सांप काटने पर बिना समय गंवाए सीधे पंहुचे अस्पताल

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प्राथमिक, सामुदायिक तथा जिला अस्पताल में सर्पदंश मरीजों को मिलेगी आपातकालीन त्वरित सहायता

 

पर्याप्त दवाओ की उपलब्धता के कलेक्टर ने दिए निर्देश

 

अनूपपुर 6 जून 2026/ वर्षाकाल के दौरान ग्रामीण एवं शहरी क्षेत्रों में सर्पघात (सांप काटने) की घटनाओं की आशंका को देखते हुए कलेक्टर श्री हर्षल पंचोली द्वारा स्वास्थ्य सुरक्षा को लेकर विशेष सतर्कता बरतने के निर्देश जारी किए गए हैं। उन्होंने जिले के सभी स्वास्थ्य केन्द्रों के प्रभारियों को अलर्ट पर रहने और सर्पदंश के मामलों में बिना किसी देरी के तत्काल इलाज शुरू करने के निर्देश दिए है।

 

जिला प्रशासन द्वारा नागरिकों से अपील की गई है कि सर्पदंश की स्थिति में समय बर्बाद किए बिना मरीज को तुरंत नजदीकी शासकीय अस्पताल या स्वास्थ्य केंद्र लेकर जाएँ, जहाँ इसका पूर्णतः निःशुल्क और प्रामाणिक उपचार उपलब्ध है।

 

कलेक्टर श्री हर्षल पंचोली के निर्देशों के परिपालन में स्वास्थ्य विभाग ने जिले के सभी प्राथमिक और सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों में एंटी-स्नेक वेनम (ASV) यानी सांप काटने की दवा का पर्याप्त स्टॉक सुनिश्चित कर लिया है। वर्तमान में मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी कार्यालय के भण्डार (स्टोर) में 500 और जिला अस्पताल अनूपपुर में 208 एएसवी वायल सुरक्षित रखे गए हैं। इसके अतिरिक्त जिले के सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों (CHCs) जैसे कोतमा, जैतहरी, पुष्पराजगढ़, परासी, करपा और वेंकटनगर सहित सभी प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों (PHCs) में भी 10 से 80 वायल तक की मानक मात्रा अनिवार्य रूप से उपलब्ध करा दी गई है, ताकि ग्रामीण स्तर पर ही मरीज को तुरंत प्रारंभिक जीवन रक्षक उपचार मिल सके।

 

बचाव और सतर्कता के संबंध में जारी दिशा-निर्देशों में नागरिकों से कहा गया है कि बारिश के दिनों में घरों के आसपास साफ-सफाई रखें और जलजमाव या कबाड़ इकट्ठा न होने दें। रात के समय बाहर निकलते समय अनिवार्य रूप से टॉर्च या रोशनी का उपयोग करें और खेतों में काम करते समय ऊंचे जूते पहनें। यदि किसी व्यक्ति को सांप काट लेता है, तो प्रभावित हिस्से को ज्यादा हिलाए-डुलाए बिना सीधा रखें और बिना घबराए मरीज को तुरंत अस्पताल पहुँचाएँ। सभी स्वास्थ्य अधिकारियों को निर्देशित किया गया है कि वे अपने-अपने क्षेत्रों में सर्पदंश के उपचार की उपलब्धता की जानकारी रखें ताकि आपातकाल में त्वरित सहायता की जा सके।

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