बदलाव जरूरी है’ के नारे के साथ सीधी में निकली पदयात्रा, जनविरोधी नीतियों के खिलाफ 1 सितंबर को दिल्ली में जुटने का आह्वान

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‘बदलाव जरूरी है’ के नारे के साथ सीधी में निकली पदयात्रा, जनविरोधी नीतियों के खिलाफ 1 सितंबर को दिल्ली में जुटने का आह्वान

सीधी। भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी द्वारा 12 अगस्त को देशभर में चलाए जा रहे ‘बदलाव जरूरी है’ अभियान के तहत सीधी जिले में भी पदयात्रा निकाली गई। पार्टी के राज्य कार्यकारिणी सदस्य कामरेड संजय नामदेव एवं कामरेड विभा पाण्डेय के नेतृत्व में सैकड़ों कार्यकर्ताओं एवं समर्थकों ने सीधी शहर तथा आसपास के क्षेत्रों में पदयात्रा कर केंद्र सरकार की नीतियों के खिलाफ आवाज बुलंद की।

पदयात्रा के दौरान कार्यकर्ताओं ने आम जनता से संवाद करते हुए महंगाई, बेरोजगारी, किसानों की समस्याओं, मजदूरों के अधिकार तथा छात्रों के आंदोलनों से जुड़े मुद्दों को प्रमुखता से उठाया। पार्टी नेताओं ने कहा कि डीजल-पेट्रोल की बढ़ती कीमतों का सीधा असर आम आदमी की जेब पर पड़ रहा है। परिवहन लागत बढ़ने से खाद्य सामग्री सहित रोजमर्रा की जरूरतों की वस्तुओं के दाम बढ़ रहे हैं, जिससे महंगाई लगातार आम जनता की परेशानी बढ़ा रही है।

कामरेड संजय नामदेव एवं कामरेड विभा पाण्डेय ने कहा कि देश में किसानों को उनकी फसलों का उचित मूल्य नहीं मिल पा रहा है। किसानों की आय, कृषि लागत और उपज के मूल्य को लेकर सरकार की नीतियों पर सवाल उठाते हुए उन्होंने कहा कि खेती लगातार महंगी होती जा रही है, जबकि किसानों को उनकी मेहनत के अनुरूप लाभ नहीं मिल रहा है।

छात्र आंदोलन पर कार्रवाई का मुद्दा उठाया

पदयात्रा के दौरान छात्र आंदोलनों से जुड़े मुद्दे को भी प्रमुखता से उठाया गया। पार्टी नेताओं ने आरोप लगाया कि शांतिपूर्ण तरीके से अपनी मांगों को लेकर आंदोलन कर रहे छात्रों के खिलाफ पुलिस बल का इस्तेमाल किया गया तथा जंतर-मंतर पर हुए छात्र आंदोलन के दौरान लाठीचार्ज में कई छात्र घायल हुए। उन्होंने कहा कि लोकतंत्र में छात्रों, युवाओं, किसानों और मजदूरों को अपनी मांगों को शांतिपूर्ण तरीके से रखने का अधिकार है और सरकार को उनकी आवाज सुननी चाहिए।

चार लेबर कोड को लेकर सरकार पर निशाना

भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी ने मजदूरों के अधिकारों को लेकर भी केंद्र सरकार पर निशाना साधा। पार्टी नेताओं ने कहा कि चार लेबर कोड के माध्यम से मजदूरों के अधिकारों और सुरक्षा को कमजोर करने का प्रयास किया जा रहा है। उनका आरोप है कि इन कानूनों से मजदूरों के हित प्रभावित होंगे और श्रमिकों को पूंजीपतियों के हितों के अनुरूप काम करने के लिए मजबूर होना पड़ेगा।

पदयात्रा के दौरान पार्टी कार्यकर्ताओं ने सरकार की नीतियों के खिलाफ नारे लगाए और आम जनता को पार्टी के आगामी आंदोलन से जुड़ने का आह्वान किया। नेताओं ने कहा कि देश में बढ़ती महंगाई, बेरोजगारी, किसानों की समस्याओं और मजदूरों के अधिकारों सहित विभिन्न जन मुद्दों को लेकर संघर्ष को और व्यापक किया जाएगा।

1 सितंबर को दिल्ली में होगी बड़ी रैली

पार्टी नेताओं ने बताया कि इन सभी मुद्दों को लेकर 1 सितंबर 2026 को दिल्ली के रामलीला मैदान में लाखों लोगों की रैली आयोजित की जाएगी। रैली के माध्यम से केंद्र सरकार की नीतियों के खिलाफ देशव्यापी आवाज को मजबूत करने का प्रयास किया जाएगा।

कामरेड संजय नामदेव एवं कामरेड विभा पाण्डेय ने किसानों, मजदूरों, छात्रों, नौजवानों और महिलाओं से अपील की कि वे बड़ी संख्या में दिल्ली पहुंचकर रामलीला मैदान की रैली में शामिल हों और उसे सफल बनाएं। उन्होंने कहा कि जनता के सवालों को लेकर संघर्ष को मजबूत करने और व्यवस्था में बदलाव के लिए व्यापक जनभागीदारी जरूरी है।

सीधी में निकाली गई पदयात्रा के दौरान पार्टी कार्यकर्ताओं ने ‘बदलाव जरूरी है’ के नारे के साथ लोगों से जनहित के मुद्दों पर एकजुट होने और आगामी दिल्ली रैली में अधिक से अधिक संख्या में भागीदारी करने का आह्वान किया।

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