71 क्विंटल से अधिक संदिग्ध बीज जब्त, नियमों का उल्लंघन करने वाले प्रतिष्ठानों को नोटिस
लाइसेंस निरस्तीकरण और एफआईआर की चेतावनी
मनेन्द्रगढ़। खरीफ सीजन में किसानों को गुणवत्ताहीन और नकली कृषि आदानों से बचाने के लिये जिला प्रशासन ने कृषि दुकानों पर सख्ती तेज कर दी है। कलेक्टर एवं जिला दण्डाधिकारी एमसीबी के निर्देश पर शनिवार को जिला स्तरीय उड़नदस्ता और राजस्व विभाग की संयुक्त टीम ने केल्हारी क्षेत्र में बीज और कीटनाशक विक्रय केंद्रों का औचक निरीक्षण किया। कार्यवाही के दौरान कई गंभीर अनियमितताएं सामने आईं जिसके बाद संबंधित प्रतिष्ठानों को कारण बताओ नोटिस जारी किया गया है।
संयुक्त जांच दल ने रवि बीज भंडार, गोविंद बीज भंडार, रूमान कृषि केंद्र और केल्हारी फार्मर प्रोड्यूसर कंपनी का निरीक्षण किया गया।
निरीक्षण के दौरान मेसर्स केल्हारी फार्मर प्रोड्यूसर कंपनी लिमिटेड (सेमरिया) में बड़ी अनियमितताएं मिलीं। फर्म संचालक दिनेश साहू द्वारा स्टॉक पंजी, बीज परीक्षण रिपोर्ट और पैकेजिंग संबंधी दस्तावेज प्रस्तुत नहीं किया गया। जांच में बिना वैध अनुमति के हाइब्रिड और रिसर्च धान और सरसों बीजों की पैकेजिंग और भंडारण पाया गया।।कृषि विभाग ने मौके से 168 बोरी यानी कुल 71.40 क्विंटल संदिग्ध बीज जब्त कर बिक्री पर रोक लगा दी है। फर्म को तीन दिवस के भीतर जवाब प्रस्तुत करने के निर्देश दिये गये हैं।
इसके अलावा कीटनाशक दुकानों की जांच में भी कई गंभीर खामियां सामने आईं। दुकानों में बिना वैध स्रोत के कीटनाशक भंडारण, किसानों को पक्का बिल जारी नहीं करना, स्टॉक पंजी एवं रेट लिस्ट का अभाव, एक्सपायरी दवाइयों का भंडारण और बिना लेबल पैकिंग की सामग्री मिली। जांच टीम ने बताया कि कुछ स्थानों पर कीटनाशकों के साथ खाद्य सामग्री का भंडारण भी पाया गया जो सुरक्षा नियमों का उल्लंघन है। कृषि विभाग ने संबंधित प्रतिष्ठानों को कीटनाशी अधिनियम 1968, कीटनाशक नियम 1971 और बीज नियंत्रण आदेश 1983 के तहत कारण बताओ नोटिस जारी किया है। संतोषजनक जवाब नहीं मिलने पर लाइसेंस निरस्तीकरण और एफआईआर जैसी कार्यवाही की जायेगी।
कार्यवाही में जिला स्तरीय निरीक्षक एवं नोडल अधिकारी महेश पैकरा, सहायक संचालक कृषि जयंत पैकरा, वरिष्ठ कृषि विकास अधिकारी रवि गुप्ता, बीज निरीक्षक जितेंद्र झा, ग्रामीण कृषि विस्तार अधिकारी ओमप्रकाश श्रीवास सहित तहसीलदार केल्हारी सतरूपा साहू, राजस्व निरीक्षक रामप्रताप सिंह और पटवारी सरस्वती गुप्ताशामिल रहे।





































