अमरकंटक के सोनमुड़ा में टूटी रेलिंग,उखड़ी टाइल्स और जर्जर सुविधाओं से बढ़ा हादसे का खतरा
संवाददाता – श्रवण कुमार उपाध्याय

अमरकंटक – मां नर्मदा की उद्गम स्थली पवित्र नगरी अमरकंटक विश्व प्रसिद्ध धार्मिक नगरी प्रमुख पर्यटन स्थल सोनमुड़ा इन दिनों बदहाल व्यवस्थाये और जर्जर होती जा रही । असुविधाओं के कारण चर्चा का विषय बना हुआ है । करोड़ों रुपये की लागत से प्रसाद योजना के अंतर्गत विकसित किए गए इस महत्वपूर्ण पर्यटन स्थल पर निर्माण कार्यों की गुणवत्ता और रखरखाव व्यवस्था को लेकर गंभीर सवाल उठने लगे हैं ।
सोनमुड़ा पहुंचने वाले मार्ग की सीढ़ियों के दोनों ओर लगी लोहे की सुरक्षा रेलिंग कई स्थानों पर टूटकर जमीन पर पड़ी हुई है जबकि कुछ हिस्सों से रेलिंग पूरी तरह गायब हो चुकी है । ऐसे में यहां आने वाले श्रद्धालुओं और पर्यटकों की सुरक्षा खतरे में पड़ गई है । वर्षभर प्रदेश सहित देश के विभिन्न हिस्सों से लाखों श्रद्धालु और पर्यटक सोनमुड़ा पहुंचते हैं । वर्तमान स्थिति में सीढ़ियों के किनारों पर सुरक्षा रेलिंग का अभाव किसी भी समय बड़े हादसे का कारण बन सकता है ।
वहीं कई स्थानों पर सीढ़ियों की टाइल्स उखड़कर बिखर गई हैं, जिससे पैदल चलने वाले लोगों के फिसलने और चोटिल होने की आशंका बनी रहती है ।
अमरकंटक में इन दिनों लगातार हो रही वर्षा के कारण फिसलन और अधिक बढ़ गई है, जिससे दुर्घटना की संभावना भी बढ़ गई है ।
इतना ही नहीं , लाखों रुपये की लागत से निर्मित कैंटीलीवर (दर्शक मंच) के समीप लगाई गई स्टील की सुरक्षा ग्रिल भी कई जगह से उखड़ चुकी है और धीरे-धीरे क्षतिग्रस्त होती जा रही है । यह स्थिति न केवल निर्माण कार्यों की गुणवत्ता पर प्रश्नचिह्न लगाती है बल्कि संबंधित विभागों की रखरखाव व्यवस्था की भी पोल खोलती नजर आती है ।
सोनमुड़ा के सौंदर्यीकरण के उद्देश्य से लगाए गए नाइट लाइट के खंभे भी कई स्थानों पर उखड़कर इधर-उधर पड़े हुए हैं । लंबे समय से उनकी मरम्मत नहीं होने के कारण पूरा परिसर अपनी आकर्षक छवि खोता जा रहा है । स्थानीय नागरिकों का कहना है कि करोड़ों रुपये खर्च कर विकसित किए गए इस पर्यटन स्थल की समय पर देखरेख नहीं होने से सुविधाएं तेजी से जर्जर होती जा रही हैं ।
स्थानीय नागरिकों , श्रद्धालुओं एवं पर्यटकों ने जिला प्रशासन तथा संबंधित विभागों से मांग की है कि सोनमुड़ा पर्यटन स्थल का तत्काल निरीक्षण कराया जाए और क्षतिग्रस्त रेलिंग , उखड़ी टाइल्स , टूटी सुरक्षा ग्रिल तथा खराब प्रकाश व्यवस्था की शीघ्र मरम्मत कराई जाए । साथ ही प्रसाद योजना के अंतर्गत कराए गए निर्माण कार्यों की गुणवत्ता की तकनीकी जांच कराकर यदि किसी प्रकार की अनियमितता पाई जाती है तो संबंधित एजेंसी एवं जिम्मेदार अधिकारियों के विरुद्ध आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित की जाए ।
बिलासपुर , इंदौर , दिल्ली से आए पर्यटकों का कहना है कि अमरकंटक जैसे अंतरराष्ट्रीय पहचान वाले पर्यटन एवं धार्मिक स्थल की सुविधाओं का बेहतर रखरखाव न केवल श्रद्धालुओं की सुरक्षा के लिए आवश्यक है बल्कि क्षेत्र की पर्यटन छवि बनाए रखने के लिए भी बेहद महत्वपूर्ण है ।
















