साहित्य और संस्कृति को नई पहचान देगी ‘मृदंगार’ पत्रिका, गरिमामय समारोह में हुआ विमोचन

सांक्टोरिया। राजभाषा विभाग द्वारा आयोजित राजभाषा कार्यान्वयन समिति की बैठक के दौरान एक गरिमामय समारोह में बांग्ला साहित्यिक पत्रिका ‘मृदंगार’ का विधिवत विमोचन किया गया। इस अवसर पर अध्यक्ष-सह-प्रबंध निदेशक ने मुख्य अतिथि के रूप में तथा निदेशक (मानव संसाधन) ने विशिष्ट अतिथि के रूप में उपस्थित होकर पत्रिका का औपचारिक लोकार्पण किया।
मुख्य अतिथि ने अपने संबोधन में कहा कि साहित्यिक पत्रिकाएं भाषा, ज्ञान, संस्कृति और रचनात्मक अभिव्यक्ति को प्रोत्साहित करने का महत्वपूर्ण माध्यम हैं। ऐसी पत्रिकाएं नई प्रतिभाओं को मंच प्रदान करने के साथ-साथ समाज की सांस्कृतिक विरासत को संजोने का कार्य भी करती हैं।
उन्होंने ‘मृदंगार’ पत्रिका से जुड़े संपादकीय मंडल, लेखकों और सभी रचनाकारों को बधाई देते हुए भविष्य में भी साहित्य और भाषा के संवर्धन के लिए निरंतर प्रयास करने की शुभकामनाएं दीं।
राजभाषा विभाग की इस पहल को भाषा एवं साहित्य के क्षेत्र में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। बांग्ला भाषा की साहित्यिक पत्रिका ‘मृदंगार’ के माध्यम से साहित्यकारों और पाठकों को विचारों एवं रचनाओं के आदान-प्रदान का एक सशक्त मंच प्राप्त होगा।
कार्यक्रम में राजभाषा कार्यान्वयन समिति के सदस्य, अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित रहे। इस अवसर पर भाषा संरक्षण, साहित्य संवर्धन एवं रचनात्मक अभिव्यक्ति को बढ़ावा देने की प्रतिबद्धता व्यक्त की गई।




































