- प्रयोगशाला से CMPDI पर परीक्षण संबंधी कार्यभार कम होने के साथ-साथ कोयला, खनन एवं अवसंरचना क्षेत्रों को मिलेंगी विशिष्ट भू-तकनीकी परीक्षण सेवाएँ
सांक्टोरिया, आसनसोल (पश्चिम बंगाल), 27 अक्टूबर, 2026:
ईस्टर्न कोलफील्ड्स लिमिटेड (ECL) ने अपनी आंतरिक तकनीकी क्षमताओं को सुदृढ़ करने, खदानों की सुरक्षा बढ़ाने तथा बाहरी परीक्षण एजेंसियों पर निर्भरता कम करने के उद्देश्य से अपने मुख्यालय में अत्याधुनिक भू-तकनीकी प्रयोगशाला की स्थापना की है।
इस प्रयोगशाला का उद्घाटन मंगलवार को ECL के अध्यक्ष-सह-प्रबंध निदेशक (CMD), डॉ. सतीश झा द्वारा किया गया। यह कोल इंडिया लिमिटेड की उत्पादक अनुषंगी कंपनियों में अपनी तरह की पहली प्रयोगशाला है। इस अवसर पर उपस्थित वरिष्ठ अधिकारियों में कंपनी के कार्यात्मक निदेशकगण, जिनमें श्री मोहम्मद अंजार आलम, निदेशक (वित्त); श्री गुंजन कुमार सिन्हा, निदेशक (मानव संसाधन); तथा श्री चितरंजन कुमार, निदेशक (तकनीकी/संचालन) प्रमुख रूप से शामिल थे।
इस प्रयोगशाला के माध्यम से चट्टानों की यांत्रिकी (रॉक मैकेनिक्स) एवं मिट्टी का परीक्षण स्वतंत्र रूप से किया जा सकेगा। इससे परीक्षण कार्यों में लगने वाला समय तथा संबंधित लागत कम होगी और ECL की तकनीकी आत्मनिर्भरता को बढ़ावा मिलेगा। इसके अतिरिक्त, कोल इंडिया की खदान नियोजन एवं परामर्श इकाई, सेंट्रल माइन प्लानिंग एंड डिजाइन इंस्टीट्यूट लिमिटेड (CMPDI) द्वारा किए जाने वाले परीक्षण कार्यों का भार कम करने में भी यह प्रयोगशाला सहायक सिद्ध होगी, क्योंकि अब विभिन्न भू-तकनीकी जाँचें आंतरिक स्तर पर की जा सकेंगी।
अत्याधुनिक उपकरणों से सुसज्जित इस प्रयोगशाला में यूनिवर्सल टेस्टिंग मशीन, रॉक ट्राइएक्सियल उपकरण, ब्राज़ीलियन टेस्ट उपकरण, डायरेक्ट शीयर उपकरण, पॉइंट लोड उपकरण तथा स्लेक ड्यूरेबिलिटी टेस्ट उपकरण शामिल हैं। इनकी सहायता से चट्टानों एवं मिट्टी के गुणों का वैज्ञानिक आकलन किया जा सकेगा, जो सुरक्षित एवं प्रभावी खनन कार्यों के लिए अत्यंत महत्त्वपूर्ण है।
खुली खदानों में ढलानों की स्थिरता के आकलन में सहायता प्रदान करने के साथ-साथ यह प्रयोगशाला भूमिगत खदानों में रॉक मास रेटिंग (RMR) के मूल्यांकन, छत एवं फर्श की स्थिरता संबंधी अध्ययन तथा भू-स्तर नियंत्रण (स्ट्राटा कंट्रोल) के आकलन में भी सहयोग करेगी। इससे खनन कार्यों को अधिक सुरक्षित एवं दक्ष बनाने में मदद मिलेगी।
ECL की अपनी परिचालन संबंधी आवश्यकताओं की पूर्ति के अतिरिक्त, इस प्रयोगशाला की सेवाएँ कोल इंडिया की अन्य सहायक कंपनियों को भी उपलब्ध कराने की परिकल्पना की गई है। इससे विशिष्ट भू-तकनीकी परीक्षणों के लिए उन्हें एक अतिरिक्त विकल्प प्राप्त होगा। इसके अलावा, इस प्रयोगशाला में अन्य खनन एवं निर्माण कंपनियों की आवश्यकताओं के अनुरूप परीक्षण सेवाएँ प्रदान करने की भी क्षमता है। इससे उपलब्ध तकनीकी अवसंरचना का बेहतर उपयोग सुनिश्चित करने तथा राजस्व सृजन के नए अवसर विकसित करने की संभावनाएँ खुलेंगी।
प्रयोगशाला की सेवाओं का व्यापक उपयोग सुनिश्चित करने तथा परीक्षण कार्यों की विश्वसनीयता बढ़ाने के उद्देश्य से ECL द्वारा संबंधित परीक्षण मानकों के लिए नेशनल एक्रेडिटेशन बोर्ड फॉर टेस्टिंग एंड कैलिब्रेशन लेबोरेटरीज (NABL) से मान्यता प्राप्त करने की दिशा में प्रयास किए जाने की योजना है। यह प्रक्रिया लागू मानकों एवं निर्धारित आवश्यकताओं के अनुरूप आगे बढ़ाई जाएगी।
यह प्रयोगशाला तकनीकी प्रशिक्षण, कौशल विकास तथा स्वदेशी विशेषज्ञता को भी प्रोत्साहित करेगी, जिससे वैज्ञानिक खदान प्रबंधन के क्षेत्र में ECL की दीर्घकालिक क्षमताएँ और अधिक सुदृढ़ होंगी।
यह पहल तकनीकी आत्मनिर्भरता की दिशा में एक महत्त्वपूर्ण कदम है। इसके साथ ही, ECL व्यापक खनन एवं अवसंरचना क्षेत्रों को विशिष्ट भू-तकनीकी परीक्षण सेवाएँ उपलब्ध कराने वाली एक संभावित तकनीकी सेवा प्रदाता के रूप में अपनी भूमिका सुदृढ़ करने की दिशा में अग्रसर है।







































































