सड़क निर्माण के बाद लाखों के गबन के आरोप, पंचायत में अनशन पर बैठे ग्रामीण

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सड़क निर्माण के बाद लाखों के गबन के आरोप, पंचायत में अनशन पर बैठे ग्रामीण

सरपंच-सचिव की मिलीभगत का आरोप, जनसुनवाई में शिकायत के बावजूद कार्रवाई नहीं होने से नाराज ग्रामीण

जमुना बदरा अनूपपुर। जनपद पंचायत अंतर्गत ग्राम पंचायत सकोला में सड़क निर्माण कार्य को लेकर ग्रामीणों ने गंभीर आरोप लगाए हैं। ग्रामीणों का आरोप है कि पंचायत क्षेत्र में करीब 3 मीटर चौड़ी सड़क का निर्माण कराए जाने के बाद निर्माण कार्य में लाखों रुपये की अनियमितता की गई है। मामले में ग्रामीणों ने सरपंच एवं सचिव की कथित मिलीभगत का आरोप लगाते हुए जांच और दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है।

ग्रामीणों का कहना है कि पंचायत में कराए गए सड़क निर्माण कार्य की गुणवत्ता और खर्च को लेकर कई सवाल खड़े हो रहे हैं। आरोप है कि शासकीय राशि का उचित उपयोग नहीं किया गया तथा निर्माण कार्य में अनियमितता बरती गई। ग्रामीणों द्वारा इस मामले की शिकायत अधिकारियों से लेकर जनसुनवाई तक में की जा चुकी है, लेकिन अभी तक अपेक्षित कार्रवाई नहीं होने से लोगों में नाराजगी बढ़ती जा रही है।

कार्रवाई की मांग को लेकर अनशन

मामले को लेकर ग्राम पंचायत सकोला के ग्रामीण अब पंचायत स्तर पर अनशन पर बैठ गए हैं। ग्रामीणों का कहना है कि जब तक पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराकर जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कार्रवाई नहीं की जाती, तब तक उनका विरोध जारी रहेगा।

ग्रामीणों ने प्रशासन से मांग की है कि सड़क निर्माण कार्य की तकनीकी जांच कराई जाए, निर्माण में खर्च हुई राशि और पंचायत के दस्तावेजों की जांच की जाए तथा यदि किसी प्रकार की वित्तीय अनियमितता सामने आती है तो संबंधित जिम्मेदारों से राशि की वसूली करते हुए नियमानुसार कार्रवाई की जाए।

जनसुनवाई में शिकायत के बाद भी कार्रवाई का इंतजार

ग्रामीणों के अनुसार मामले को लेकर जनसुनवाई में भी शिकायत प्रस्तुत की जा चुकी है। इसके बावजूद कार्रवाई नहीं होने से ग्रामीणों में असंतोष है। ग्रामीणों का सवाल है कि जब शिकायत प्रशासन के संज्ञान में पहुंच चुकी है, तो जांच और कार्रवाई में देरी क्यों हो रही है।

अब ग्रामीणों की निगाह जिला प्रशासन और जनपद पंचायत अनूपपुर के अधिकारियों पर टिकी हुई है। ग्रामीणों ने पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराकर वास्तविक स्थिति सामने लाने और दोषी पाए जाने वाले लोगों पर सख्त कार्रवाई किए जाने की मांग की है।

अब सवाल यह है कि ग्रामीणों की शिकायत पर प्रशासन कब जांच शुरू करता है और यदि आरोप सही पाए जाते हैं तो जिम्मेदारों के खिलाफ क्या कार्रवाई होती है।
शिकायतकर्ता:
नरेंद्र कुमार साहू — समाजसेवी
विकास कुमार साहू — भारतीय जनता पार्टी युवा

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