बुढार रामजानकी मंदिर के महंत व्यास पीठ से बहा रहे अमृत वर्षा
संवाददाता – श्रवण कुमार उपाध्याय
अमरकंटक — मां नर्मदा की उद्गम स्थली / पवित्र नगरी अमरकंटक के परमहंस धारकुंडी आश्रम कपिलधारा मार्ग बांधा में 25 मई से 31 मई तक सप्त दिवसीय श्रीमद् भागवत कथा का भव्य आयोजन श्रद्धा एवं भक्तिमय वातावरण में किया जा रहा है । कथा स्थल पर प्रतिदिन बड़ी संख्या में श्रद्धालु , संत-महात्मा एवं धर्मप्रेमी पहुंचकर कथा रस का श्रवण कर रहे हैं ।
बुढार स्थित श्रीराम जानकी मंदिर के महंत एवं श्री दक्षिण काली पीठ आश्रम इंदौर के पूज्य स्वामी अर्जुन दास जी महाराज व्यास पीठ पर विराजमान होकर श्रद्धालुओं को श्रीमद् भागवत कथा का अमृतपान करा रहे हैं । उनके मुखारविंद से प्रवाहित हो रही कथा से पूरा क्षेत्र भक्तिमय वातावरण में सराबोर हो उठा है ।
कथा के प्रथम दिवस भव्य कलश यात्रा निकाली गई । श्रद्धालुओं ने मां नर्मदा मंदिर उद्गम स्थल पहुंचकर विधिवत पूजन-अर्चन किया तथा कलश में पवित्र जल भरकर कथा स्थल तक लेकर पहुंचे । इसके पश्चात विद्वान ब्राह्मणों द्वारा वेदी , नवग्रह एवं कलश स्थापना का वैदिक मंत्रोच्चार के साथ पूजन कर कथा का शुभारंभ किया गया ।
यह आयोजन श्रीराम जानकी मंदिर बुढार के साकेतवासी पूज्य स्वामी नारायण दास शास्त्री जी महाराज , जगतगुरु मलूक पीठाधीश्वर स्वामी श्री राजेंद्र दास देवाचार्य जी महाराज वृंदावन , ब्रह्मलीन श्री श्री 108 महंत श्रीराम जानकी मंदिर बुढार श्रीराम बालक दास जी महाराज , श्रीमहंत स्वामी रामभूषण दास जी महाराज शांति कुटी आश्रम तथा स्वामी लवलीन बाबा जी महाराज धारकुंडी आश्रम अमरकंटक की सत्प्रेरणा से संपन्न हो रहा है ।
अधिमास के पावन अवसर पर मां नर्मदा के उत्तर तट पर आयोजित इस भागवत कथा का लाभ बुढार एवं आसपास के क्षेत्रों के श्रद्धालुओं को बड़ी संख्या में प्राप्त हो रहा है । कथा स्थल पर प्रतिदिन संतों एवं ब्राह्मणों का आगमन भी हो रहा है जिनका आयोजकों द्वारा श्रद्धापूर्वक स्वागत एवं सम्मान किया जा रहा है ।
पूरे आयोजन क्षेत्र में भक्ति , श्रद्धा और आध्यात्मिक ऊर्जा का विशेष वातावरण देखने को मिल रहा है । श्रद्धालुजन कथा श्रवण के साथ-साथ संतों के सान्निध्य का लाभ भी प्राप्त कर रहे हैं ।




































