हजारों श्रद्धालुओं ने लगाई मां नर्मदा में पुण्य की डुबकी , मांगी सुख-समृद्धि की कामना
संवाददाता – श्रवण कुमार उपाध्याय
अमरकंटक – मां नर्मदा की उद्गम स्थली / पवित्र नगरी अमरकंटक में रविवार 31 मई 2026 को अधिमास ज्येष्ठ शुक्ल पूर्णिमा , अनुराधा नक्षत्र एवं दिन रविवार के पावन संयोग पर श्रद्धा , आस्था और भक्ति का अद्भुत संगम देखने को मिला । इस अवसर पर हजारों श्रद्धालु , तीर्थयात्री एवं पर्यटक अमरकंटक पहुंचे और मां नर्मदा के पावन तटों पर स्नान कर पुण्य लाभ अर्जित किया ।
अमरकंटक में प्रातःकाल से ही मां नर्मदा के कोटितीर्थ कुंड , रामघाट (उत्तर एवं दक्षिण तट) तथा आरंडी संगम तट पर श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ पड़ी । भक्तों ने मां नर्मदा के पवित्र जल में आस्था की डुबकी लगाकर परिवार , समाज एवं राष्ट्र की सुख-समृद्धि , शांति और कल्याण की कामना की गई ।
स्नान के उपरांत श्रद्धालु नर्मदा उद्गम मंदिर पहुंचे जहां लंबी कतारों में खड़े होकर मां नर्मदा के दर्शन किए । भजन-कीर्तन एवं जयघोषों के बीच श्रद्धालुओं ने श्रद्धापूर्वक पूजा-अर्चना कर परिवार के सुख , शांति , समृद्धि , ऐश्वर्य एवं उत्तम स्वास्थ्य की मंगलकामना की ।
मंदिर परिसर दिनभर धार्मिक वातावरण और आध्यात्मिक ऊर्जा से गुंजायमान रहा ।
ज्येष्ठ पूर्णिमा के अवसर पर नर्मदा स्नान एवं दर्शन-पूजन का क्रम प्रातः लगभग 5 बजे से प्रारंभ होकर देर शाम तक निरंतर चलता रहा । नर्मदा तटों , मंदिर परिसर तथा प्रमुख पर्यटन स्थलों पर दिनभर श्रद्धालुओं और पर्यटकों की चहल-पहल बनी रही । श्रद्धालुओं की सुविधा एवं सुरक्षा के लिए स्थानीय प्रशासन तथा मंदिर प्रबंधन द्वारा आवश्यक व्यवस्थाएं की गई थीं ।
अधिमास प्रारंभ होने के बाद से ही देश के विभिन्न राज्यों से बड़ी संख्या में श्रद्धालु अमरकंटक पहुंच रहे हैं । पूरे मास भर धार्मिक अनुष्ठानों , जप , तप एवं पूजन-पाठ का क्रम जारी रहा जिससे हजारों श्रद्धालु पुण्य लाभ के भागी बने ।
मौसम की दृष्टि से भी दिन विशेष रहा । नौतपा का प्रभाव दिखाई दिया और तेज धूप के कारण गर्मी का अहसास कुछ बना रहा । एक दिवस पूर्व मूसलाधार बारिश हुई थी । आज दोपहर बाद आसमान में काले बादल छा गए तथा रुक-रुक कर हल्की वर्षा होती रही जिससे मौसम सुहावना हो गया । वर्षा के बावजूद श्रद्धालुओं की आस्था में कोई कमी नहीं आई और दर्शन-पूजन का क्रम लगातार जारी रहा ।
अधिमास ज्येष्ठ पूर्णिमा के इस पावन अवसर पर अमरकंटक में श्रद्धा , भक्ति और आध्यात्मिक चेतना का अद्भुत वातावरण देखने को मिला , जहां मां नर्मदा के चरणों में हजारों श्रद्धालुओं ने अपनी आस्था अर्पित कर पुण्य लाभ प्राप्त किया ।






































