सीएचडी में “रैपुंजेल सिंड्रोम” का सफल ऑपरेशन

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बीसीसीएल के सेंट्रल हॉस्पिटल, धनबाद (सीएचडी) में चिकित्सकों की टीम ने एक 15 वर्षीय किशोरी में पाए गए दुर्लभ “रैपुंजेल सिंड्रोम” का सफलतापूर्वक ऑपरेशन कर चिकित्सा क्षेत्र में महत्वपूर्ण उपलब्धि हासिल की है।

किशोरी पिछले लगभग 10 वर्षों से बाल खींचने एवं बाल खाने की आदत से पीड़ित थी। इस व्यवहार के कारण उसके सिर के बालों में जगह-जगह असामान्य रूप से बाल कम हो गए थे। वर्ष 2025 में बालों के झड़ने/कम होने की समस्या के लिए उसका उपचार सीएमसी, वेल्लोर में कराया गया था, जहाँ त्वचा रोग विशेषज्ञ एवं बाल मनोचिकित्सक द्वारा उसे “ट्राइकोटिलोमेनिया” से पीड़ित पाया गया था।

पिछले कुछ समय से किशोरी को लगातार पेट दर्द की शिकायत थी, जिसके लिए उसने बीसीसीएल के कोलियरी चिकित्सक से परामर्श लिया। चिकित्सकीय परीक्षण एवं अल्ट्रासाउंड में पेट में “ट्राइकोबेज़ोआर” (बालों का गुच्छा) होने की आशंका व्यक्त की गई तथा उसे आगे की जाँच एवं उपचार के लिए सेंट्रल हॉस्पिटल, धनबाद रेफर किया गया।

सीएचडी में विशेषज्ञ चिकित्सकों द्वारा ऊपरी जठरांत्र एंडोस्कोपी (यूजीआई एंडोस्कोपी) की गई, जिसमें पेट के अंदर बड़ी मात्रा में बालों के गुच्छे पाए जाने की पुष्टि हुई। चिकित्सकीय भाषा में इसे “गैस्ट्रिक ट्राइकोबेज़ोआर” कहा जाता है। जब यह बालों का गुच्छा पेट से आगे छोटी आंत तक पहुँच जाता है, तो इस स्थिति को “रैपुंजेल सिंड्रोम” कहा जाता है।

मामले की जटिलता को देखते हुए डॉ. अनिश गांधी के विशेषज्ञ नेतृत्व में ऑपरेशन करने का निर्णय लिया गया। सर्जिकल टीम द्वारा सफलतापूर्वक एक्सप्लोरेटरी लैपरोटॉमी विद गैस्ट्रोटॉमी एवं ट्राइकोबेज़ोआर रिमूवल की प्रक्रिया की गई तथा पेट से बालों के विशाल गुच्छे को निकाल दिया गया।

इस जटिल एवं दुर्लभ ऑपरेशन की सफलता में एनेस्थीसिया टीम, स्टाफ नर्स, ऑपरेशन थिएटर टीम तथा सभी संबंधित चिकित्सा एवं सहयोगी कर्मियों का महत्वपूर्ण योगदान रहा।

यह सफल ऑपरेशन बीसीसीएल के सेंट्रल हॉस्पिटल, धनबाद में उपलब्ध विशेषज्ञ चिकित्सा सेवाओं, समर्पित चिकित्सकीय टीम तथा बहु-विषयक समन्वय का उल्लेखनीय उदाहरण है।

चिकित्सकों के अनुसार, “ट्राइकोटिलोमेनिया” एवं “ट्राइकोफेजिया” जैसी स्थितियों में समय पर चिकित्सकीय एवं मनोवैज्ञानिक परामर्श अत्यंत महत्वपूर्ण है, ताकि बाल खाने की आदत के कारण भविष्य में पेट में “ट्राइकोबेज़ोआर” जैसी गंभीर जटिलताओं से बचा जा सके।

बीसीसीएल प्रबंधन ने इस सफल चिकित्सा उपलब्धि के लिए पूरी चिकित्सकीय एवं ऑपरेशन थिएटर टीम को बधाई एवं शुभकामनाएँ दी हैं।

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