अधिवक्ता एवं आरटीआई कार्यकर्ता डी.के. सोनी को मिला ‘भारत गौरव प्रतिभा रत्न सम्मान 2026
दिल्ली में उत्तराखंड के पूर्व मुख्यमंत्री तीरथ सिंह रावत ने किया सम्मानित, जनहित और सामाजिक सरोकारों के क्षेत्र में योगदान को मिली राष्ट्रीय पहचान



नई दिल्ली/अंबिकापुर। जनहित, सामाजिक सरोकारों तथा आम नागरिकों के अधिकारों से जुड़े मुद्दों पर सक्रिय भूमिका निभाने वाले अधिवक्ता एवं आरटीआई कार्यकर्ता डी.के. सोनी को ‘भारत गौरव प्रतिभा रत्न सम्मान 2026’ से सम्मानित किया गया। 4 अक्टूबर 2026 को नई दिल्ली के रेडिसन ब्लू होटल में इंटरनेशनल अवॉर्ड काउंसिल द्वारा आयोजित समारोह में उत्तराखंड के पूर्व मुख्यमंत्री एवं भारतीय जनता पार्टी के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष तीरथ सिंह रावत ने उन्हें सम्मान प्रदान किया। राष्ट्रीय स्तर के इस आयोजन में विभिन्न क्षेत्रों में उल्लेखनीय योगदान देने वाली प्रतिभाओं को सम्मानित किया गया।
जनसेवा के कार्यों को मिला राष्ट्रीय मंच
इंटरनेशनल अवॉर्ड काउंसिल द्वारा आयोजित इस समारोह का उद्देश्य समाज और राष्ट्र के विकास में महत्वपूर्ण योगदान देने वाली प्रतिभाओं को पहचान दिलाना तथा उनके कार्यों से अन्य लोगों को प्रेरित करना रहा। कार्यक्रम में शिक्षा, चिकित्सा, स्वास्थ्य, समाजसेवा, कला, मीडिया, नारी सशक्तिकरण और अन्य सामाजिक क्षेत्रों में उल्लेखनीय कार्य करने वाले व्यक्तियों को सम्मानित किया गया।
समारोह में मुख्य अतिथि तीरथ सिंह रावत ने सम्मानित प्रतिभाओं को बधाई देते हुए कहा कि देश के विभिन्न क्षेत्रों में उत्कृष्ट कार्य करने वाले लोगों को एक मंच पर सम्मानित करना प्रेरणादायक पहल है। इस प्रकार के आयोजन युवाओं को अपने लक्ष्य की दिशा में आगे बढ़ने और राष्ट्र निर्माण में सक्रिय योगदान देने के लिए प्रोत्साहित करते हैं। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के ‘मन की बात’ कार्यक्रम की भावना के अनुरूप समाज और देश के विकास में सक्रिय भूमिका निभाने का आह्वान किया।
जनहित के मुद्दों पर सक्रिय भूमिका
अधिवक्ता एवं आरटीआई कार्यकर्ता डी.के. सोनी लंबे समय से जनहित से जुड़े मुद्दों, सूचना के अधिकार के माध्यम से जागरूकता बढ़ाने तथा कानूनी प्रक्रियाओं के जरिए नागरिकों के हितों से संबंधित विषयों पर सक्रिय भूमिका निभाते रहे हैं। जनहित से जुड़े मामलों को सामने लाने और आम नागरिकों को उनके अधिकारों के प्रति जागरूक करने में कानूनी जानकारी तथा सूचना के अधिकार का महत्वपूर्ण स्थान है।
डी.के. सोनी को राष्ट्रीय स्तर पर सम्मानित किया जाना उनके लिए गौरवपूर्ण उपलब्धि है। यह सम्मान सामाजिक सरोकारों के क्षेत्र में सक्रिय लोगों के योगदान को पहचान देने के साथ ही जनहित के कार्यों में लगे व्यक्तियों का उत्साह बढ़ाने वाला कदम माना जा रहा है।
गणमान्य अतिथियों ने प्रतिभाओं का बढ़ाया उत्साह
समारोह की अध्यक्षता सेवानिवृत्त वरिष्ठ आईएएस अधिकारी तनवीर जफर अली ने की। उन्होंने विभिन्न राज्यों, भाषाओं और संस्कृतियों से जुड़े प्रतिभाशाली लोगों को सम्मानित करने की पहल की सराहना की। उन्होंने कहा कि ऐसे आयोजन उत्कृष्ट कार्य करने वाले लोगों को प्रोत्साहित करने के साथ सामाजिक समरसता और सकारात्मक सोच को भी बढ़ावा देते हैं।
अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (एम्स), नई दिल्ली की रिसर्च साइंटिस्ट डॉ. स्वर्णलता पांचाल ने प्रतिभाओं की उपलब्धियों को सार्वजनिक मंच पर पहचान मिलने को महत्वपूर्ण बताया। उनके अनुसार, सम्मान से व्यक्तियों का मनोबल बढ़ता है और वे भविष्य में और अधिक ऊर्जा के साथ अपने कार्यों को आगे बढ़ाने के लिए प्रेरित होते हैं।
वहीं, सुप्रीम कोर्ट के अधिवक्ता मुकेश कुमार त्रिपाठी ने समारोह की व्यवस्थाओं की सराहना करते हुए कहा कि विभिन्न क्षेत्रों में उत्कृष्ट कार्य करने वाले लोगों को पहचान मिलना आवश्यक है। उनकी उपलब्धियां अन्य लोगों को भी समाज और राष्ट्र के हित में बेहतर कार्य करने के लिए प्रेरित करती हैं।
सामाजिक उत्तरदायित्व के प्रति प्रतिबद्धता का संदेश
समारोह के दौरान विभिन्न क्षेत्रों में उल्लेखनीय योगदान देने वाली प्रतिभाओं को सम्मान प्रदान किया गया। इस अवसर पर उपस्थित लोगों ने सम्मानित व्यक्तियों का उत्साहवर्धन किया। सम्मान प्राप्त करने वाली प्रतिभाओं के लिए यह आयोजन अपनी उपलब्धियों को साझा करने और भविष्य में समाज के लिए और अधिक समर्पण के साथ कार्य करने की प्रेरणा का अवसर बना।
इंटरनेशनल अवॉर्ड काउंसिल द्वारा आयोजित ‘भारत गौरव प्रतिभा रत्न सम्मान 2026’ के माध्यम से समाज और राष्ट्र के विकास में योगदान देने वाले लोगों को प्रोत्साहित करने का प्रयास किया गया। डी.के. सोनी को प्राप्त यह सम्मान जनहित, नागरिक अधिकारों और सामाजिक सरोकारों से जुड़े कार्यों के महत्व को रेखांकित करता है।
यह उपलब्धि इस संदेश को भी मजबूती देती है कि समाज के हित में जिम्मेदारी और समर्पण के साथ किए जाने वाले कार्यों को पहचान मिलना आवश्यक है। इससे जनसेवा और राष्ट्र निर्माण के कार्यों में अधिक लोगों की सहभागिता बढ़ाने की प्रेरणा मिल सकती है।






































































