श्री करौली शंकर महादेव धाम में जगद्गुरु शंकराचार्य की प्रतिमा का अनावरण; महामंडलेश्वर करौली शंकर दास महाराज ने किया प्राण-प्रतिष्ठान

---Advertisement---

श्री करौली शंकर महादेव धाम में जगद्गुरु शंकराचार्य की प्रतिमा का अनावरण; महामंडलेश्वर करौली शंकर दास महाराज ने किया प्राण-प्रतिष्ठान

अनूपपुर- सनातन परंपरा और आध्यात्मिक चेतना के प्रमुख केंद्र ‘श्री करौली शंकर महादेव धाम’ में गुरु पूर्णिमा के पावन अवसर पर एक भव्य अनुष्ठान संपन्न हुआ।
धाम परिसर में आद्य जगद्गुरु भगवान शंकराचार्य जी की प्रतिमा का अनावरण एवं शास्त्रीय विधि-विधान से प्राण-प्रतिष्ठान श्री श्री 1008 महामंडलेश्वर पूर्ण गुरु श्री करौली शंकर दास जी महाराज के कर-कमलों द्वारा किया गया। इस अलौकिक क्षण का साक्षी बनने और गुरु दीक्षा व ध्यान-साधना शिविर में भाग लेने के लिए देश-विदेश से हजारों श्रद्धालु धाम पहुंचे।
ज्ञान और आत्म-साक्षात्कार का संदेश
वैदिक मंत्रोच्चार के बीच संपन्न हुए इस अनुष्ठान के बाद साधकों को संबोधित करते हुए महाराज श्री ने कहा कि भगवान शंकराचार्य जी सनातन धर्म के पुनरुद्धारक और अद्वैत वेदांत के मुख्य ध्वजवाहक हैं। उनकी प्रतिमा स्थापना का मुख्य उद्देश्य साधकों में ज्ञान, विवेक और आत्म-साक्षात्कार की भावना को पुनर्जाग्रत करना है।
वैदिक आरोग्य और ‘करौली सरकार’ का मूल दर्शन
कानपुर स्थित यह धाम आज वैदिक चिकित्सा और आध्यात्मिक आरोग्य का प्रमुख केंद्र बन चुका है। महामंडलेश्वर श्री करौली शंकर दास जी (करौली सरकार) की विचारधारा पारंपरिक भक्ति को आधुनिक जीवन शैली के साथ जोड़ती है।
स्मृति प्रक्षालन सिद्धांत: उनका मानना है कि मनुष्य के अधिकांश मानसिक,शारीरिक और पारिवारिक कष्टों का कारण उसके भीतर जमा नकारात्मक स्मृतियां (Memories) हैं,जिन्हें वैदिक हवन और साधना द्वारा दूर किया जा सकता है।
अद्वैत व स्व-जागरण: ईश्वर मनुष्य के भीतर ही विद्यमान है। ध्यान और साधना के माध्यम से हर व्यक्ति अपनी सोई हुई चेतना को जगा सकता है।
सनातन का व्यावहारिक रूप: वे सनातन को केवल कर्मकांड न मानकर जीवन जीने की शैली और ‘आरोग्य विज्ञान’ मानते हैं।
विशाल महाप्रसाद के साथ समापन
पूर्णिमा पर्व पर आयोजित यह आयोजन केवल एक धार्मिक घटना नहीं, बल्कि सनातन संस्कृति के पुनर्जागरण का प्रतीक रहा। समारोह का समापन विशाल भंडारे और महाप्रसाद वितरण के साथ हुआ, जिसमें हजारों श्रद्धालुओं ने प्रसादम ग्रहण किया।
उक्ताशय की जानकारी करौली शंकर महादेव धाम से जुड़ी दीक्षित भक्त हनी चौरसिया एवं राजेश सिंह ने संयुक्त रूप से दी।

Join WhatsApp

Join Now

Join Telegram

Join Now

Related News

July 29, 2026

July 29, 2026

July 29, 2026

July 29, 2026

July 29, 2026

July 29, 2026

Leave a Comment