जनता को नौकरी, लोकतंत्र और आपसी भाईचारे की आवश्यकता है, न कि झूठे प्रचार की — कॉमरेड डी. राजा

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जनता को नौकरी, लोकतंत्र और आपसी भाईचारे की आवश्यकता है, न कि झूठे प्रचार की — कॉमरेड डी. राजा

नई दिल्ली, 1 सितंबर 2026। भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (CPI) द्वारा देशभर में 6 अगस्त से 15 अगस्त 2026 तक “बदलाव जरूरी है!” के नारे के साथ आयोजित पदयात्राओं के बाद 1 सितंबर को नई दिल्ली के रामलीला मैदान में विशाल जनसभा एवं रैली आयोजित की गई। रैली में देशभर से लगभग एक लाख कार्यकर्ताओं और समर्थकों ने भाग लिया। भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी सहित वामपंथी दलों के प्रमुख नेताओं ने सभा को संबोधित किया।

सभा में “बदलाव क्यों जरूरी है?” के सवाल को उठाते हुए महंगाई पर नियंत्रण, आदिवासियों की पहचान तथा जल-जंगल-जमीन पर अधिकारों की रक्षा, जातिवादी भेदभाव एवं प्रताड़ना की समाप्ति, बेघरों को आवास, महिलाओं को सम्मान एवं समान अधिकार, किसानों को एमएसपी पर C2+50 प्रतिशत की गारंटी, मनरेगा को मजबूत करने, रोजगार गारंटी, सामाजिक सुरक्षा तथा संविधान और लोकतंत्र की रक्षा को प्रमुख मुद्दा बताया गया।

भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी के राष्ट्रीय महासचिव कॉमरेड डी. राजा ने कहा कि केंद्र सरकार की नीतियों से बड़े कॉरपोरेट घरानों को लाभ पहुंचाया जा रहा है। उन्होंने कहा कि देश की जनता को नौकरी, महंगाई से राहत, किसानों के लिए एमएसपी, सामाजिक सुरक्षा, न्याय, सम्मान, लोकतंत्र और संविधान की जरूरत है, न कि झूठे प्रचार, नफरत और विभाजनकारी राजनीति की।

उन्होंने आरोप लगाया कि देश में शिक्षा और स्वास्थ्य जैसे बुनियादी क्षेत्रों का निजीकरण बढ़ाया जा रहा है तथा सार्वजनिक क्षेत्र के प्रमुख उद्योगों को कमजोर किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि ऐसी नीतियों से समाज में आर्थिक असमानता बढ़ रही है और इसका सबसे अधिक प्रभाव गरीब, मजदूर, किसान, आदिवासी और आम जनता पर पड़ रहा है।

कॉमरेड डी. राजा ने कहा कि देश में लोकतांत्रिक एवं जनवादी व्यवस्था की रक्षा के लिए व्यापक जनएकता और संघर्ष की आवश्यकता है। उन्होंने कार्यकर्ताओं से पार्टी के राजनीतिक अभियान को और तेज करने का आह्वान किया।

भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी की राष्ट्रीय सचिव कॉमरेड अमरजीत कौर ने कहा कि भाजपा और आरएसएस वामपंथी ताकतों को अलग-थलग करने का प्रयास करते रहे हैं। उन्होंने कहा कि वामपंथी ताकतें जनहित, लोकतंत्र, धर्मनिरपेक्षता और सामाजिक न्याय के सवालों को लेकर अपना संघर्ष जारी रखेंगी।

सभा में आगामी कार्यक्रमों की घोषणा भी की गई। 2 अक्टूबर 2026, गांधी जयंती के अवसर पर देशभर में सांप्रदायिक सद्भाव एवं सामाजिक सौहार्द रैलियां, 7 नवंबर को सोवियत क्रांति दिवस, तथा 1, 2 और 3 दिसंबर 2026 को केंद्र सरकार की जनविरोधी नीतियों के खिलाफ जेल भरो आंदोलन आयोजित करने का आह्वान किया गया।

अंतरराष्ट्रीय मुद्दों पर पार्टी ने फिलिस्तीन-इजरायल विवाद के समाधान के लिए दो-राष्ट्र सिद्धांत का समर्थन किया तथा गाजा में जारी हिंसा पर चिंता व्यक्त करते हुए पीड़ितों तक मानवीय सहायता पहुंचाने की अपील की। ईरान पर हुए अमेरिकी एवं इजरायली हमलों की निंदा करते हुए तत्काल युद्धविराम की मांग की गई। रूस-यूक्रेन युद्ध को समाप्त करने के लिए बातचीत और कूटनीतिक समाधान का रास्ता अपनाने की अपील की गई।

सभा में आगामी विधानसभा एवं लोकसभा चुनाव बैलेट पेपर से कराने की मांग भी उठाई गई। वक्ताओं ने चुनाव प्रक्रिया में पारदर्शिता और लोकतांत्रिक संस्थाओं की स्वतंत्रता सुनिश्चित करने की आवश्यकता पर जोर दिया।

मध्य प्रदेश से हजारों कार्यकर्ताओं की भागीदारी

मध्य प्रदेश से प्रदेश सचिव कॉमरेड शैलेन्द्र शैली के नेतृत्व में हजारों पार्टी कार्यकर्ताओं ने रैली में सहभागिता की। मध्य प्रदेश राज्य परिषद सदस्य एवं आदिवासी नेता कॉमरेड समर शाह सिंह, राज्य सहायक सचिव कॉमरेड हरिद्वार सिंह, राज्य कार्यकारिणी सदस्य कॉमरेड जनक राठौड़, कॉमरेड पंचू यादव, जानकी सिंह सहित अनूपपुर जिले से सैकड़ों कार्यकर्ता रैली में शामिल हुए।

भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी ने कहा कि “बदलाव जरूरी है” अभियान को गांव-गांव और आम जनता के बीच ले जाकर रोजगार, महंगाई, सामाजिक न्याय, किसान-मजदूरों के अधिकार, आदिवासी अधिकार, लोकतंत्र और संविधान की रक्षा के सवालों पर जनआंदोलन को और मजबूत किया जाएगा।

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