हल्द्वानी रामलीला मैदान के ‘शुद्धिकरण’ पर भड़के रमेश सिंह, बोले दलित नेता के अपमान पर चुप्पी संविधान के साथ अन्याय
राहुल गांधी के खिलाफ FIR को बताया बदले की राजनीति, अत्याचार उन्मूलन अधिनियम के तहत कार्रवाई की मांग; दलित, आदिवासी, पिछड़े और अल्पसंख्यक संगठनों से एकजुट होने की अपील
अनूपपुर। हल्द्वानी के रामलीला मैदान में भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे के कार्यक्रम के बाद कथित रूप से भाजपा एवं आरएसएस से जुड़े लोगों द्वारा मैदान के ‘शुद्धिकरण’ किए जाने के मामले को लेकर राजनीतिक विवाद तेज हो गया है। इस पूरे घटनाक्रम को लेकर भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस अनूपपुर जिला के पूर्व जिलाध्यक्ष एवं अनूपपुर विधानसभा के पूर्व विधायक उम्मीदवार रमेश सिंह ने भाजपा सरकार और आरएसएस पर तीखा हमला बोला है
रमेश सिंह ने कहा कि किसी राजनीतिक दल के राष्ट्रीय अध्यक्ष के कार्यक्रम के बाद जातिगत आधार पर किसी सार्वजनिक स्थल का कथित ‘शुद्धिकरण’ किया जाना बेहद निंदनीय, दुर्भाग्यपूर्ण और संविधान की मूल भावना के विपरीत है। उन्होंने कहा कि यदि किसी दलित नेता के कार्यक्रम के बाद इस प्रकार का कृत्य किया जाता है, तो यह केवल व्यक्ति का अपमान नहीं, बल्कि सामाजिक समानता, सम्मान और संवैधानिक अधिकारों पर भी गंभीर सवाल खड़े करता है
उन्होंने आरोप लगाया कि घटना को 20 दिन से अधिक समय बीत जाने के बावजूद संबंधित लोगों के विरुद्ध अपेक्षित कार्रवाई नहीं की गई। वहीं, इस मामले में कार्रवाई की मांग को लेकर देश के नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी द्वारा एफआईआर दर्ज करने की मांग किए जाने के बाद उनके खिलाफ ही एफआईआर दर्ज किया जाना बदले की भावना से प्रेरित कार्रवाई को दर्शाता है
*“जाति के नाम पर छुआछूत और विभेद स्वीकार नहीं”*
रमेश सिंह ने कहा कि भारत का संविधान प्रत्येक नागरिक को समानता, सम्मान और गरिमा के साथ जीवन जीने का अधिकार देता है। ऐसे में जाति, वर्ग, लिंग या सामाजिक पहचान के आधार पर किसी भी व्यक्ति अथवा समुदाय के साथ भेदभाव किया जाना पूरी तरह आपत्तिजनक है। उन्होंने कहा कि आजादी के इतने वर्षों बाद भी यदि सार्वजनिक जीवन में छुआछूत और जातिगत भेदभाव जैसी मानसिकता दिखाई देती है तो यह पूरे समाज के लिए चिंता का विषय है
उन्होंने कहा कि भाजपा सरकार को इस मामले में संकीर्ण राजनीतिक दृष्टिकोण छोड़कर निष्पक्ष जांच करानी चाहिए और यदि जांच में आरोप सही पाए जाते हैं तो संबंधित व्यक्तियों के विरुद्ध कानून के तहत कठोर कार्रवाई सुनिश्चित की जानी चाहिए
दलित, आदिवासी, पिछड़े और अल्पसंख्यक संगठनों से एकजुट होने की अपील
पूर्व जिलाध्यक्ष अनूपपुर काँग्रेस के रमेश सिंह ने देशभर के उन राजनीतिक दलों एवं सामाजिक संगठनों से एकजुट होने की अपील की, जो दलित, आदिवासी, पिछड़े, अल्पसंख्यक और वंचित वर्गों के अधिकारों तथा सम्मान के लिए आवाज उठाते हैं। उन्होंने कहा कि संविधान की रक्षा और लोकतांत्रिक मूल्यों को मजबूत करने के लिए सभी संगठनों को ऐसे कथित भेदभावपूर्ण कृत्यों के खिलाफ लोकतांत्रिक तरीके से अपनी आवाज बुलंद करनी चाहिए।
उन्होंने कहा कि नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी लगातार दलितों, आदिवासियों, पिछड़ों, अल्पसंख्यकों और शोषित-वंचित वर्गों की आवाज उठाते रहे हैं। ऐसे में सामाजिक न्याय की लड़ाई को मजबूती देने के लिए सभी लोकतांत्रिक ताकतों को एक मंच पर आना चाहिए
अत्याचार उन्मूलन कानून के तहत कार्रवाई की मांग
रमेश सिंह ने मांग की कि यदि जांच में घटना के आरोप सत्य पाए जाते हैं तो संबंधित व्यक्तियों के विरुद्ध अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति (अत्याचार निवारण) अधिनियम सहित लागू कानूनी प्रावधानों के तहत मामला दर्ज कर कार्रवाई की जाए। उन्होंने कहा कि किसी भी नागरिक के साथ जातिगत पहचान के आधार पर अपमान, छुआछूत या भेदभाव की पुनरावृत्ति न हो, यह सुनिश्चित करना शासन और समाज दोनों की जिम्मेदारी है।उन्होंने कहा कि “जाति, लिंग, वर्ग अथवा किसी भी सामाजिक पहचान के आधार पर होने वाला भेदभाव लोकतंत्र और संविधान दोनों के लिए चुनौती है। इसके खिलाफ आवाज उठाना ही सच्ची देशभक्ति और संविधान के प्रति सच्ची निष्ठा है
रमेश सिंह ने सरकार से मांग की कि पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषियों के विरुद्ध कार्रवाई की जाए तथा भविष्य में इस प्रकार की घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने के लिए प्रभावी कदम उठाए जाएं

































































