गर्भवती महिलाओं को अब मिलेगी आधुनिक जांच सुविधा

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  • स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल की पहल से 220 बिस्तर अस्पताल की चिकित्सा सुविधाओं में हुआ विस्तार, मातृत्व स्वास्थ्य की निगरानी होगी और बेहतर

मनेन्द्रगढ़। सरकारी अस्पतालों में आधुनिक चिकित्सा सुविधाओं की उपलब्धता बढ़ाने की दिशा में मनेन्द्रगढ़ को एक नई सौगात मिली है। शहर के 220 बिस्तर सिविल अस्पताल में हाई रिजॉल्यूशन सोनोग्राफी मशीन उपलब्ध कराई गई है। इससे खासतौर पर गर्भवती महिलाओं को बेहतर जांच सुविधा मिल सकेगी। प्रदेश के स्वास्थ्य मंत्री और मनेन्द्रगढ़ विधायक श्याम बिहारी जायसवाल की पहल से अस्पताल में चिकित्सा तकनीक को और उन्नत बनाने का प्रयास किया गया है।

स्वास्थ्य मंत्री का मानना है कि बदलते समय के साथ चिकित्सा सुविधाओं और उपकरणों का आधुनिकीकरण भी आवश्यक है ताकि मरीजों को बेहतर उपचार के लिये बड़े शहरों पर निर्भर ना रहना पड़े। इसी उद्देश्य से अस्पताल में आधुनिक सोनोग्राफी सुविधा को मजबूत किया गया है।

नई मशीन के माध्यम से गर्भावस्था के दौरान गर्भस्थ शिशु की स्थिति, विकास और अन्य आवश्यक चिकित्सकीय पहलुओं का आकलन करने में डॉक्टरों को सहायता मिलेगी।
नियमित सोनोग्राफी जांच से गर्भवती महिलाओं के स्वास्थ्य की निगरानी और संभावित जटिलताओं की समय रहते पहचान करने में भी मदद मिल सकती है। इसका लाभ मनेन्द्रगढ़ के साथ आसपास के ग्रामीण और दूरस्थ क्षेत्रों से आने वाली महिलाओं को भी मिलेगा।

  • पीसीपीएनडीटी पंजीयन के बाद संचालन का रास्ता साफ

सोनोग्राफी सुविधा के संचालन के लिये जिला मनेन्द्रगढ़ चिरमिरी भरतपुर की सक्षम प्राधिकारी द्वारा पीसीपीएनडीटी अधिनियम के तहत पंजीयन प्रमाणपत्र जारी किया गया है। प्रमाणपत्र में सिविल अस्पताल मनेन्द्रगढ़ स्थित अल्ट्रासाउंड क्लीनिक को गैर-आक्रामक अल्ट्रासोनोग्राफी की अनुमति दी गई है। इसका पंजीयन क्रमांक MCB1007 है और प्रमाणपत्र की वैधता 20 जनवरी 2031 तक निर्धारित है।
प्रमाणपत्र में Wipro GE की Versana Essential और BPL Medical Technologies की मशीनों का उल्लेख किया गया है। निर्धारित कानूनी प्रावधानों के तहत पंजीयन की यह प्रक्रिया सोनोग्राफी सेवाओं के संचालन के लिये महत्वपूर्ण है।

  • स्थानीय स्तर पर बेहतर चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराने पर जोर

मनेन्द्रगढ़ का 220 बिस्तर सिविल अस्पताल आसपास के बड़े क्षेत्र के मरीजों के लिये महत्वपूर्ण स्वास्थ्य केंद्र है। ऐसे में यहां आधुनिक जांच उपकरणों की उपलब्धता बढ़ने से अस्पताल की सेवाओं को नई मजबूती मिलेगी। विशेष रूप से मातृत्व स्वास्थ्य के क्षेत्र में यह सुविधा उपयोगी साबित हो सकती है।
स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल की इस पहल को सरकारी स्वास्थ्य संस्थानों में आधुनिक तकनीक पहुंचाने के प्रयास के रूप में देखा जा रहा है। उद्देश्य यही है कि आम नागरिकों को बेहतर जांच और उपचार की सुविधाएं अपने जिले में ही उपलब्ध हों तथा स्वास्थ्य सेवाओं के लिये उन्हें अनावश्यक रूप से दूसरे शहरों का रुख ना करना पड़े।

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