सीधी में बर्बरता, लोहे की पाइप से 37 बार हमला कर के ₹53 हजार की लूट, दिनभर थाने में बैठा रहा घायल, नहीं दर्ज हुई FIR

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ब्रेकिंग न्यूज सीधी से

 

मध्य प्रदेश के सीधी जिले में एक ऐसी वारदात सामने आई जिसने सभी को चौंका दिया। एक ड्राइवर से ₹53 हजार की लूट की गई। इतना ही नहीं उस पर 37 बार लोहे की पाइप से हमला किया गया।

मध्य प्रदेश के सीधी जिले से खाकी की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े करने वाला मामला सामने आया है। अमिलिया थाना क्षेत्र में आधी रात को एक बेकसूर ड्राइवर पर जानलेवा हमला कर नकदी लूटने का सनसनीखेज आरोप लगा है। इस पूरी घटना में हैरान करने वाली बात यह है कि गंभीर रूप से घायल पीड़ित सुबह से थाने में बैठा रहा, लेकिन पुलिस ने समय रहते उसकी एफआईआर तक दर्ज नहीं की।

 

लोहे की पाइप से ताबड़तोड़ 37 वार

पीड़ित मोहम्मद शेख अंसारी पेशे से ड्राइवर हैं। उन्होंने अपनी आपबीती सुनाते हुए बताया कि बुधवार रात करीब 12 बजे दो अज्ञात युवकों ने उन्हें रास्ते में घेर लिया। इसके बाद दोनों बदमाशों ने बिना किसी उकसावे या कारण के उन पर लोहे की पाइप से हमला बोल दिया। अंसारी के मुताबिक, आरोपियों ने उन पर बेरहमी से एक के बाद एक करीब 37 बार वार किए। यह हमला इतना खौफनाक था कि ड्राइवर के सिर, पीठ और हाथ में गहरे जख्म आए हैं, जबकि उनके हाथ की एक उंगली भी फ्रैक्चर हो गई है।

 

शनि और रवि नाम के बदमाशों पर लूट का आरोप

घायल ड्राइवर ने बताया कि वह हमलावरों को पहले से नहीं पहचानते थे। हालांकि, वारदात के दौरान दोनों बदमाश आपस में बात करते हुए एक-दूसरे को ‘शनि’ और ‘रवि’ नाम से पुकार रहे थे, जिससे उनकी पहचान हो सकी। पीड़ित का आरोप है कि इस बर्बर मारपीट के दौरान आरोपियों ने केवल उन्हें लहूलुहान ही नहीं किया, बल्कि उनके पास रखे ₹53,600 नकद भी जबरन छीन लिए और मौके से रफूचक्कर हो गए।

 

 

दिनभर थाने में बैठा रहा घायल, पुलिस को भनक तक नहीं

दर-दर की ठोकरें खाने के बाद घायल ड्राइवर गुरुवार सुबह अमिलिया थाने पहुंचा। उन्होंने पुलिस को लिखित शिकायत देकर आरोपियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की गुहार लगाई। पीड़ित का दर्द है कि गंभीर रूप से चोटिल होने के बावजूद वह सुबह से शाम तक थाने में न्याय की आस में बैठा रहा, लेकिन पुलिस ने मामले को गंभीरता से नहीं लिया और एफआईआर दर्ज करने में टालमटोल करती रही।

 

मामले से अनजान बने रहे थाना प्रभारी

इस पूरे घटनाक्रम ने उस समय पुलिस की मुस्तैदी की पोल खोल दी जब अमिलिया थाना प्रभारी राकेश बैस से इस संबंध में बात की गई। थाना प्रभारी का कहना था कि उनके संज्ञान में अभी ऐसा कोई मामला नहीं आया है। उन्होंने दलील दी कि जैसे ही उनके पास लिखित आवेदन पहुंचेगा, वह उसकी निष्पक्ष जांच कराकर कानून के मुताबिक उचित कदम उठाएंगे। अब देखना होगा कि उच्च अधिकारी इस मामले में कब तक संज्ञान लेते हैं।

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