फेसबुक पर हुई दोस्ती के बाद नाबालिग को लेकर भागा बिहार का युवक, दिल्ली से सकुशल बरामद
ऑपरेशन मुस्कान के तहत कोतवाली पुलिस की बड़ी सफलता, 17 वर्षीय बालिका परिजनों को सौंपी गई
अनूपपुर। नाबालिग बालिकाओं की दस्तयाबी के लिए चलाए जा रहे विशेष अभियान “ऑपरेशन मुस्कान” के तहत कोतवाली अनूपपुर पुलिस ने सराहनीय सफलता हासिल करते हुए 17 वर्षीय अपहृत नाबालिग बालिका को दिल्ली से सकुशल बरामद कर उसके परिजनों को सुपुर्द कर दिया है। मामले में बिहार निवासी एक युवक को गिरफ्तार कर पुलिस ने आगे की विवेचना शुरू कर दी है।
जानकारी के अनुसार 20 मई 2026 को एक 17 वर्षीय नाबालिग बालिका के अचानक घर से बिना बताए लापता हो जाने की शिकायत थाना कोतवाली अनूपपुर में दर्ज कराई गई थी। शिकायत के आधार पर पुलिस ने अपराध क्रमांक 286/26 धारा 137(2) बीएनएस के तहत मामला पंजीबद्ध कर बालिका की तलाश शुरू की।
थाना प्रभारी अरविंद जैन के नेतृत्व में गठित विशेष टीम ने लगातार पतासाजी, तकनीकी विश्लेषण और साइबर माध्यमों से जानकारी जुटाई। जांच के दौरान पुलिस को महत्वपूर्ण सुराग मिले, जिसके आधार पर टीम दिल्ली पहुंची। वहां थाना खयाला क्षेत्र के रूप ढाबा के पास से नाबालिग बालिका को सकुशल दस्तयाब किया गया। पुलिस ने उसे अपने कब्जे में लेकर आवश्यक कानूनी कार्रवाई के बाद परिजनों को सौंप दिया।
पुलिस जांच में सामने आया कि बालिका की पहचान सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म फेसबुक के माध्यम से बिहार निवासी सोनू कुमार से हुई थी। दोनों के बीच बातचीत बढ़ने के बाद दोस्ती हो गई। आरोप है कि युवक ने सोशल मीडिया के जरिए बालिका को बहला-फुसलाकर अपने साथ दिल्ली ले गया।
मामले में पुलिस ने आरोपी सोनू कुमार पिता सियाराम चौधरी (29 वर्ष), निवासी ग्राम जनखारी, पटना (बिहार) को गिरफ्तार कर लिया है। आरोपी को दिल्ली से गिरफ्तार कर अनूपपुर लाया गया है, जहां उससे पूछताछ की जा रही है तथा मामले की विस्तृत विवेचना जारी है।
इस कार्रवाई में सहायक उपनिरीक्षक सुरेंद्र प्रताप सिंह, प्रधान आरक्षक महेंद्र राठौर, आरक्षक दीपक बुंदेला, महिला आरक्षक अंकिता सोनी तथा साइबर सेल के प्रधान आरक्षक राजेंद्र अहिरवार एवं आरक्षक पंकज मिश्रा की महत्वपूर्ण भूमिका रही।
पुलिस ने जिले के नागरिकों से अपील की है कि वे अपने बच्चों की सोशल मीडिया गतिविधियों पर सतत निगरानी रखें। फेसबुक, इंस्टाग्राम, व्हाट्सएप एवं अन्य सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म के माध्यम से होने वाले साइबर अपराधों और बहला-फुसलाकर ले जाने जैसी घटनाओं से बचाव के लिए अभिभावकों की सतर्कता अत्यंत आवश्यक है।




































