स्वच्छता को जन आंदोलन बना रहा एनसीएल, प्लास्टिक मुक्त और स्वच्छ परिसर के लिए चल रहे व्यापक अभियान

सिंगरौली। भारत सरकार की मिनीरत्न कंपनी नॉर्दर्न कोलफील्ड्स लिमिटेड (एनसीएल) में स्वच्छता पखवाड़ा 2026 के अंतर्गत व्यापक स्तर पर स्वच्छता एवं जनजागरूकता अभियान संचालित किए जा रहे हैं। 16 जून से 30 जून तक चल रहे इस विशेष अभियान के तहत एनसीएल की सभी परियोजनाओं एवं इकाइयों में स्वच्छता को जन आंदोलन का रूप देने के उद्देश्य से श्रमदान, जागरूकता रैली, नुक्कड़ नाटक, प्रतियोगिताएं और पर्यावरण संरक्षण से जुड़ी विभिन्न गतिविधियां आयोजित की जा रही हैं।
अभियान के तहत एनसीएल के कार्यालय परिसरों, आवासीय कॉलोनियों, खदान क्षेत्रों एवं सार्वजनिक स्थलों पर विशेष सफाई अभियान चलाकर स्वच्छ एवं सुंदर वातावरण तैयार करने का प्रयास किया जा रहा है। कर्मचारियों, उनके परिवारों, विद्यार्थियों एवं स्थानीय नागरिकों की सहभागिता से स्वच्छता के प्रति सामाजिक जिम्मेदारी का संदेश दिया जा रहा है।
पर्यावरण संरक्षण को बढ़ावा देने के उद्देश्य से खड़िया, ककरी एवं अमलोरी परियोजना तथा सीडब्ल्यूएस इकाई द्वारा आमजन के बीच जूट के थैलों का वितरण कर सिंगल यूज प्लास्टिक के उपयोग को कम करने की मुहिम चलाई जा रही है। वहीं दूधीचुआ परियोजना में बेहतर अपशिष्ट प्रबंधन को प्रोत्साहित करने के लिए डस्टबिन वितरित किए गए। झिंगुरदा परियोजना में आयोजित निबंध लेखन प्रतियोगिता में कर्मियों ने उत्साहपूर्वक भाग लेकर स्वच्छता के प्रति अपनी प्रतिबद्धता दिखाई।
सीडब्ल्यूएस इकाई में आयोजित विशेष सफाई अभियान में केंद्रीय विद्यालय के छात्र-छात्राओं ने बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया। विद्यार्थियों ने सामूहिक श्रमदान कर समाज को स्वच्छता का संदेश दिया, वहीं अधिकारियों और कर्मचारियों ने भी स्वयं सफाई कार्य में भाग लेकर इसे सामाजिक दायित्व के रूप में अपनाने की प्रेरणा दी।
जयंत परियोजना ने स्वच्छता अभियान को नई दिशा देते हुए क्षेत्र के पांच प्रमुख विद्यालयों को प्लास्टिक एवं स्पिट फ्री बनाने की पहल की है। इन विद्यालयों में एकल उपयोग प्लास्टिक पर रोक लगाने, परिसर की साफ-सफाई बनाए रखने और थूकने जैसी अस्वच्छ आदतों को समाप्त करने के लिए विशेष जागरूकता कार्यक्रम चलाए जाएंगे।
अमलोरी परियोजना द्वारा ग्रामीण क्षेत्रों में जन चौपाल आयोजित कर लोगों को कपड़े एवं जूट के थैलों के उपयोग तथा घर एवं आसपास स्वच्छता बनाए रखने के लिए प्रेरित किया गया। डीएवी अमलोरी के विद्यार्थियों ने नुक्कड़ नाटक प्रस्तुत कर प्लास्टिक के दुष्प्रभाव और स्वच्छ जीवनशैली का संदेश ग्रामीणों तक पहुंचाया।
एनसीएल प्रबंधन के अनुसार स्वच्छता पखवाड़ा 30 जून तक निरंतर जारी रहेगा। इस दौरान स्वच्छता रैलियां, लोकगीत, चित्रकला, निबंध एवं प्रश्नोत्तरी प्रतियोगिताओं के साथ विभिन्न कार्यशालाएं आयोजित की जाएंगी। साथ ही जल स्रोतों की सफाई, अस्पताल एवं विद्यालय परिसरों में विशेष अभियान, वर्षा जल संचयन, व्यापक वृक्षारोपण तथा पौधा वितरण जैसी पर्यावरण संरक्षण की गतिविधियों को भी प्राथमिकता दी जा रही है।
एनसीएल का यह अभियान केवल सफाई तक सीमित नहीं है, बल्कि स्वच्छ पर्यावरण और स्वस्थ समाज की दिशा में जनभागीदारी को मजबूत करने का एक महत्वपूर्ण प्रयास बनता जा रहा है।




































