पीएमओ सलाहकार श्री तरुण कपूर ने बीसीसीएल की प्रमुख परियोजनाओं एवं गतिविधियों की समीक्षा की

---Advertisement---

उच्चस्तरीय प्रतिनिधिमंडल ने सीबीएम ब्लॉक-I एवं मुनीडीह लॉन्गवॉल परियोजना तथा एना अग्नि प्रभावित क्षेत्र का किया दौरा; उच्च जोखिम वाले स्थलों के परिवारों से किया संवाद

माननीय प्रधानमंत्री के सलाहकार श्री तरुण कपूर ने बीसीसीएल के दो दिवसीय (31 अगस्त-01 सितंबर) आधिकारिक दौरे के पहले दिन आज कोयला भवन मुख्यालय में उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक की अध्यक्षता की तथा कंपनी की प्रमुख परिचालन गतिविधियों, परियोजनाओं, तकनीकी पहलों, सुरक्षा व्यवस्था और भावी कार्ययोजनाओं की समीक्षा की। उन्होंने उच्चस्तरीय प्रतिनिधिमंडल के साथ कोल बेड मीथेन (सीबीएम) ब्लॉक-I परियोजना, मुनीडीह XVI सीम लॉन्गवॉल परियोजना तथा कुसुंडा क्षेत्र स्थित एना अग्नि परियोजना का दौरा किया और उच्च जोखिम वाले स्थलों से प्रभावित परिवारों से संवाद किया।

समीक्षा बैठक में कोल इंडिया चेयरमैन श्री बी. साईंराम, सीएमडी बीसीसीएल श्री मनोज कुमार अग्रवाल, संयुक्त सचिव (वस्त्र मंत्रालय) श्रीमती अलकनंदा दयाल; परियोजना सलाहकार, कोयला मंत्रालय श्री आलोक कुमार सिंह, निदेशक (मानव संसाधन) श्री मुरली कृष्ण रमैय्या, निदेशक (तकनीकी/संचालन) श्री संजय कुमार सिंह, निदेशक (वित्त) श्री राजेश कुमार, निदेशक (तकनीकी/परियोजना एवं योजना) श्री राजीव कुमार सिन्हा, रेलवे के वरिष्ठ अधिकारियों सहित क्षेत्रीय महाप्रबंधक, मुख्यालय के महाप्रबंधक/विभिन्न विभागों के विभागाध्यक्ष तथा अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।

बैठक की शुरुआत श्री तरुण कपूर एवं अन्य गणमान्य अतिथियों के औपचारिक स्वागत तथा कोल इंडिया गीत के साथ की गई। सीएमडी बीसीसीएल श्री मनोज कुमार अग्रवाल ने स्वागत संबोधन में कंपनी की प्रमुख परिचालन गतिविधियों, उपलब्धियों, चुनौतियों तथा भावी कार्ययोजना पर प्रकाश डाला। इसके उपरांत निदेशक (तकनीकी/संचालन) श्री संजय कुमार सिंह ने पॉवरपॉइंट प्रस्तुति के माध्यम से बीसीसीएल के परिचालन एवं रणनीतिक परिदृश्य का विस्तृत अवलोकन प्रस्तुत किया।

प्रस्तुति में कंपनी के प्रमुख परिचालन संकेतक, कोयला उत्पादन एवं ऑफटेक, कोयला भंडार, परिचालन क्षमता, प्रमुख शक्तियों एवं चुनौतियों तथा वर्ष 2030-31 तक के उत्पादन लक्ष्यों को रेखांकित किया गया। साथ ही पिछले पांच वर्षों के भूमिगत (UG), ओपनकास्ट (OC) उत्पादन एवं ओवरबर्डन रिमूवल (OBR) से संबंधित प्रदर्शन तथा आगामी पांच वर्षों के लिए कोयला उत्पादन की संभावनाओं एवं योजनाओं का विवरण प्रस्तुत किया गया।

इस दौरान बीसीसीएल में वर्तमान में अपनाई जा रही लॉन्गवॉल माइनिंग, हाईवॉल माइनर एवं एसडीएल जैसी तकनीकों के साथ-साथ सरफेस माइनर एवं कंटीन्यूअस माइनर जैसी आधुनिक तकनीकों के विस्तार, झरिया कोलफील्ड के ओपनकास्ट ब्लॉकों के पुनर्गठन तथा बंद खदानों को एमडीओ/रेवेन्यू शेयरिंग मॉडल के माध्यम से पुनर्विकसित करने की योजनाओं पर भी प्रकाश डाला गया। वाशरी प्रदर्शन, आगामी वाशरी क्षमता विस्तार, कोयला धुलाई तथा कोयला गुणवत्ता सुधार से संबंधित पहलों को भी शामिल किया गया।

गुणवत्ता सुधार के अंतर्गत स्रोत स्तर पर गुणवत्ता के प्रति जागरूकता, उपभोक्ता-केंद्रित गुणवत्ता प्रबंधन, विश्वसनीय प्रयोगशाला विश्लेषण तथा नमूना संग्रहण के मशीनीकरण जैसे उपायों की जानकारी दी गई।

सतत विकास, विविधीकरण एवं स्वच्छ ऊर्जा के अंतर्गत मुनीडीह  एवं महुदा सब-बेसिन स्थित दो सीबीएम ब्लॉकों, इको-पार्क, वनीकरण, धूल नियंत्रण, कोल नीर परियोजना तथा अन्य पर्यावरणीय पहलों की स्थिति प्रस्तुत की गई। इसके साथ ही कंपनी के इंटीग्रेटेड कमांड एंड कंट्रोल सेंटर तथा डिजिटलीकरण एवं स्वचालन से संबंधित पहलों की जानकारी दी गई। मिशन सोलर के अंतर्गत बताया गया कि 31 मार्च 2026 तक बीसीसीएल में 27.97 मेगावाट सौर क्षमता स्थापित एवं चालू की जा चुकी है तथा 538 मेगावाट नेट-जीरो लक्ष्य की दिशा में क्षमता विस्तार की योजना है।

बीसीसीएल की प्रमुख प्राथमिकताओं के रूप में आधुनिकीकरण एवं मशीनीकरण, कोल बेनेफिसिएशन, सुरक्षा एवं उन्नत तकनीक, झरिया अग्नि प्रबंधन, डिजिटलीकरण एवं स्वचालन, नवीकरणीय ऊर्जा एवं विविधीकरण, पर्यावरण संरक्षण तथा खदान बंदी से संबंधित विषयों को भी रेखांकित किया गया। इन क्षेत्रों में वर्तमान स्थिति, प्रमुख चुनौतियों तथा आगे की कार्ययोजना का अवलोकन प्रस्तुत किया गया।

श्री कपूर ने समीक्षा के दौरान सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए समयबद्ध परियोजना क्रियान्वयन, आधुनिक तकनीकों के प्रभावी उपयोग, परिचालन दक्षता, कोयला गुणवत्ता, डिजिटलीकरण, पारदर्शिता तथा पर्यावरणीय उत्तरदायित्व पर बल दिया। उन्होंने कहा कि बीसीसीएल देश के इस्पात क्षेत्र की कोकिंग कोयला आवश्यकता की पूर्ति में रणनीतिक भूमिका निभाती है और उपलब्ध संसाधनों का वैज्ञानिक एवं अधिकतम उपयोग करते हुए कंपनी को अधिक दक्ष, तकनीक-सक्षम, सुरक्षित एवं पर्यावरणीय रूप से उत्तरदायी संस्था के रूप में आगे बढ़ना चाहिए। उन्होंने झरिया के अग्नि प्रभावित एवं उच्च जोखिम वाले क्षेत्रों में सुरक्षा तथा प्रभावित परिवारों के पुनर्वास को भी सर्वोच्च प्राथमिकता देने के निर्देश दिए।

उन्होंने क्षेत्रीय महाप्रबंधकों के साथ संवाद कर क्षेत्रीय स्तर पर सामने आ रही विभिन्न परिचालन एवं प्रशासनिक चुनौतियों, उनके कारणों तथा उनसे निपटने के लिए संबंधित क्षेत्रों द्वारा किए जा रहे प्रयासों की जानकारी ली। उन्होंने प्रभावी क्षेत्रीय पहलों को साझा करने, अंतर-विभागीय समन्वय को मजबूत करने तथा स्थानीय स्तर पर आने वाली बाधाओं के समयबद्ध समाधान के माध्यम से उत्पादन एवं परिचालन दक्षता में और सुधार लाने पर बल दिया।

बैठक के अंत में निदेशक (मानव संसाधन) श्री मुरली कृष्ण रमैया ने धन्यवाद ज्ञापन प्रस्तुत किया। अपने संबोधन में उन्होंने बीसीसीएल में अपने कार्यकाल के दौरान मिले सहयोग एवं अनुभवों के प्रति आभार व्यक्त किया तथा कंपनी के अधिकारियों एवं कर्मचारियों की सामूहिक प्रतिबद्धता और टीम भावना को बीसीसीएल की निरंतर प्रगति का आधार बताया। उल्लेखनीय है कि श्री रमैया आज अधिवर्षिता आयु पूर्ण कर सेवानिवृत्त हो रहे हैं। उन्होंने बीसीसीएल के उज्ज्वल भविष्य तथा कंपनी की निरंतर प्रगति के लिए अपनी शुभकामनाएं व्यक्त कीं।

उच्चस्तरीय प्रतिनिधिमंडल ने सीबीएम ब्लॉक-I एवं मुनीडीह लॉन्गवॉल परियोजना का किया निरीक्षण

बैठक के उपरांत श्री कपूर के नेतृत्व में उच्चस्तरीय प्रतिनिधिमंडल ने कोल बेड मीथेन (सीबीएम) ब्लॉक-I परियोजना तथा मुनीडीह भूमिगत लॉन्गवॉल परियोजना का निरीक्षण किया। इस दौरान सीबीएम गैस संसाधनों के दोहन तथा आधुनिक, यंत्रीकृत भूमिगत खनन के माध्यम से सुरक्षित एवं सतत कोकिंग कोयला उत्पादन की दिशा में किए जा रहे प्रयासों की समीक्षा की गई तथा प्रतिनिधिमंडल को सीबीएम गैस के दोहन की तकनीक, परियोजना की प्रगति तथा इसके क्रियान्वयन की योजनाओं से अवगत कराया गया।

सीबीएम गैस को उपयोगी स्वच्छ ऊर्जा संसाधन के रूप में विकसित करने तथा भूमिगत गैस से जुड़े सुरक्षा जोखिमों को कम करने की संभावनाओं पर भी चर्चा हुई।

इसके बाद श्री कपूर ने मुनीडीह XVI सीम लॉन्गवॉल परियोजना का निरीक्षण किया।

निरीक्षण के दौरान मशीनीकृत लॉन्गवॉल खनन के माध्यम से सुरक्षित, दक्ष एवं सतत भूमिगत कोकिंग कोयला उत्पादन सुनिश्चित करने पर जोर दिया गया। आधुनिक भूमिगत खनन तकनीक के माध्यम से देश के इस्पात उद्योग के लिए आवश्यक प्राइम कोकिंग कोयले की स्थिर एवं विश्वसनीय आपूर्ति को सुदृढ़ करने की संभावनाओं की भी समीक्षा की गई।

प्रतिनिधिमंडल ने इस बात पर बल दिया कि आधुनिक भूमिगत खनन तकनीक और सीबीएम संसाधनों का समन्वित उपयोग देश की ऊर्जा सुरक्षा को सुदृढ़ करने, घरेलू कोकिंग कोयला उपलब्धता बढ़ाने तथा आयात पर निर्भरता कम करने की दिशा में महत्वपूर्ण योगदान दे सकता है। साथ ही, सुरक्षित, पर्यावरणीय रूप से उत्तरदायी एवं सतत खनन पद्धतियों को अपनाने पर जोर दिया गया। श्री कपूर ने परियोजना में मानक संचालन प्रक्रियाओं के कड़ाई से अनुपालन, सुरक्षित एवं समयबद्ध कमीशनिंग तथा आधुनिक यंत्रीकृत खनन तकनीक के प्रभावी उपयोग पर विशेष जोर दिया।

एना अग्नि परियोजना एवं उच्च जोखिम वाले परिवारों से संवाद

दौरे के अगले चरण में श्री कपूर ने अधिकारियों के साथ कुसुंडा क्षेत्र स्थित एना अग्नि परियोजना का निरीक्षण किया तथा अग्नि प्रबंधन, सुरक्षा उपायों और संबंधित गतिविधियों की जानकारी ली। उन्होंने झरिया अग्नि प्रबंधन के अंतर्गत वैज्ञानिक अग्नि पहचान, थर्मल/सैटेलाइट निगरानी, उत्खनन तथा प्रभावित क्षेत्रों के क्रमिक पुनर्वास जैसे उपायों की विस्तृत समीक्षा की।

इस दौरान उन्होंने उच्च जोखिम वाले स्थलों से प्रभावित परिवारों से संवाद कर उनकी समस्याओं और अपेक्षाओं को जाना तथा अधिकारियों को प्रभावित परिवारों की सुरक्षा, पुनर्वास एवं पुनर्स्थापन से संबंधित कार्यों को संवेदनशील, पारदर्शी और मानवीय दृष्टिकोण के साथ आगे बढ़ाने के निर्देश दिए। कार्यक्रम के दौरान सभी वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे।

विदित हो कि श्री तरुण कपूर अपने दो दिवसीय आधिकारिक दौरे के तहत आज धनबाद पहुंचे। दुर्गापुर एयरपोर्ट पर सीएमडी बीसीसीएल श्री मनोज कुमार अग्रवाल सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारियों ने उनका आत्मीय अभिनंदन किया। धनबाद पहुंचने पर बीसीसीएल गेस्ट हाउस में बीसीसीएल सीआईएसएफ यूनिट द्वारा उन्हें गार्ड ऑफ ऑनर दिया गया। इसके उपरांत श्री कपूर ने कोयला भवन मुख्यालय में उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक की अध्यक्षता की तथा अपने निर्धारित कार्यक्रम के तहत सीबीएम ब्लॉक-I एवं मुनीडीह लॉन्गवॉल परियोजना और कुसुंडा क्षेत्र स्थित एना अग्नि परियोजना का दौरा किया।

श्री कपूर के अपने दो दिवसीय दौरे के दूसरे दिन कल बेलगढ़िया एवं करमाटांड़ पुनर्वास स्थलों का दौरा करेंगे। इसके अतिरिक्त जेएमपी/जेआरडीए तथा अन्य संबंधित विषयों की समीक्षा का भी कार्यक्रम निर्धारित है।

Join WhatsApp

Join Now

Join Telegram

Join Now

Related News

October 23, 2026

October 23, 2026

October 23, 2026

October 23, 2026

October 23, 2026

October 23, 2026

Leave a Comment