती है, सवाल तो कई है लेकिन सबसे बड़ा सवाल यही है कि इस फरियादी के सीने में ऐसा कौन रहस्य छुपा हुआ था जो कुछ लोगों को सामने आने पर बेनकाब कर सकता था? सवाल तो यह भी है कि घर के ठीक बगल जब रेलवे लाइन और रेलवे ट्रैक मौजूद है तो आत्महत्या करने के लिए 20 से 25 किलोमीटर का सफर रात में यह युवक कैसे तय किया और क्यों तय किया? फिलहाल सवालों के घेरे में उक्त घटना अब एक ऐसी रहस्यम गुत्थी मैं बदलती और उलझती जा रही है कि जिसे सच जानने को हर कोई बेचैन है।
जिले का बिजुरी नगर इन दिनों अजीब बेचैनी में जी रहा है। रेलवे स्टेशन चौराहे की चाय दुकानों से लेकर गलियों तक हर जुबान पर सिर्फ एक ही चर्चा है आखिर उस रात बरगद के पेड़ के नीचे ऐसा क्या हुआ था, जिसने पूरे नगर को सवालों के अंधेरे में धकेल दिया? 20 मई की शाम रेलवे ट्रैक के पास अंधेरा उतर रहा था। स्टेशन की तरफ जाती पटरियों के किनारे पुराने बरगद के पेड़ के नीचे एक युवती और उसके साथ मौजूद नाबालिग युवक बैठे थे। दोनों जिंदा थे शायद सामान्य बातचीत कर रहे थे, शायद आने वाले खतरे से अनजाना पुलिस की कहानी कहती है कि तभी वहां दो बदमाश पहुंचे। युवक पर हमला हुआ, उसे घायल किया गया और युवती को घसीटकर अंधेरे में ले जाया गया। बाद में अस्पताल में इलाज के दौरान युवती की मौत हो गई। घटना के कुछ ही घंटों बाद पुलिस ने दो आरोपियों की गिरफ्तारी का दावा कर दिया। प्रेस नोट जारी हुआ, तस्वीरें सामने आई और बताया गया कि मामला सुलझा लिया गया है। लेकिन कहानी यहीं खत्म नहीं हुई। बिजुरी पुलिस ने गोलमोल कार्यवाही करते हुए दो आरोपियों को गिरफ्तार करने की बात कही गई है लेकिन पुलिस द्वारा जारी प्रेस नोट में कई महत्वपूर्ण तथ्यों का उल्लेख नहीं किया गया है। सबसे बड़ा सवाल युवती की उम्र को लेकर खड़ा हुआ। पुलिस द्वारा जारी प्रेस नोट में पीड़िता को 20 वर्षीय बताया गया है जबकि जिला कांग्रेस अध्यक्ष गुड्डू चौहान ने मृतक युवती के परिजनों से मिलकर प्राप्त दस्तावेजों के अनुसार युवती को 17 वर्षीय नाबालिग बताया गया है।
दिनांक 22 मई को जिला कांग्रेस अध्यक्ष गुड्डू चौहान के साथ कांग्रेस का प्रतिनिधिमंडल पुलिस अधीक्षक अनूपपुर से मिला और उक्त घटना से संबंधित सभी तथ्यों पर बात की तथा पुलिस की कहानी को झूठा बताते हुए सभी सही तथ्यों का लेखकर एक ज्ञापन सौंपा गया। जिसके बाद पुलिस ने भी युवती को 17 वर्षीय नाबालिक माना। कांग्रेस के ज्ञापन सौंपने के बाद अगले ही दिन दिनांक 23 मई को घटना के एक मात्र चश्मदीद और फरियादी 17 वर्षीय नाबालिक युवक जो घटना के बाद से ही पुलिस की कस्टडी में था वह बोरीडांड रेलवे स्टेशन के पास रेलवे लाइन में संदिग्ध अवस्था में मिला, जिसे छत्तीसगढ़ राज्य की पुलिस व रेलवे पुलिस ने मनेंद्रगढ़ में भर्ती कराया गया जहां उसकी भी मौत हो गई। जिला कांग्रेस अध्यक्ष गुड्डू चौहान ने घटना में गंभीरता दिखाते हुए बिजुरी में स्थानीयजन, समाजसेवी व कांग्रेसजनों के साथ बैठक कर निर्णय लिया कि मामले में पहले से पुलिस की भूमिका संदिग्ध थी और अब घटना के चश्मदीद व फरियादी की मौत हो जाना पुलिस पर सीधा सीधा सवाल खड़े कर रहा है, हम सभी को सड़को पर उतरकर इस लड़ाई को लड़ना पड़ेगा और पीड़ित परिवारों को न्याय दिलाना होगा। लिए गए निर्णय अनुसार दिनांक 24 मई 2026 को जिला कांग्रेस कमेटी अनूपपुर अध्यक्ष गुड्डू चौहान के द्वारा हनुमान मंदिर चौराहा बिजुरी में नाबालिक मृतकों को श्रद्धांजलि देने एवं पीड़ित परिवारों को न्याय दिलाने की मांग को लेकर श्रद्धांजलि/आक्रोश सभा का आयोजन किया गया। जहां सर्वप्रथम सभा में उपस्थित स्थानीयजन, समाजसेवी, कांग्रेसजन एवं अन्य दलों के न्यायप्रियजनों ने अपनी अपनी बातें रखी और पुलिस को भूमिका पर सवाल उठाते हुए थाना प्रभारी विकास सिंह पर गंभीर आरोप लगाये तथा थाना प्रभारी बिजुरी को बर्खास्त कर घटना के निष्पक्ष जांच कराए जाने व सही दोषियों के खिलाफ कार्यवाही करने की मांग की गई। श्रद्धांजलि/आक्रोश सभा को विधायक फुंदेलाल सिंह मार्को ने खुले मंच से दहाड़ते हुए कहा जिस तरह बिजुरी थाना प्रभारी ने नाबालिक बच्ची के साथ की गई दरिंदगी के सही आरोपियों को बचाने का काम किया है वह बरदास्त करने लायक नहीं है पुलिस शुरू से कहानी गढ़ने में लगी है, शुरू से ही गोलमोल बातें कर रही है, घटना को अंजाम देने वाले दोषियों को बचाने में लगी है, ऐसा हम हरगिज होने नहीं देंगे, कांग्रेस पार्टी सड़क से लेकर सदन तक पीड़ित परिवारों को न्याय दिलाने के लिए लड़ाई लड़ेगी। उन्होंने यह भी कहा कि यह तो टेलर है पूरी फिल्म अभी बाकी है, हमारी मांग है कि अगर 4 दिवस के भीतर थाना प्रभारी विकास सिंह को हटाया जाए तो उग्र आंदोलन करेंगें, जिसकी सम्पूर्ण जवाबदेही शासन प्रशासन की होगी। पूर्व विधायक सुनील सराफ ने मंत्री दिलीप जायसवाल पर निशाना साधते हुए कहा कि मंत्री जी बिजुरी के निवासी हैं और महज कुछ दूरी पर पीड़ित परिवार का घर है, उनके घर के कुछ दूरी पर इतनी बड़ी घटना हो जाती है लेकिन मीडिया या सोशल मीडिया मंत्री जी कोई बयान नहीं आता। हमारे पार्टी जिलाध्यक्ष गुड्डू चौहान एवं मैं जब पीड़ित परिवार से मुलाकात कर लेते हैं। तब मंत्री जी घटना के 4 दिन बीत जाने के बाद पीड़ित परिवार के घर जाकर सोशल मीडिया में पोस्ट डालते हैं। मंत्री दिलीप जायसवाल अपने प्रभार जिला सीधी की घटना पर तुरंत प्रतिक्रिया देते हैं परंतु अपने गृह ग्राम में घटित घटना पर कोई प्रतिक्रिया नहीं देते। पुलिस उस बच्ची मामले में लगातार लीपापोती कर रही थी कहानी गढ़ रही थी असली गुनहगारों को बचा रही है, जिसे आमजन भी समझ रहा है आमजन के मन में सवाल उठा रहा है लेकिन सत्ता में बैठे भारतीय जनता पार्टी नेता व स्थानीय मंत्री को दिखाई नहीं दे रहा था, कांग्रेस जिला अध्यक्ष के विरोध करने पर अगर सही समय थाना प्रभारी के खिलाफ एक्शन ले लिया गया होता तो आज शायद घटना के एक मात्र चश्मदीद 17 वर्षीय।मासूम को जान नहीं जाती। कांग्रेस जिलाध्यक्ष के ज्ञापन देने के बाद घटना के 4 दिन बीत जाने पर भारतीय जनता पार्टी के जिलाध्यक्ष पुलिस अधीक्षक को ज्ञापन दे रहें है, आप सत्ताधारी पार्टी के जिलाध्यक्ष है आपको ज्ञापन देने को जरूरत पड़ रही है आपको तो एक्शन लेना चाहिए तत्काल सूक्ष्म जांच कराकर कार्यवाही करानी चाहिए जिससे सारा सच लोगों के सामने आ सके।
वहीं जिलाध्यक्ष गुड्डू चौहान ने घटना के बारे पूरी जानकारी बताते हुए आक्रोशित होकर कहा कि बहुत दुख का विषय है बहुत दुख की घड़ी है आप जो यहां से बुलंद आवाजों में जो बातें सुन रहे थे वो कोई राजनीतिक भाषण नहीं था, वो कोई राजनीतिक बातें नहीं थी वो एक दर्द था वो एक पीड़ा थी, वो दर्द जो विगत दिनों एक नाबालिक बच्ची के साथ गुजरी है, वो बच्ची जो इस पूरी दुनिया को ठीक से देख नहीं पाई थी, जो बिजुरी से बाहर भी नहीं निकल पाई थी, उस बच्ची के साथ कुछ दरिंदो ने दरिंदगी की, उसके साथ सामूहिक बलात्कार किया, उसकी हत्या हुई और उसके साथ एक जो चश्मदीद था वो केवल घटना का चश्मदीद नहीं बल्कि था, आप लोगों को जानकर आश्चर्य होगा वो इस पूरे घटना का फरियादी भी था, उस चश्मदीद को भी मार डाला गया, न केवल अपराधियों को बचाने की साजिश हुई है बल्कि उस केश को पूरी तरह खत्म करने की साजिश हुई है। आप लोग इस मामले की गंभीरता को समझ सकते है वो दरिंदो की ताकत को आप समझ सकते हैं, उन दरिंदो की पुलिस से मिली भगत को आप समझ सकते हैं, पुलिस और दरिंदो की मंत्री से सांठगांठ को समझ सकते हैं की किस तरीके से उनको बचाने का कार्य किया जा रहा है। पहले तो जब उस पीड़ित नाबालिक बच्ची की हत्या होती है तब पुलिस बातें करती है, बातें बताती है मीडिया से दबाव डालकर शोसल मीडिया में लिखवाती है कि बच्ची बालिक है। एस पी साहब प्रेस कॉन्फ्रेंस करते है कि उस बच्ची के साथ कोई बलात्कार नहीं हुआ, तो साहब आपको यह भी बताना चाहिए था कि उस बच्ची की मौत कैसे हुई। थाना प्रभारी विकास सिंह और एस पी विक्रांत मुराब आप दोनों को इस मंच के सामने आना चाहिए और बताना चाहिए कि बच्ची की मौत कैसे हुई। हम सब जब थाने में गए थे तो हमें बताया गया थी कि बच्ची की मौत गला दबाने से हुई है। थाना प्रभारी और पुलिस अधीक्षक हमे कौन सी गणित समझा रहें है कि लड़की का गला यहां दबाया जाएगा और मौत 2 किलोमीटर बाद होगी। कभी ऐसा होता है क्या गला यहां दबाया जाए और मौत 2 किलोमीटर बाद होगी जहां गला दबाया जाएगा मौत वहीं पर होगी। लेकिन पुलिस की मिली भगत थी उन दो आरोपियों से की तुम लोगों ऊपर 376 और मर्डर का मुकदमा नहीं लगाया जाएगा सिर्फ लूट का मुकदमा दर्ज किया जाएगा और तुम दोनों कुबूल कर लो कि तुमने लूट की है। उन दो आरोपियों से कुबूल करवाया गया और ये पूरी साजिश इसलिए रची गई ताकि असली दरिंदो को बचाया जा सके। उसके बाद सिर्फ इसलिए लड़की को बालिक बताया गया कि अगर नाबालिक पहले दिन से बताना पड़ता तो फिर उन लड़कों के ऊपर पास्को एक्ट भी लगाना पड़ता और अगर उन लड़कों के ऊपर ज्यादा बड़ा मुकदमा लगाना पड़ता तो पुलिस थ्योरी 5 मिनट में फेल हो जाती क्योंकि ये लड़के बाहर निकलकर अपने सगे संबंधी को सब बता देते की इसमें 2 लोग नहीं 5 से 7 लोग शामिल है, ये बात सबके सामने आ जाती। आप इस बात से अंदाजा लगा सकते हैं को वो लोग कितने ताकतवर लोग जिन्होंने घटना के चश्मदीद नाबालिक की हत्या हो जाती है और ये पुलिस फिर वही कहानी दोहराती है। अगर वो लड़का फरियादी था चश्मदीद था तो उसके सुरक्षा की जिम्मेदारी भी पुलिस है, कुछ लोगों ने बताया कि पुलिस ने नाबालिक चश्मदीद को 3 बजे रात छोड़ा लेकिन मैं कहना हूँ कि पुलिस ने उसे 3 बजे मौत हवाले करने का काम किया है अगर आपने उसे रात छोड़ा है तो बताइए किसके सुपुर्द किया सार्वजनिक करिये, थाने का सीसीटीवी फुटेज सार्वजनिक करिये। थाना प्रभारी विकास सिंह मंत्री दिलीप जायसवाल के इशारे पर अवैध चोरी, लूट, रेत चोरी, कोयला चोरी, गांजा, चरस, अवैध शराब बिक्री तो करवाते ही थे मगर अब मंत्री के इशारे पर बेटियों की अस्मत लूटने और मर्डर कराने का काम कर रहें है। जो बिल्कुल बर्दाश्त योग्य नहीं है हम कांग्रेसजन आज यहां एकत्रित हुए अब आप बचने वाले नहीं हो। आप हमेशा गलत का कार्य कर मंत्री को पैसा पहुंचाते रहेंगे और आपका मंत्री आपको बचाता रहेगा लेकिन अब हम ऐसा होने नहीं देंगे। अगर 4 दिवस के भीतर थाना प्रभारी विकास सिंह को नहीं हटाया गया और दोनों नाबालिकों के मामले की निष्पक्ष जांच नहीं कराई गई तो हम उग्र आंदोलन कर पुलिस अधीक्षक कार्यालय एवं कलेक्टर कार्यालय का घेराव करेंगे। आज हमने उन दोनों मासूमो श्रद्धांजलि देकर शुरुआत की है और बिजुरी नगर के लोगों से वादा करते हैं कि जब तक घटना में सही दोषियों पर कार्यवाही नहीं होती, पीड़ित परिवारों को न्याय नहीं मिलता तब तक हम शांत बैठने वाले नहीं है। कार्यक्रम का सफल संचालन वरिष्ठ पत्रकार व वरिष्ठ कांग्रेस नेता संतोष मिश्रा ने किया। कार्यक्रम के अंत में 2 मिनट का मौन रखकर दिवंगत आत्माओं को श्रद्धांजलि अर्पित की गई और फिर हाथों में कैंडल लेकर बिजुरी नगर के प्रमुख मार्गो पर न्याय की मांग को लेकर कैंडल मार्च निकला गया।






































